मानसिक रुप से अस्वस्थ युवक गलती से पहुंचा पाकिस्तान, 11 साल बाद हुई वतन वापसी, ये है पूरी कहानी...

मानसिक रुप से अस्वस्थ युवक गलती से पहुंचा पाकिस्तान, 11 साल बाद हुई वतन वापसी, ये है पूरी कहानी...

मानसिक रुप से अस्वस्थ युवक गलती से पहुंचा पाकिस्तान, 11 साल बाद हुई वतन वापसी, ये है पूरी कहानी...

मिर्जापुरः हाल ही में सीमापार से एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जहां राजस्थान की सीमा से भटकते हुए करीब 11 वर्ष पूर्व पुनवाली लाल नाम का एक शख्स पाकिस्तान में प्रवेश कर गया था. जिसके 11 साल बाद उस शख्स की वतनवापसी हो गई है. बताया जा रहा है कि वह उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर जिले के भरूहना गांव का रहने वाला था. विभिन्‍न प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद पुनवासी अपनी बहन किरण के साथ घर लौटा तो लोग खुशी से झूम उठे थे.

जिले में पहुंचते ही पुनवासी का स्वागत पुलिस लाइन में प्रभारी जिलाधिकारी अविनाश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने किया था. मिर्ज़ापुर के पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पुनवासी लाल देहात कोतवाली क्षेत्र के भरूहना गांव का निवासी है और उसके पिता खेतिहर मजदूर थे. गौरतलब है कि पुनवासी मानसिक रूप से अस्वस्थ था और एक ट्रक में सवार होकर राजस्थान चला गया जहां से भटक कर पाकिस्तान चला गया था.

इसके बाद पाकिस्तान पुलिस ने युवक को पकड़ कर सीमा में अनाधिकार प्रवेश के तहत थाना नौलखा, लाहौर में मुकदमा दर्ज कर उसको जेल में डाल दिया था. पुनवासी की वापसी की प्रक्रिया पांच वर्ष पहले शुरू हुई थी, जब भारत सरकार की ओर से एक पत्र वाराणसी के जिलाधिकारी को भेजा गया था, लेकिन जिला प्रशासन उसके मूल स्‍थान की खोज नहीं कर सका था. पिछले वर्ष एक बार फ‍िर नए सिरे से उसकी खोजबीन शुरू हुई थी और तब पता चला कि पाकिस्‍तान की जेल में बंद पुनवासी मिर्जापुर की देहात कोतवाली के भरुहना गांव का निवासी है.

इसके बाद भरुहना गांव जाने पर पुलिस को पता चला था कि पुनवासी उसी गांव का रहने वाला है और कुछ वर्षों से लापता है. गांव में ही बताया गया था कि उसकी बहन किरण की जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बसई में शादी हुई है. किरण से पुलिस ने संपर्क करके पुनवासी की वापसी की पहल की थी. अभिसूचना विभाग के अधिकारी ने कहा था कि पुनवासी की बहन किरण ने उन्हें दिखाए गए चित्र के माध्यम से पहचाना और कहा था कि वो दस साल पहले कहीं चला गया था.

पहचान स्थापित करने के बाद पुनवासी की वापसी की प्रक्रिया प्रशस्त हुई और आखिरकार उसे 17 नवंबर, 2020 को अटारी सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दिया गया था. अधिकारी ने कहा कि जिलाधिकारी ने पुनावासी को वापस लाने के लिए एक कांस्टेबल को उसकी बहन और बहनोई के साथ अमृतसर भेजा था. जिसके बाद उसे पुलिस लाइंस लाया गया था, जहां जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने उसका स्‍वागत किया था. इसके बाद उसे बहन के साथ लालगंज क्षेत्र के बसई ग्राम में भेज दिया गया था. (सोर्स-भाषा)

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