प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर चिकित्सा मंत्री चिंतित, कहा-लॉकडाउन के बाद एकाएक बढ़े है कोरोना के केस

जयपुर: राजस्थान में कोरोना के एकाएक बढ़े मामलों ने चिकित्सा विभाग को भी चिंता में डाल दिया है.अकेले जून माह में राजस्थान में मौतों का ग्राफ 45 फीसदी, जबकि पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ 42 फीसदी तक बढ़ा है.खुद चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने इस पर चिंता जाहिर की है.उनका मानना है कि अनलॉक-1 के बाद से कुछ लोगों द्वारा लापरवाही बरतने व विदेशों से आने वाले लोगों के कारण कोरोना पॉजिटव की तादात में इजाफा हुआ है. राजस्थान में बढ़ते कोरोना मामलों की चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने जिलेवार समीक्षा की.समीक्षा के बाद चिकित्सा मंत्री ने कहा कि खाड़ी और रशियन देशों सहित कई जगहों से अब तक करीब 10 हजार लोग राजस्थान आए हैं.

लोग सावधानी को छोड़ लापरवाह होने लगे:
उन्होंने कहा कि देशभर में 5 बार लॉकडाउन का सामना करना पड़ा.लोग संयमित होकर घरों में रहे.लेकिन जैसे ही लॉकडाउन हटा तो लोगों को लगा कि कोरोना खत्म हो गया है.वे सावधानी को छोड़ लापरवाह होने लगे हैं.यही वजह है कि प्रदेश में प्रतिदिन 250 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव चिन्हित होने लगे हैं.चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव की बढ़ती संख्या पर आमजन की सावधानी से ही नियंत्रण पाया जा सकता है.इसी उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है लेकिन कोरोना से जंग जीतने के लिए एक-एक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पूर्ण सावधानी बरतनी होगी.

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राजस्थान में 79 फीसदी तक पहुंच चुका है रिकवरी रेट:
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर चिकित्सा मंत्री ने आमजन को आश्वस्त करते हुए कहा कि हालांकि प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव की तादात बढ़ रही है लेकिन पॉजीटिव से नेगेटिव होने का रेशो भी देशभर में सबसे बेहतर है.आज प्रदेश में 79 फीसदी से ज्यादा लोग पॉजिटिव से नेगेटिव होकर अपने घर जा रहे हैं.प्रदेश में एक्टिव केसेज की संख्या करीब 3 हजार है.यह संख्या भी बाहर से आने वाले लोगों के कारण बढ़ी है.चिकित्सा मंत्री ने सीएम गहलोत का उदाहरण किया और कहा कि जब राज्य के मुख्यमंत्री मास्क लगाकर रहते हैं, दो गज की दूरी बनाए रखते हैं, सभी अनुशासन की पालना कर रहे हैं तो आमजन को भी इन सावधानियों को अपनाना चाहिए.वे स्वयं, उनका परिवार सुरक्षित रहेगा तो समाज और प्रदेश स्वतः ही सुरक्षित हो जाएगा.

21 से 30 जून तक व्यापक रूप से जागरूकता अभियान:
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोरोना के प्रति जागरूकता लाने के लिए ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश भर में 21 से 30 जून तक व्यापक रूप से जागरूकता अभियान चलाने का आव्हान किया है.आज प्रदेश में गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में स्वास्थ्य व अन्य विभागों की टीमें लोगों को जागरूकता का संदेश दे रही हैं.उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू जैसी मौसमी बीमारियां होती हैं.ऐसे में कोरेाना का प्रकोप ना बढ़े इसके लिए अभियान खासा कारगर साबित होगा.

कोरोना की अभी तक कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनीं:
चिकित्सा मंत्री ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि कोरोना को सावधानी हटी-दुर्घटना घटी की तर्ज पर देखना होगा.उन्होंने कहा कि कोरोना की अभी कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनाई जा सकी है.ऐसे में कोरोना के प्रोटोकॉल यानी कि बार-बार हाथ धोना, मास्क लगाना, दो गज की दूरी बनाकर, सार्वजनिक जगह पर ना थूककर, समूह या भीड़ में ना जाना और सोशल डिस्टेंसिंग अपनाकर ही हम कोरोना पर जीत हासिल कर सकते हैं.इन सावधानियों को अपनाकर हम संक्रमण की कड़ी को तोड़ा जा सकता है.

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