मोदी की बैठक पर ममता को आया गुस्सा: कहा- बोलने की इजाजत न देना अपमानजनक; Meeting में 10 राज्यों के CM, लेकिन बोले केवल PM

मोदी की बैठक पर ममता को आया गुस्सा: कहा- बोलने की इजाजत न देना अपमानजनक; Meeting में 10 राज्यों के CM, लेकिन बोले केवल PM

मोदी की बैठक पर ममता को आया गुस्सा: कहा- बोलने की इजाजत न देना अपमानजनक; Meeting में 10 राज्यों के CM, लेकिन बोले केवल PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कोरोना महामारी (Covid Epidemic) पर नियंत्रण को लेकर 10 राज्यों के 54 जिले के कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक की. उनकी बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) भी शामिल हुईं, लेकिन उनके राज्य का कोई भी कलेक्टर शामिल नहीं हुआ. मोदी की बैठक के बाद ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाराजगी जाहिर की.

बैठक में 10 राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद, किंतु बोले केवल PM:
उन्होंने कहा कि बैठक में 10 राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे, लेकिन किसी को बोलने नहीं दिया गया. ये अपमानजनक (Offensive) है. उन्होंने कहा कि मीटिंग में सभी मुख्यमंत्री शांत बैठे रहे, किसी ने भी कुछ नहीं कहा. हमें बंगाल (Bengal) के लिए 3 करोड़ वैक्सीन (Vaccine) की मांग करनी थी, लेकिन बोलने ही नहीं दिया गया. केंद्र से हमें इस महीने 13 लाख ही वैक्सीन मिली हैं, जबकि 24 लाख की सप्लाई की जानी थी. उन्होंने कहा कि वे मीटिंग में बतौर CM मौजूद थीं, इसलिए कलेक्टरों (Collectors) को शामिल नहीं होने दिया गया.

ममता का सवाल- बंगाल में टीम भेजी, UP में क्यों नहीं:
ममता ने कहा कि बंगाल में कोरोना केस बढ़ने पर केंद्र सरकार ने फौरन एक टीम भेज दी, लेकिन गंगा (Ganga) में शव मिलने के बाद वहां कोई टीम नहीं गई. वैक्सीन, दवाई, ऑक्सीजन कुछ भी मुहैया नहीं हो पा रहा है. केंद्र सरकार (Central Government) ने संघीय ढांचे (Federal Structure) को नुकसान पहुंचाया है.

बंगाल में वैक्सीनेशन की स्पीड कम केंद्र जिम्मेदार:
ममता ने बंगाल में वैक्सीनेशन की स्पीड (Vaccination Speed) कम होने के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया. ममता ने कहा कि हमनें प्राइवेट तौर पर 60 करोड़ रुपए की वैक्सीन खरीदी हैं. ममता ने वैक्सीन की दूसरी डोज (Second Dose) 3 महीने बाद दिए जाने पर भी सवाल उठाए. ममता ने कहा कि केंद्र को इसके पीछे छिपे कारण स्पष्ट करना चाहिए.

आगे के लिए तैयार रहना होगा: मोदी
बैठक में मोदी ने कहा कि पिछली महामारी हो या फिर ये समय, हर महामारी ने हमें एक बात सिखाई है कि इससे डील (Deal) करने के हमारे तौर-तरीकों में निरंतर बदलाव, निरंतर इनोवेशन जरूरी है. उन्होंने आगे कहा कि ये वायरस म्यूटेंट होने में, स्वरूप बदलने में माहिर है, तो हमारे तरीके और स्ट्रैटजी भी डाइनैमिक (Strategy is also Dynamic) होनी चाहिए. दूसरी लहर के बीच वायरस म्यूटेंट (Virus Mutants) की वजह से अब युवाओं और बच्चों के लिए ज्यादा चिंता जताई जा रही है. आपने जिस तरह से फील्ड पर काम किया है, इससे चिंता को गंभीर होने से रोकने में मदद तो मिली है, लेकिन हमें आगे के लिए तैयार रहना होगा.

वैक्सीन वेस्टेज रोकने पर हो फोकस:
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक विषय वैक्सीन वेस्टेज (Vaccine Waste) का भी है. एक भी वैक्सीन वेस्ट होने का मतलब है, किसी एक जीवन को जरूरी सुरक्षा कवच नहीं मिल पाना. इसलिए वैक्सीन वेस्टेज रोकना जरूरी है. मोदी ने कहा कि फील्ड में किए गए आपके कार्यों से, आपके अनुभवों और फीडबैक (Feedback) से ही प्रैक्टिकल (Practical) और असरदार योजनाएं बनाने में मदद मिलती है.

टीकाकरण की रणनीति में भी सुझावों को शामिल कर आगे बढ़ाया जा रहा:
टीकाकरण की रणनीति (Vaccination Strategy) में भी हर स्तर पर राज्यों और कई स्टेकहोल्डर (Stakeholder) से मिलने वाले सुझावों को शामिल करके आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जीवन बचाने के साथ-साथ हमारी प्राथमिकता जीवन को आसान बनाए रखने की भी है. गरीबों के लिए मुफ्त राशन (Free Ration) की सुविधा हो, दूसरी आवश्यक सप्लाई हो या कालाबाजारी (Black Marketing) पर रोक हो, ये सब इस लड़ाई को जीतने और आगे बढ़ने के लिए जरूरी है.

इन राज्यों के कलेक्टर हुए शामिल:
प्रधानमंत्री ने झारखंड, महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान, ओडिशा, हरियाणा, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और पुडुचेरी के कई जिलों के कलेक्टरों से चर्चा की. इससे पहले PMO की तरफ से मीटिंग को लेकर राज्यों के मुख्य सचिव, गृह सचिव (Chief Secretary, Home Secretary) और पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर जानकारी दे दी गई थी. PM की बैठक से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस मामले में राज्यों से प्रजेंटेशन (Presentation) मांगा था.

18 मई को 9 राज्यों के 46 कलेक्टरों के साथ कर चुके हैं बैठक:
इससे पहले 18 मई को 9 राज्यों के 46 जिलों के कलेक्टरों के साथ PM मोदी वर्चुअल मीटिंग (Virtual Meeting) कर चुके हैं. इस मीटिंग में उन्होंने कहा था कि जब एक जिला जीतता है, तभी देश जीतता है. हमारे देश में जितने जिले हैं, उतनी ही अलग-अलग चुनौतियां हैं. इस दौरान उन्होंने जिले में लोकल कन्टेनमेंट जोन, एग्रेसिव टेस्टिंग (Local Containment Zone, Aggressive Testing) और लोगों तक सही और पूरी जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया था.

गौरतलब है कि उन्होंने साथ ही कहा था कि जिले के अस्पतालों में कितने बेड उपलब्ध हैं? कहां उपलब्ध हैं? इस तरह की जानकारी देने से लोगों की सहूलियत (Vantage) बढ़ती है. साथ ही उन्होंने कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए भी सख्त निर्देश दिए थे.

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