प्रसूता की लेबर रूम में डिलीवरी के दौरान मौत, गुस्साए परिजनों ने बरपाया हंगामा

प्रसूता की लेबर रूम में डिलीवरी के दौरान मौत, गुस्साए परिजनों ने बरपाया हंगामा

प्रसूता की लेबर रूम में डिलीवरी के दौरान मौत, गुस्साए परिजनों ने बरपाया हंगामा

बयाना(भरतपुर): कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र में गुरुवार देर रात प्रसव के दौरान प्रसूता की लेबर टेबल पर ही मौत हो गई. प्रसूता की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. गुस्साए परिजनों को देख ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ शव को छोड़कर नदारद हो गया. सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने भी उनके साथ मारपीट की. 

अस्पताल परिसर में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई: 
हंगामे के दौरान मृतका प्रसूता के परिजनों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ कर दी.  घटना की सूचना मिलने पर शुक्रवार सुबह अस्पताल परिसर में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. मृतका के परिजनों के अनुसार थान क्षेत्र के गांव लहचोरा खुर्द निवासी 20 वर्षीय चंचल पत्नी केशव जाटव को परिजनों ने गुरुवार सुबह डिलीवरी के लिए राजकीय अस्पताल के जनाना वार्ड में भर्ती कराया था. चंचल की यह पहली डिलीवरी थी. परिजनों का आरोप है कि जच्चा वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ ने उपचार में लापरवाही बरती. जिससे गुरुवार देर रात करीब 11 बजे चंचल की लेबर रूम में डिलीवरी टेबल पर ही मौत हो गई. परिजनों ने आरोप लगाया है कि तैनात नर्सिंग स्टाफ ने चंचल को कई तरह के इंजेक्शन लगाए जिससे उसके शरीर पर फफोले पड़ गए और शरीर नीला व काला पड़ता चला गया. 

दिन भर स्टाफ नॉर्मल डिलीवरी होने की बात कहते हुए उपचार करता रहा:
मृतका चंचल के पति केशव ने बताया कि उसकी 2 साल पहले शादी हुई. चंचल को अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया था. दिन भर स्टाफ नॉर्मल डिलीवरी होने की बात कहते हुए उपचार करता रहा. लेकिन देर रात लेबर रूम में ले जाने के बाद चंचल की मौत हो गई थी. आरोप है कि चंचल की मौत होने के बाद स्टाफ ने उन्हें भरतपुर जाने की सलाह दी जबकि चंचल की पहले ही मौत हो गई थी. 

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