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स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप से चिकित्सा मंत्री गंभीर

स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप से चिकित्सा मंत्री गंभीर

जयपुर। सर्दी के सितम के साथ राजस्थान में स्वाइन फ्लू की बड़ी दस्तक ने चिकित्सा विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बाद अब चिकित्सा मंत्री डा रघु शर्मा स्वाइन फ्लू के मामलों की रोजाना मॉनिटरिंग कर रहे है। साथ ही विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे शिक्षा विभाग के साथ मिलकर जनजागरूकता अभियान चलाए। 

दरअसल, स्वाइन फ्लू के मामले में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। स्वाइन फ्लू से साल 2018 में 221 मौतें हुई है वही साल 2019 में पहली मौत जोधपुर में हो चुकी है। वही साल की शुरुआत में महज दो दिन के अंदर प्रदेशभर से लगभग 44 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है जिनमें से सबसे अधिक केस जोधपुर जिले के है। ऐसे में चिकित्सा मंत्री डा रघु शर्मा ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे स्क्रीनिंग पर विशेष जोर रखे। डॉ रघु शर्मा ने बताया कि नई सरकार और स्वास्थ्य महकमा हर संभव कोशिश में जुटी है कि स्वाइन फ्लू पर अंकुश लगाया जाये। 

डॉ रघु शर्मा ने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा है कि स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामने आते ही तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र में पहुंचे क्यूंकि स्वाइन फ्लू का अगर समय रहते उपचार लिया जाए तो ये जानलेवा नहीं है। वही चिकित्सा मंत्री ने बताया कि जल्द चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ मिलकर अभियान चलाया जायेगा और स्वाइन फ्लू से होने वाली मौत पर अगर लापरवाही सामने आती है तो तुरंत एक्शन भी लिया जायेगा। इस दौरान राजस्थान में स्वाइन फ्लू के असर के बीच हैल्थ मिनिस्टर ने टूरिज्म को लेकर कहा कि हम हर संभव कोशिश में जुटे है कि स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण लायें फिर भी किसी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं दिया जाए। 

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढते जा रहे है. पिछले 24 घंटे में 12 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 1151 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. बीकानेर में 5, धौलपुर में 2, बूंदी में 1,जोधपुर में 1, झुंझुनूं में 1, जयपुर में 1 और नागौर में 1 मरीज की मौत हो गई. प्रदेश में मौत का आंकड़ा 757 पहुंच गया है. पॉजिटिव मरीजों की संख्या 48 हजार 996 पहुंच गई हैं. 

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अलवर में मिले 204 कोरोना पॉजिटिव:
राजस्थान के अलवर जिले में सर्वाधिक 204 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है. अजमेर 67, अलवर 204,बांसवाड़ा 17, बारां 1,भरतपुर 40, भीलवाड़ा 92, बीकानेर 71,बूंदी 13, चित्तौडगढ़ 22,चूरू 21,दौसा 2,धौलपुर 4, डूंगरपुर 19,गंगानगर 36,जयपुर 109 , जैसलमेर 12, जालोर 1, झालावाड़ 15, झुंझुनूं 12,जोधपुर 140, कोटा 130, पाली 12, राजसमंद 16,टोंक 21, उदयपुर में 82 पॉजिटिव मरीज मिले हैं.

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जैसलमेर: जयपुर के फेयरमोंट होटल से जैसलमेर की सूर्यगढ होटल पहुंचे राजस्थान सरकार के विधायक करीब आठ दिन बाद शहर के भ्रमण पर निकले. हालांकि सरकार के कुछ ही मंत्रियों को बाहर आने की अनुमति थी. लेकिन बुधवार को कई विधायक शहर भ्रमण पर निकले. बुधवार को स्वायत शासन मंत्री शांति धारीवाल भी जैसलमेर पहुंचे. यहां पहुंचने के बाद वे विधायक संयम लोढा, मेवाराम जैन, रोहित बोहरा भी इनके साथ रहे. मंत्री और विधायकों ने पहले पटवा हवेली का भ्रमण किया उसके बाद यह सभी दुर्ग स्थित जैन मंदिर पहुंचे.

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जैन मंदिर की बनावट और कारीगरी देखकर सभी अचंभित:
जैन मंदिर की बनावट और कारीगरी देखकर सभी अचंभित हो गए. शांति धारीवाल ने फर्स्ट इंडिया से खास बातचीत करते हुए बताया कि जैसलमेर का सौंदर्य हर साल बढता ही जा रहा है, वहीं इसकी कारीगरी भी सैलानियों को खासी पसंद आ रही है. लगातार होटल में अधिकारियों के साथ वीसी के जरिए ही बैठक कर दिशा निर्देश दिए जा रहे है. वहीं मंत्री धारीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री जादूगर है और उनका जादू आगामी 14 अगस्त को प्रदेश के साथ पूरा देश देख लेगा. 

