BSP के दो नेताओं के Political Party में शामिल होने की अटकलों के बीच मायावती ने दोनों को पार्टी से निकाला

BSP के दो नेताओं के Political Party में शामिल होने की अटकलों के बीच मायावती ने दोनों को पार्टी से निकाला

BSP के दो नेताओं के Political Party में शामिल होने की अटकलों के बीच मायावती ने दोनों को पार्टी से निकाला

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती (Bahujan Samaj Party Supremo Mayawati) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए BSP विधानमंडल दल (Legislature Party) के नेता लालजी वर्मा व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर (Former State President and National General Secretary Ram Achal Rajbhar) को बसपा से निष्कासित कर दिया है. मायावती ने यह कार्रवाई इन नेताओं के एक राजनीतिक दल में शामिल होने को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे अटकलों के बीच की है.

दोनों नेता महत्वपूर्ण विभागों के रह चुके है मंत्री:
राम अचल राजभर व लालजी वर्मा (Ram Achal Rajbhar and Lalji Verma) बसपा शासनकाल में महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे हैं और कद्दावर नेता माने जाते हैं. वहीं, आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर विधानसभा सीट से विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को बसपा विधानमंडल दल का नेता नामित किया है. बसपा के सत्ता से बाहर होने के बाद भी पिछड़े वर्ग के ये दो बड़े नेता अभी भी बसपा में थे. रामअचल राजभर की राजभर समाज पर और लालजी वर्मा की कुर्मी समाज पर अच्छी पकड़ मानी जाती है.

निष्काषन के कारण की कोई जानकारी नहीं, बसपा में ही रहेंगे: राम अचल
बसपा से निष्कासित विधायक व राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर का कहना है उन्हें निष्कासन (Expulsion) की कोई जानकारी नहीं है. न तो वह किसी पार्टी में जा रहे थे और न ही जाएंगे. वह बसपा में थे, बसपा में हैं और बसपा में ही रहेंगे। पूर्व मंत्री राम अचल ने 'अमर उजाला' से कहा कि कहा कि बसपा के मिशन व मूवमेंट (Mission and Movement) में आस्था है. बहनजी के नेतृत्व में काम करते रहे हैं, करते रहेंगे.

किसी ने गलतफहमी पैदा की होगी:
उन्होंने कहा कि किसी ने कोई गलतफहमी पैदा की होगी. इसके लिए उन्हें किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है. मुझे नहीं पता कि किस वजह से निष्काषित किया गया है. राम अचल ने कहा कि उन्हें BSP को वोट देने और दिलाने से कोई नहीं रोक सकता.

बसपा के लिए भी बड़ा झटका:
राम अचल राजभर व लालजी वर्मा का निष्कासन इन नेताओं के लिए ही नहीं बसपा के लिए भी बड़ा झटका है. पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Former Minister Swami Prasad Maurya) सहित बसपा में पहली कतार के सभी प्रमुख पिछड़े नेता या तो बसपा छोड़ चुके हैं या निष्कासित किये जा चुके हैं.

बसपा के 18 विधायकों में 11 बागी:
पार्टी विरोधी गतिविधियों में बसपा के 9 विधायक पहले से निलंबित चल रहे हैं. इन दो विधायकों के पार्टी से निष्काषन के बाद पार्टी के अब तक 11 विधायक निष्कासित हो चुके हैं. अब केवल 7 विधायक ही पार्टी में बचे हैं.

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ये 9  विधायक पहले से ही निलंबित: 
1.
 असलम राइनी ( भिनगा-श्रावस्ती)
2. असलम अली (धौलाना-हापुड़)
3. मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-इलाहाबाद)
4. हाकिम लाल बिंद (हांडिया- प्रयागराज)
5. हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर)
6. सुषमा पटेल( मुंगरा बादशाहपुर)
7. वंदना सिंह -( सगड़ी-आजमगढ़)
8. अनिल सिंह   (पुरवा-उन्नाव)
9. रामवीर उपाध्याय (सादाबाद-हाथरस)

 

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