जयपुर राजस्थान विधानसभा में उठे किसानों, युवाओं व उद्योग जगत से जुड़े मामले

राजस्थान विधानसभा में उठे किसानों, युवाओं व उद्योग जगत से जुड़े मामले

राजस्थान विधानसभा में उठे किसानों, युवाओं व उद्योग जगत से जुड़े मामले

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में आज किसानों, युवाओं व उद्योग जगत से जुड़े मामले उठाये गए. चाहे टिड्डी प्रभावित किसानों का मामला हो या झालावाड़ में किसानों की कर्जमाफी या फिर बेरोजगारों को भत्ता देने का मामला. सरकार ने सदन में आश्वासन दिया कि किसानों के हित के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी. 

 विधानसभा में उठा कोरोना वायरस का मामला, मंत्री डॉ रघु शर्मा ने किया आश्वस्त 

टिड्डी प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का मामला उठा:
सरकार ने राजस्थान विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश के टिड्डी प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का मामला उठा. रानीवाड़ा विधायक नारायण सिंह देवल के प्रश्न के जवाब में मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने कहा कि टिड्डी आक्रमण से प्रदेश के 8 जिलों के 77676 प्रभावित किसानों में से 53 हजार 915 किसानों को 89.93 करोड़ रुपये दिए गए है. मंत्री ने कहा कि एसडीआरएफ के नॉर्म्स के अनुसार 75 फीसदी भारत सरकार का और 25 फ़ीसदी राजस्थान सरकार का शेयर है. उन्होंने कहा कि जिन जिलों से भी कलेक्टर के पास से हमारे यहां रिपोर्ट आएगी उस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार सभी प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराएगी. इस बीच भाजपा विधायक राजेंद्र राठौड़ ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या गुजरात की तर्ज पर किसानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 5000 या ₹10000 की राशि देने की मंशा रखती है या नहीं?

VIDEO: विधानसभा में कोटा के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में हुआ हंगामा, चिकित्सा मंत्री ने दिया जवाब 

किसानों की कर्ज माफी का मामला उठा:
वहीं मनोहर थाना विधायक गोविंद प्रसाद ने झालावाड़ जिले में अक्टूबर 2018 से 15 जनवरी 2020 तक किसानों की कर्ज माफी का मामला उठाया. सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि इस समयावधि के दौरान झालावाड़ जिले में 87438 किसानों का 310 करोड़ रुपए अल्पकालीन फसली ऋण माफ किया गया है. मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि फसली ऋण वितरण का कार्यक्रम भी चल रहा है और अब तक ₹4000 का ऋण बांट दिया गया है जबकि विधायक ने आरोप लगाया कि अभी भी कई ऐसे किसान हैं जिनको ऋण नहीं मिला है. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी इस बारे में सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों का पुराना लोन जमा नहीं होने के कारण दोबारा लोन मिलने की प्रक्रिया नहीं हो पा रही है. 

नया गांव स्थित औद्योगिक क्षेत्र का संवेदनशील मामला भी उठाया गया:
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान ही आज प्रश्नकाल में पाली के नया गांव स्थित औद्योगिक क्षेत्र का संवेदनशील मामला भी उठाया गया. दरअसल इस औद्योगिक क्षेत्र में 501 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं लेकिन अभी भी यहां पर 315 भूखंड खाली पड़े है. ऐसे में विधायक ज्ञानचंद पारख ने उद्योग मंत्री से सवाल पूछा कि क्या खाली पड़े भूखंड में से सरकार ऑरेंज और रेड केटेगरी के उद्योगों को भूखंड आवंटित करेगी, ताकि यह जमीन काम आ जाए. इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार ने किसी भी तरह के उद्योग पर कोई रोक नहीं लगा रखी है. ए व बी केटेगरी पर भारत सरकार से प्रतिबंधित है. फिर भी मैं IDC को कहूंगा कि वह निर्णय बदलकर भारत सरकार से पुनः अनुमति लें. 

VIDEO: विधानसभा में कोटा के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में जमकर हुआ हंगामा

संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहन को लेकर भी सवाल:
अन्य महत्वपूर्ण मामलों के अलावा विधानसभा में आज राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा में रिक्त पदों का मामला भी उठाया गया. वहीं प्रदेश में संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहन देने की कार्य योजना को लेकर भी सरकार से सवाल पूछे गए. सरिस्का अभ्यारण्य में क्षतिग्रस्त सड़क और महवा विधानसभा में माडा योजना में स्वीकृत कार्यों से जुड़े मामले भी सदन में गूंजे. 

और पढ़ें