सरकार सीना ठोक कर करेगी 5 साल काम:
वहीं बाडमेर विधायक मेवाराम जैन भी जैसलमेर में है और आठ दिन बाद होटल से बाहर निकले, जैसलमेर का भ्रमण किया. उन्होंने कहा कि भाजपा का काम गलत आरोप लगाकर लोगों का भ्रमित करना है. सरकार सीना ठोक कर पूरे पांच साल तक राज करेगी. इसके साथ ही उन्होंने बातचीत में जैसलमेर की तारीफ की. 

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14 अगस्त की सुबह लाएगी प्रदेश के लिए नया सवेरा:
वहीं रोहित बोहरा ने भी फर्स्ट इंडिया से खास बातचीत करते हुए कहा कि सरकार बाडेबंदी में बंद नहीं है. सरकार लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार विधायक और मंत्रियों की बैठक ले रहे है. वहीं 14 अगस्त की सुबह प्रदेश के लिए नया सवेरा लेकर आएगी.   

...फर्स्ट इंडिया के लिए सूर्यवीर सिंह की रिपोर्ट 

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जयपुर: कोरोना महामारी के चलते जब विश्वभर का अर्थतंत्र गड़बड़ाया हुआ है और देश में भी आर्थिक हालात मुश्किल भरे चल रहे हैं. इस बीच आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में भी भारी कमी आई है. इन आंकड़ों ने केन्द्रीय एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि इस बार आयकर रिटर्न भरने की तिथि बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है. कोरोना काल में केन्द्र सरकार आर्थिक गतिविधियों को सुचारू बनाने के लिए जब 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज दे चुकी है. उद्याेगों और आमजन को राहत देने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद सामान्य आर्थिक गतिविधियां पटरी पर नहीं लौट पा रही हैं. यह बात हाल ही सामने आए आयकर विवरणियों के आंकड़ों से साबित हो रही है.

काफी कम संख्या में आयकर रिटर्न प्राप्त:
इस वित्त वर्ष के शुरुआती चार माह में काफी कम संख्या में आयकर रिटर्न प्राप्त हुए हैं. राजस्थान में पिछले वर्षों में औसतन 40 लाख विवरणियां भरी जाती हैं. आयकर विवरणी भरे जाने की अंतिम तारीख 31 जुलाई होती है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते चूंकि 2 माह तक सभी तरह की आर्थिक गतिविधियां बंद रही थीं. इसके बाद भी गतिविधियों को शुरू होने में लम्बा समय लगा. इस कारण आयकर विभाग ने विवरणी फाइल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2020 कर दी है. इस वजह से भी तुलनात्मक रूप से कम संख्या में आयकर विवरणी भरी जा रही हैं. आयकर विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में आयकर विवरणी भरे जाने के आंकड़ों में अक्टूबर माह में बढ़ोतरी हो सकती है.

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राजस्थान के आंकड़े:
वित्तीय वर्ष : आयकर विवरणी
2014-15 : 25.96 लाख
2015-16 : 31.18 लाख
2016-17 : 31.93 लाख
2017-18 : 37.45 लाख
2018-19 : 41.28 लाख (प्रोविजिनल)
2019-20 : 43.97 लाख (प्रोविजिनल)

- इस वित्त वर्ष में 31 जुलाई तक 6.01 लाख आयकर रिटर्न फाइल हुए
- जबकि पिछले साल इसी अवधि में 17.71 लाख आयकर रिटर्न भरे गए
- पिछले साल की तुलना में इस बार मात्र 33.93 फीसदी रिटर्न भरे गए

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आयकर रिटर्न की स्क्रूटनी का प्रतिशत है काफी कम:
आयकर विवरणी भरे जाने में तो कमी आई ही है, आयकर विभाग ने पिछले 2 वर्षों में प्राप्त आयकर विवरणियों की जांच स्क्रूटनी की संख्या में भी कमी की है. वर्ष 2017-18 में मात्र 0.13 प्रतिशत रिटर्न की ही स्क्रूटनी की थी. इस वित्त वर्ष में भरे जाने वाले आयकर रिटर्न में भी स्क्रूटनी में कमी आएगी. आयकर विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस वर्ष केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय एजेंसियों को जांच-कार्रवाई करने से हतोत्साहित किया है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि इस बार आयकर छापे और जांच प्रकरणों में भी कमी आएगी. हालांकि आयकर अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि अक्टूबर माह से आयकर रिटर्न फाइल होने की संख्या में अच्छी ग्रोथ हो सकती है.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

Rajasthan Political Crisis: राजस्थान हाईकोर्ट के 11 अगस्त के फैसले से तय होगा सरकार का भविष्य 

