चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा का बयान, कहा-हम आयुर्वेद पद्धति का नहीं,बल्कि पतंजलि के कृत्य का विरोध करते है

चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा का बयान, कहा-हम आयुर्वेद पद्धति का नहीं,बल्कि पतंजलि के कृत्य का विरोध करते है

चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा का बयान, कहा-हम आयुर्वेद पद्धति का नहीं,बल्कि पतंजलि के कृत्य का विरोध करते है

जयपुर: पतंजलि के कोरोना की दवा के दावे को लेकर मचे घमासान के बीच चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने एकबार फिर बाबा रामदेव पर निशाना साधा है.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा है कि अब हमें आयुर्वेद विरोध बताया जा रहा है.जबकि हम आयुर्वेद पद्धति का नहीं,बल्कि पतंजलि के कृत्य का विरोध कर रहे है.हमें भी आयुर्वेद पद्धति पर विश्वास है तभी तो लाखों लोगों को कोरोना काल में आयुर्वेदिक काढ़ा वितरित किया गया है.

चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा का पलटवार: 
पतंजलि के कोरोना की दवा बनाने के दावे को लेकर घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है.राजस्थान सरकार की सख्ती को आयुर्वेद विरोध सोच बताया जा रहा है, जिसको लेकर चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने पलटवार किया है.चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है.प्रदेशभर में आमजन की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता) बढ़ाने के लिए 18 लाख से ज्यादा लोगों को काढ़ा वितरित किया गया है.यह प्रक्रिया निरंतर जारी है.उन्होंने कहा कि सरकार आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है.चिकित्सा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि हम आयुर्वेदिक काढ़े को कोरोना की दवा के रूप में नहीं दे रहे.हम लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़े का वितरण कर रहे हैं.अगर कोई यह कह रहा है कि राजस्थान सरकार आयुर्वेद का विरोध कर रही है.तो यह पूरी तरह से गलत प्रचार किया जा रहा है, ऐसे लोगों को बाज आना चाहिए.पतंजलि ने गलती की है उसे इस बात को स्वीकार करना चाहिए. 

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18 लाख 84 हजार 41 लोगों को काढ़ा वितरित:
आयुष मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रदेश में 13 मार्च से 24 जून तक के काढ़ा वितरण कार्यक्रम के आंकड़े भी साझा किए.उन्होंने बताया कि 95 हजार से ज्यादा जगहों पर 18 लाख 84 हजार 41 लोगों को काढ़ा वितरित किया जा चुका है.इसके साथ ही 4 लाख 91 हजार से ज्यादा कोरोना ड्यूटी पर गए लोगों और उनके परिजनों को भी काढ़ा बांटा गया है.उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से हौम्योपैथी व यूनानी चिकित्सा पद्धति के द्वारा भी लोगों को कोरोना से लड़ने के लिए इम्यूनिटी बूस्टर दिए जा रहे हैं.अब तक 1 लाख 35 हजार 632 लोगों को यूनानी जोसांदा व 93 हजार लोगों को कपूरधारा वटी भी बांटी गई हैं.आयुष मंत्री ने बताया कि मई माह में आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रदेश में गिलोय रोपण अभियान अमृता भी चलाया गया, जिसके तहत 4 माह में 1.50 लाख गिलोय पौधे लगाए जा रहे हैं.

आयुर्वेद रोग प्रतिरोधात्मक क्षमताओं को बढ़ाने में कारगर:
चिकित्सा मंत्री ने आयुर्वेद को रोग प्रतिरोधात्मक क्षमताओं को बढ़ाने में कारगर बताया.उन्होंने कहा कि आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में से एक है, जो कि रोग प्रतिरोधात्मक क्षमताओं को बढ़ाने में कारगर है.इसे इम्यून बूस्टर तो कहा जा सकता है लेकिन इसे दवा मानना उचित नहीं होगा.उन्होंने कहा कि भारत समेत दुनिया के तमाम देश कोरोना की दवा के बनाने में लगे हुए हैं, जब तक आईसीएमआर किसी दवा को अनुमति नहीं देता तब तक उसे बाजार में उतारना जायज नहीं होगा.डॉ. शर्मा ने बताया कि किसी भी व्यक्ति का इम्यून सिस्टम ठीक है तो 14 दिनों में आइसोलेशन के बाद व्यक्ति स्वतः ही ठीक हो सकता है. चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने ये भी स्पष्ट कहा है कि कोरोना जैसी महामारी में सभी तबकों को संतुलन में रहकर काम करना होगा.तभी कोरोना जैसी महामारी को हराने में कामयाब हो सकेंगे.

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