गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय, राज्य की नई पर्यटन नीति को भी मंजूरी

गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय, राज्य की नई पर्यटन नीति को भी मंजूरी

जयपुर: प्रदेश का सियासी संकट खत्म होने के बाद पहली बार हुई गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक में बड़े फैसले लिए गए. वर्षों से लंबित प्रदेश की नई पर्यटन नीति को मंजूरी दे दी गई है. दो घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. 

बैठक में राज्य की नई पर्यटन नीति-2020 पर मुहर: 
एक सप्ताह तक तीन बार टलने के बाद आखिरकार बुधवार को गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हो गई. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में राज्य की नई पर्यटन नीति-2020 पर मुहर लगा दी गई है. इस नीति का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. उम्मीद की जा रही है कि नई पर्यटन नीति के आने से प्रदेश के पर्यटन उद्योग को नए पंख्र लगेंगे, क्योंकि कोरोना संकट के कारण पर्यटन उद्योग लगभग ठप हो गया था. आइये एक नजर डालते है इस नीति पर...

आखिर आ ही गई प्रदेश की नई पर्यटन नीति:-
- गहलोत मंत्रिमंडल ने लगा दी पर्यटन नीति पर मुहर
- प्रदेश के पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है यह नीति
- मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनेगी राज्य पर्यटन सलाहकार समिति
- पर्यटन विकास को नीतिगत दिशा-निर्देश प्रदान देगी यह समिति
- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित होगी राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति
- सम्बन्धित विभागों के सचिव शामिल होंगे कार्यकारी समिति में
- नीति का समयबद्ध क्रियान्वयन, निगरानी एवं समीक्षा करेगी यह समिति
- इस नीति में जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता वाली समिति को अधिक कार्यकारी शक्तियां दी
- समिति जिले के पर्यटन विकास सम्बन्धी सभी कार्यों के लिए जिम्मेदार होगी
- पर्यटन विभाग स्थापित करेगा मास्टर ट्रेनर्स अकादमी
- राजस्थान आईएलडी कौशल विश्वविद्यालय के सहयोग से बनेगी अकादमी
- नई विपणन नीति आरम्भ करने के प्रावधान किए गए हैं नई नीति में
- पर्यटन विभाग द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय ब्रान्डिंग की नीति विकसित की जाएगी

पर्यटन नीति के अलावा भी मुख्यमंत्री गहलोत ने कई अहम फैसले किए हैं. मंत्रिमण्डल ने राजस्थान जनसम्पर्क अधीनस्थ सेवा (संशोधित) नियम 2019 को भी मंजूरी दी है. इस पद के लिए साक्षात्कार का प्रावधान हटा दिया है. मंत्रिमण्डल ने PWD में प्रयोगशाला प्रवर्तक के पद पर सीधी भर्ती के लिए राजस्थान अधीनस्थ अभियांत्रिकी (भवन एवं पथ शाखा) सेवा नियम, 1973 में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की है. इसी तरह मंत्रिमण्डल ने सचिवालय में सुरक्षा प्रहरियों के 29 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए राजस्थान अधीनस्थ सेवा (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्तें) नियम, 2001 में संशोधन को मंजूरी दी है.  

- एपीआरओ के शत-प्रतिशत पदों पर अब सीधी भर्ती
- जनसम्पर्क अधीनस्थ सेवा (संशोधित) नियम 2019 को मंजूरी
- सभी शत-प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जा सकेंगे
- इस पद के लिए साक्षात्कार का प्रावधान हटाया गया
- PWD में प्रयोगशाला प्रवर्तक के पद पर सीधी भर्ती का मामला
- अधीनस्थ अभियांत्रिकी (भवन एवं पथ शाखा) सेवा नियम, 1973 में संशोधन
- सचिवालय में सुरक्षा प्रहरियों के 29 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का मामला
- राजस्थान अधीनस्थ सेवा (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्तें) नियम, 2001 में संशोधन

कैबिनेट ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों, झालावाड़ मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल सोसायटी तथा राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी के द्वारा संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में एनआरआई कोटे की सीटों के लिए एकमुश्त फीस के स्थान पर सेमेस्टर वाईज फीस प्राप्त किए जाने को मंजूरी दी है. कैबिनेट ने एनडीपीएस अधिनियम-1985 की धारा 78 व सपठित धारा 71 के अन्तर्गत अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा नियम जारी किए जाने को मंजूरी दी है. इससे नशा मुक्ति केन्द्र खोलने के साथ ही इन केन्द्रों के संचालन के लिए नियम बनाए जा सकेंगे. कैबिनेट ने राजस्थान भिखारियों या निर्धन व्यक्तियों के पुनर्वास नियम-2020 को अधिसूचित करने को भी मंजूरी दी है. कैबिनेट के इस फैसले से भिक्षावृत्ति में लिप्त या निर्धन व्यक्तियों को स्वावलम्बी बनाने के उद्देश्य से ऐसे व्यक्तियों को प्रशिक्षण के बाद वैकल्पिक रोजगार सुलभ कराने और पुनर्वासित कर समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सकेगा. कैबिनेट ने अम्बेडकर पीठ ग्राम मूण्डला, तहसील जमवारामगढ़ जयपुर का प्रशासनिक नियंत्रण, समस्त सम्पत्ति एवं परिसम्पत्तियां डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय के संचालन के लिए उच्च शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने के प्र्रस्ताव का अनुमोदन भी किया है. वहीं राजकीय महाविद्यालय गुढ़ा जिला झुन्झुनूं का नामकरण सेठ केदारनाथ मोदी राजकीय महाविद्यालय गुढ़ा झुन्झुनूं किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन भी किया गया.  

मंत्रिमण्डल की बैठक में बड़े फैसले: 
- नशा मुक्ति केन्द्रों के संचालन के लिए बनेंगे नियम
- भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों का होगा पुनर्वास
- पुनर्वास नियम-2020 को अधिसूचित करने को मंजूरी
- रोजगार सुलभ कराने पर काम करेगी सरकार
- पुनर्वासित कर समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सकेगा
- अम्बेडकर पीठ ग्राम मूण्डला का संचालन उच्च शिक्षा विभाग को हस्तांतरित
- प्रशासनिक नियंत्रण, समस्त सम्पत्ति एवं परिसम्पत्तियां के लिए फैसला
- अब डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय करेगा संचालन
- राजकीय महाविद्यालय गुढ़ा जिला झुन्झुनूं का नाम बदला
- अब सेठ केदारनाथ मोदी राजकीय महाविद्यालय गुढ़ा होगा नाम

गहलोत कैबिनेट ने नागौर जिले के मारवाड़ मूण्डवा गांव में अम्बुजा सीमेन्ट लिमिटेड को ग्रीन फील्ड सीमेन्ट प्लांट की स्थापना करने के लिए एक वर्ष का समयावधि विस्तार प्रदान करने का निर्णय किया है. इससे जिले में करीब 2 हजार करोड़ रूपये के निवेश और करीब 5 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार मिल सकेगा. इस प्लांट का मामला पहले भी विधानसभा में कई बार उठा है. गहलोत कैबिनेट के आज के बड़े फेसलों से न केवल प्रदेश के पर्यटन उद्योग को नए पंख लगेंगे, बल्कि सेवा नियमों में संशोधन के कारण युवाओ के लिए रोजगार के द्वारा भी खुलेंगे. 

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