मालेगांव विस्फोट मामला: भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर मुंबई की कोर्ट में हुई पेश

मालेगांव विस्फोट मामला: भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर मुंबई की कोर्ट में हुई पेश

मालेगांव विस्फोट मामला: भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर मुंबई की कोर्ट में हुई पेश

मुंबई: महाराष्ट्र में 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भोपाल से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर बुधवार को यहां एक विशेष एनआईए अदालत में पेश हुई. ठाकुर, पिछली बार जनवरी 2021 में अदालत आई थीं. वह जमानत पर जेल से बाहर हैं. दिन में, उनके वकीलों ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के मामलों के लिए विशेष न्यायाधीश पी. आर. सित्रे से कहा कि चूंकि ठाकुर इलाज के सिलसिले में मुंबई में हैं, इसलिए वह अदालत में उपस्थित होंगी. उन्हें अदालत ने समन जारी नहीं किया था. भोपाल से सांसद, ठाकुर दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर पहुंचीं और अदालत कक्ष में अगली पंक्ति में एक वकील की कुर्सी पर बैठीं. उनके बैठने से पहले उनके सहायकों ने कुर्सी पर मलमल का एक कपड़ा बिछाया. न्यायाधीश ने ठाकुर से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा, जिस पर उन्होंने कहा कि कभी ठीक रहता है, कभी नहीं.  

सांसद ने न्यायाधीश को बताया कि वह शहर के कोकिलाबेन अस्पताल में इलाज करा रही हैं और चूंकि इलाज से उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है इसलिए वह आगे के इलाज के लिए आई हैं. उनकी बीमारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें कई बीमारियां हैं.  उन्होंने कहा कि वह अगले दो दिन मुंबई में रूकेंगी और यदि जरूरत पड़ी तो अस्पताल में भर्ती होंगी. न्यायाधीश सित्रे ने उनसे सुनवाई के घटनाक्रम से अद्यतन रहने को कहा. हाल के महीनों में सामने आये कुछ वीडियो में देखा जा सकता है कि भोपाल से सांसद ठाकुर नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा नृत्य में हिस्सा ले रही हैं और कबड्डी खेलने की भी कोशिश कर रही हैं, जबकि उन्हें मेडिकल आधार पर जमानत मिली है. इन वीडियो के सामने आने पर विवाद छिड़ गया था. अब से पहले की पेशी के दौरान, ठाकुर ने अदालत कक्ष में गंदगी और सुविधाओं की कमी की शिकायत की थी. हालांकि, बुधवार को उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था अच्छी है. न्यायाधीश ने कहा कि कोविड महामारी को लेकर कुछ पाबंदियां थीं और अब बेहतर तरीके से साफ-सफाई की जा रही है. इसके बाद, अदालत ने उनसे कभी भी जरूरत पड़ने पर उपस्थित रहने को कहा, जिस पर ठाकुर ने सहमति जताई. 

मामले में ठाकुर और थल सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सात लोग मुकदमे का सामना कर रहे हैं. मामले में 200 से अधिक गवाह अदालत में पेश किये गये, जिनमें से आठ गवाह अपने बयान से पलट गये. बुधवार को किसी भी गवाह से पूछताछ नहीं की गई. सुनवाई की अगली तारीख एक दिसंबर है. उत्तरी महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में 29 सितंबर 2008 को मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में बंधे विस्फोटक में विस्फोट हो जाने से छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हो गये थे. महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल ठाकुर के नाम पर पंजीकृत थी, जिसके बाद उन्हें 2008 में गिरफ्तार किया गया था. बाद में मामला एनआईए को सौंप दिया गया था. बंबई उच्च न्यायालय ने ठाकुर को 2017 में जमानत दे दी थी. सोर्स- भाषा
 

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