बाइक रैली के साथ शहीद अजीत सिंह की पार्थिव देह पहुंची उनके पैतृक गांव, क्षेत्र में दौड़ी शोक की लहर

बाइक रैली के साथ शहीद अजीत सिंह की पार्थिव देह पहुंची उनके पैतृक गांव, क्षेत्र में दौड़ी शोक की लहर

बाइक रैली के साथ शहीद अजीत सिंह की पार्थिव देह पहुंची उनके पैतृक गांव, क्षेत्र में दौड़ी शोक की लहर

अलवर: शहीद अजीत सिंह की पार्थिव देह बाइक रैली के साथ आज उनके पैतृक गांव गंडाला में पहुंच गई है. पार्थिव देह के गांव पहुंचने पर चारो तरफ शोक की लहर दौड़ गई और हर आंख नम हो गई. आज राजकीय सम्मान के साथ लाड़ले को अंतिम विदाई दी जाएगी. 

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नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गए थे:
अलवर के मांढण क्षेत्र के गण्डाला निवासी अजीत सिंह यादव 10 फरवरी को नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गए थे. उसके बाद मंगलवार को उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. अजीत सिंह यादव सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन में तैनात थे. अजीत सिंह यादव 1994 में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन में भर्ती हुए थे. तब से वे नक्सलियों से लोहा ले रहे थे. लेकिन 10 फरवरी को वो नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में गोली लगने की वजह से शहीद हो गए. 

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मां कमला देवी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल:
हैड कांस्टेबल अजीत सिंह की शहादत की खबर के बाद उनके गांव गण्डाला में शोक की लहर दौड़ गई. उनकी मां कमला देवी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं प्रदेश के मुखिया अशोक गहलोत ने भी ट्विट करते हुए लिखा कि हेड कांस्टेबल अजीत सिंह की वीरता को सलाम करता हूं, जो बीजापुर में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए. हम इस मुश्किल समय में शहीद के परिवार के साथ है. ऐसे समय में उन्हें हिम्मत मिले. 

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