VIDEO: पतंजलि के कोरोना दवा बनाने का दावे सिर्फ 'दुकानदारी' - चिकित्सा मंत्री

VIDEO: पतंजलि के कोरोना दवा बनाने का दावे सिर्फ 'दुकानदारी' - चिकित्सा मंत्री

जयपुर: पतंजलि के कोरोना दवा बनाने के दावे को चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने पूरी तरह से 'दुकानदारी' करार दिया है. चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि भारत सरकार ने 21 अप्रैल 2020 को गजट नोटिफिकेशन जारी किया है. इसके अलावा ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट बना हुआ है, जिसमें 9 पॉइंट का हवाला दिया हुआ है. इन 9 पॉइंट की पालना के अनुरूप ही ड्रग ट्रायल हो सकता है. बिना परमिशन के कोई ड्रग ट्रायल हो ही नहीं सकता. 

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पतंजलि का दावा पूरी तरह कानून विरुद्ध: 
चिकित्सा मंत्री डा रघु शर्मा ने कहा है कि पतंजलि का दावा पूरी तरह कानून विरुद्ध है. इसके लिए ना तो केंद्र से कोई परमिशन ली गई ना ही राज्य सरकार को सूचना दी गई. चिकित्सा मंत्री ने पतंजलि के दावे को दुकानदारी बताया, साथ ही कहा कि पतंजलि का कृत्य सीधे तौर पर अपराध की श्रेणी में आता है. यदि राजस्थान में बिकती हुई दिखी कोरोनिल दवा तो बाबा रामदेव पर होगी कार्रवाई. इसके साथ ही उन्होंने भारत सरकार से भी मांग की कि वे तत्काल प्रभाव से बाबा रामदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए. 

- पतंजलि की कोरोना दवा के दावे चिकित्सा मंत्री का बड़ा बयान
- चिकित्सा मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने 21 अप्रैल 2020 को जारी किया है गजट नोटिफिकेशन
- इसके अलावा ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट बना हुआ है,जिसमें 9 पॉइंट का हवाला दिया हुआ है
- 9 पॉइंट की पालना के अनुरूप ही ड्रग ट्रायल हो सकता है
- बिना परमिशन के तो कोई ड्रग ट्रायल हो ही नहीं सकता
- कोरोना के मामले में तो साइंटिफिक एडवाइजरी कमेटी बनी हुई है
- पतंजलि का दावा पूरी तरह से है कानून विरुद्ध
- ना तो केंद्र से कोई परमिशन ली गई ना ही राज्य सरकार को सूचना दी गई
- चिकित्सा मंत्री ने पतंजलि के दावे को बताया दुकानदारी
- कहा, पतंजलि का कृत्य सीधे तौर पर अपराध की श्रेणी में आता है
- भारत सरकार को तत्काल प्रभाव से बाबा रामदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना चाहिए
- चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यह मानवता के खिलाफ अपराध है
- कोरोना महामारी का समय दुकानदारी चलाने का नहीं है
- निम्स में जो एसिम्टोमेटिक पेशेंट भर्ती किए गए थे
- वह तो खुद ब खुद ही ठीक होकर घर चले गए
- चिकित्सा मंत्री ने साफ कहा कि जो भी इस तरह के अपराध में शामिल है
- फिर चाहे वह बाबा रामदेव हो या फिर निम्स प्रबंधन, सब कानून के दायरे में है
- आखिर इन्हें किसने परमिशन दी मरीजों पर ट्रायल करने की
- जयपुर में एक चिकित्सक डॉ संजीव गुप्ता ने दर्ज कराई है एफआईआर
- बाबा रामदेव के साथ भारतीय जनता पार्टी के भले ही चाहे कैसे रिश्ते रहे हो
- लेकिन इस अपराध के लिए केंद्र सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए
- जयपुर सीएमएचओ को भी इस बारे में खबर नहीं होने के सवाल पर बोले चिकित्सा मंत्री
- जब रामगंज में केस बड़े थे, तो कुछ मरीज निम्स में शिफ्ट किए गए थे
- लेकिन जब वहां पर शिकायत आई तो हमने मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया
- ट्रायल को लेकर राजस्थान सरकार से कोई अनुमति नहीं ली गई है

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