अस्पताल में प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत, परिजनों पांच घंटे तक किया प्रदर्शन; चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने और मुआवजे की मांग

अस्पताल में प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत, परिजनों पांच घंटे तक किया प्रदर्शन; चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने और मुआवजे की मांग

अस्पताल में प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत, परिजनों पांच घंटे तक किया प्रदर्शन; चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने और मुआवजे की मांग

नीमकाथाना: क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल कपिल चिकित्सालय में प्रसव के दौरान चिकित्सक की लापरवाही से प्रसूता की मौत होने का मामला सामने आया है. पजिनों का ऑन ड्यूटी चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप है. परिजनों ने अस्पताल परिसर में करीब पांच घंटे तक लापरवाह चिकित्सक पर कार्रवाई करने और मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम ने समझाइस से मामला शांत करवाया. 

शव लेने से किया इनकार:
नीमकाथाना कपिल अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में करीब 5 घंटे प्रदर्शन के बाद प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ.परिजनों कहना था कि अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही से महिला की मौत हुई है. सूचना पर कोतवाली थाना अधिकारी राजेश डूडी सदर थाना अधिकारी कस्तूर वर्मा जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश की लेकिन परिजनों शव लेने से इनकार कर दिया और सैकड़ों लोगों के साथ परिजन कपिल अस्पताल मे चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने परिजनों को मुवावजा देने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कपिल अस्पताल में धरने पर बैठ गए. 

करीब पांच घंटे तक किया प्रदर्शन:
करीब 5 घंटे चले प्रदर्शन के बाद उपखंड अधिकारी बृजेश गुप्ता पुलिस उपाधीक्षक गिरधारी लाल शर्मा मौके पहुचे. और समझा इसके बाद मामला शांत करवाया मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उपखंड अधिकारी को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा वही उपखंड अधिकारी बृजेश गुप्ता ने मांगो को लेकर उचित आश्वासन दिया. उसके बाद परिजनों ने शव लेने से के लिए राजी हुए और शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा वहीं परिजनों ने चिकित्सक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करवाया है फिलहाल कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी.

कपिल अस्पताल पीएमओ ने लापरवाही को नकारा:
मामले में जब ​अस्पताल चिकित्सा प्रभारी डॉ. जीएस तंवर से बात की तो बताया कि परिजनों का चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप निराधार है. महिला को प्रेग्नेंसी होनी थी. सोमवार शाम 4 बजे महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. सोमवार की रात और मंगलवार की सुबह करीब चार से पांच बार संबधित चिकित्सक ने महिला को चेक किया था. मंगलवार को महिला को अचानक दौरा आया था. महिला को हाई बीपी की शिकायत भी थी. हमने महिला को बचाने के लिए पूरी कोशिश की थी, किंतु वो नहीं बच पाई. परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार है.

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