कोलकाता बंगाल में तीसरी बार ममता की सरकार: CM शपथ के बाद बोले राज्यपाल, हिंसा को रोकना सरकार की पहली प्राथमिकता हो

बंगाल में तीसरी बार ममता की सरकार: CM शपथ के बाद बोले राज्यपाल, हिंसा को रोकना सरकार की पहली प्राथमिकता हो

बंगाल में तीसरी बार ममता की सरकार: CM शपथ के बाद बोले राज्यपाल, हिंसा को रोकना सरकार की पहली प्राथमिकता हो

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC (Trinamool Congress) ने एक बार फिर बंपर जीत दर्ज की है, और आज TMC चीफ ममता बनर्जी (Mamta Benarji) ने तीसरी बार बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में बेहद सादगी से शपथ ली. शपथ समारोह के बाद बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Governor Jagdeep Dhankhar) ने बधाई भाषण के बाद कहा कि राज्य में हिंसा रोकना सरकार की प्रहली प्राथमिकता होनी चाहिए. वही ममता की जीत के बाद से ही बंगाल से हिंसा की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त रूख अपनाया है. आज पूरे देश में BJP (Bhartiya Janta Party) ने धरना देने का ऐलान किया है.  

कैबिनेट के साथी 6 या 7 मई को लेंगे शपथ: 
पश्चिम बंगाल में भारी जीत के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को सुबह 10:45 बजे राजभवन में अकेले मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इस कार्यक्रम में BCCI (Board of Control for Cricket in India) प्रेसिडेंट सौरभ गांगुली और बंगाल BJP के अध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) को भी न्योता भेजा गया. ममता की कैबिनेट के साथी 6 या 7 मई को शपथ लेंगे.

कोविड के खिलाफ लडाई को प्राथमिकता: 
ममता का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन (Raj Bhavan) के टाउन हॉल में हो रहा है. इसके बाद ममता बनर्जी राज्य सचिवालय (Secretariat) जाएंगी. समारोह में प्रशांत किशोर समेत TMC के बड़े नेता शामिल होंगे. इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, वाम मोर्चा से विमान बोस, को भी शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया है. ममता ने शपथ के समय बंगाल की जनता को धन्यवाद दिया. दीदी ने कहा की उनकी पहली प्राथमिकता कोविड (Covid) को कंट्रोल करना है. लोगों से शांति की अपील करती हूं. 

हॉट सीट नंनदीग्राम से हारी ममता:
ममता बनर्जी ने राज्य में तीसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभाला. हालांकि, खुद ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट (Nandigram Seat) से चुनाव हार चुकी हैं. हालांकि, 66 साल की ममता बनर्जी को फिर किसी सीट से चुनाव लड़ना पड़ सकता है. इससे पहले ममता ने 20 मई 2011 को पहली और 27 मई 2016 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

कांग्रेस, लेफ्ट के बाद TMC का शासन सबसे ज्यादा:
बंगाल ने 1950 से लगातार 17 सालों तक कांग्रेस को सत्ता सौंपी, लेकिन जब राज्य को सियासी उठापटक (Political Turmoil) का सामना करना पड़ा तो 1977 में उसने वामदलों को चुन लिया. इसके बाद बंगाल ने लेफ्ट को एक या दो नहीं, पूरे सात विधानसभा चुनाव जिताए. लेफ्ट ने CPM की अगुआई में भारी बहुमत के साथ पूरे 34 साल राज किया.

पिछले दस सालों से लगातार बंगाल पर राज कर रही है ममता:
लेफ्ट का दौर खत्म हुआ तो ममता की तृणमूल को सत्ता मिली और वे पिछले दस साल से आरामदायक बहुमत (Comfortable Majority) के साथ बंगाल पर राज कर रही हैं. इस बार फिर वे भारी बहुमत के साथ लौट रही हैं.

शपथ के बाद दीदी को राज्यपाल की नसीहत: 
शपथ के बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Governor Jagdeep Dhankhar) ने ममता को नसीहते देते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था का राज होना चाहिए. कानून के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे. राज्यपाल ने कहा कि हिंसा को रोकना होगा. कोरोना के खिलाफ कठोर कदम उठाने की जरूरत है. उम्मीद है ममता संविधान के हिसाब से चलेगी. देश में ये ऐसा पहला मामला था जिसमें राज्यपाल द्वारा किसी मुख्यमंत्री शपथ के बाद बधाई भाषण के दौरान ऐसा कहा गया है. क्योकि अमुमन राजयपाल मुख्यमंत्री के शपथ लेने के बाद उन्हे केवल बधाई भाषण के जरीए मुख्यमंत्री बनने की बधाई दी जाती है. और शपथ समारोह वही पर समाप्त किया जाता है. 

बंगाल में जारी हिंसा का मुद्दे पर CM और राज्यपाल, दोनों बोले:
शपथ ग्रहण में चौंकाने वाली बात रही, राज्यपाल की हिदायत और उस पर बंगाल की सीएम का रिएक्शन (Reaction). शपथग्रहण (Oath Taking) के बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता को समझाते हुए कहा कि राज्य में जारी हिंसा तुरंत बंद होनी चाहिए. इसके बाद ममता ने कहा कि अभी राज्य की व्यवस्था चुनाव आयोग के पास थी, अब मैं नई व्यवस्था शुरू करूंगी. ममता ने शपथ ग्रहण के बाद कहा कि अभी प्राथमिकता कोविड के खिलाफ लड़ाई को जीतना है. उन्होंने बंगाल में चल रही हिंसा को लेकर कहा कि बंगाली जनता हिंसा पसंद नहीं करती है. हिंसा फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. आज के बाद हिंसा की घटना नहीं होनी चाहिए. राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी कहा- उम्मीद है ममता बनर्जी संविधान का पालन करेंगी. हम चाहते हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था का राज हो और ये हिंसा तुरंत बंद होनी चाहिए.

राज्यपाल से की थीं मुलाकात:
ममता बनर्जी को 3 मई को पार्टी विधायक दल (Party Legislative Party) का नेता चुना गया था. मीटिंग समाप्त होने के बाद ममता ने कहा था कि पार्टी शपथ ग्रहण (Oath Taking) का कार्यक्रम साधारण रखेगी. उन्होंने कहा था कि जब तक देश कोरोना से जंग नहीं जीत जाता, हम किसी भी प्रकार का जश्न नहीं मनाएंगे. बता दें कि चुनाव में TMC को 214 सीटें मिलीं हैं. 3 मई की शाम को ममता बनर्जी ने राज्यपाल से मुलाकात भी की थी.

राजनीतिक हिंसा पर भाजपा ने घेरा:
2 मई को चुनावी परिणामों (Election Results) के बाद TMC की एक बार फिर से सत्ता में वापसी हुई है. हालांकि रिजल्ट के बाद राज्य के कई जिलों में BJP और TMC कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प की खबर आई है. इसमें करीब 11 लोगों की मौत हो गई. BJP के ऑफिस और पार्टी वर्कर्स के घरों और दुकानों में भी आगजनी की खबरें हैं.

सुप्रीम कोर्ट पहुंची भाजपा, PM ने भी जताई चिंता:
पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका लगाकर राज्य में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए केंद्रीय बलों (Central Forces) की तैनाती की मांग की है. वहीं, हिंसा की जांच CBI से कराने की याचिका दायर की है. इस बीच BJP अध्यक्ष जेपी नड्‌डा मंगलवार को हिंसा प्रभावित कार्यकर्ताओं के घर जाकर उनके परिजन से मिले और राज्य में हो रही घटनाओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी राज्यपाल जगदीप धनखड़ से कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है. राज्य के करीब 300 भाजपा कार्यकर्ता और नेताओं के असम में शरण लेने की भी खबर है. इन सभी मामलों के बीच ममता बनर्जी राजनीतिक तौर पर घिरती नजर आ रही हैं. हालांकि उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील के साथ अपने कार्यकर्ताओं पर भी हमले का आरोप लगाया है.

 

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