Rajasthan Political Crisis:  राजस्थान हाईकोर्ट के 11 अगस्त के फैसले से तय होगा सरकार का भविष्य 

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले को एक बार फिर से एकलपीठ को भेज दिया है.मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर की अपील पर सुनवाई करते हुए 8 अगस्त तक बसपा के सभी 6 विधायकों को नोटिस सर्व कराने की व्यवस्था की है.लेकिन साथ ही एकलपीठ को निर्देश दिये है कि वो 11 अगस्त का सुनवाई करते हुए उसी दिन बसपा और मदन दिलावर की याचिकाओं पर फैसला भी दे.खण्डपीठ के इस फैसले के बाद फिलहाल तो मुख्यमंत्री खेमे को राहत मिल गई है लेकिन अब 11 अगस्त को एकलपीठ का फैसला ही सरकार का भाग्य तय कर सकता है.बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर स्टे एप्लीकेशन पर एकलपीठ उसी दिन फैसला सुनाएगी.

नोटिस सर्व के लिए मैसेजेर, जैसलमेर डीजे और एसपी की मदद से होंगे तामिल:
मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ ने बसपा के 6 विधायको को एकलपीठ द्वारा जारी किये गये नोटिस की तामिल के लिए अपीलांट की ओर से विशेष मैसेंजर नियुक्त करने के निर्देश दिये है.मैसेजर 8 अगस्त या उससे पूर्व हाईकोर्ट की एकलपीठ द्वारा जारी नोटिस कर तामिल करायेंगा.हाईकोर्ट ने जैसलमेर जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भी निर्देश दिये है कि वो नोटिस तामिल कराने के लिए करने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएंगे. जरूरत होने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नोटिस तामिल कराने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक की भी सहायता ले सकेंगे.जिससे की सभी 6 विधायको को नोटिस तामिल कराने की बेहतर प्रयास किया जा सके.जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे जैसलमेर में रह रहे है.

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अखबार में नोटिस प्रकाशित करने के भी निर्देश:
मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ ने बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर को आदेश दिये है कि वो एकलपीठ के नोटिस को अखबार में प्रसारित करे.खण्डपीठ ने अपने फैसले में खासतौर से राजस्थान पत्रिका अखबार का जिक्र करते हुए उसके जैसलमेंर और बाड़मेर एडीशन में नोटिस प्रकाशित करने के निर्देश दिये है.नोटिस में हाईकोर्ट की एकलपीठ के 30 जुलाई के आदेश की जानकारी लिये हुए होंगे.खण्डपीठ ने अपने फैसले में कहा कि हम साफ कहना चाहते है कि हमारे समक्ष अपीलार्थी के अधिवक्ताओं द्वारा किय गयी प्रार्थना पर हमारे निर्देश एकलपीठ द्वारा दिये गये निर्देश के साथ जोड़कर देखे जाये.खण्डपीठ ने कहा कि उन्हे भरोसा है कि एकलपीठ इस मामले को उचित रूप से डील करेगी.

अब सबकी नजर एकलपीठ के 11 अगस्त के फैसले पर:
मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की खण्डपीठ ने एकलपीठ को निर्देश दिये है कि बसपा के 6 विधायको के कांग्रेस में विलय पर स्टे को लेकर दायर एप्लीकेशन पर सुनवाई करते हुए उसी दिन उसे निस्तारित भी करे.खण्डपीठ ने कहा कि एकलपीठ अपने विवेक से कानून के अनुसार अपीलार्थियो की ओर से दायर एप्लीकेशन को  खण्डपीठ के आदेशो से प्रभावित हुए बिना निस्तारित करे. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद ये तय हो गया है कि जस्टिस महेन्द्र गोयल की एकलपीठ अब बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में 11 अगस्त को ही सुनवाई करते हुए उसी दिन फैसला भी सुनायेगी.एकलपीठ के फैसले पर अब सबकी नजर रहेगी.एकलपीठ अगर बसपा विधायको के कॉग्रेस में विलय को अमान्य घोषित करता है या स्टे एप्लीकेशन मंजूद करते हुए स्टे देता है तो वर्तमान कांग्रेस सरकार के पास 100 से भी कम विधायक हो जाएंगे.ऐसे में सरकार के लिए काफी मुश्किलें खड़ी होगी.

अब क्या होगा:
बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से हाईकोर्ट के एकलपीठ के नोटिस बसपा के सभी 6 विधायको को सर्व कराने की कवायद होगी.हाईकोर्ट की खण्डपीठ के आदेश के साथ ही विशेष मैसेंजर एकलपीठ के नोटिस लेकर कल सुबह तक जैसलमेर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष पहुंच सकता है.एकलपीठ के नोटिस सर्व कराने के लिए विशेष मैसेंजर कल ही नोटिस सर्व कराने के प्रयास करेंगे.नोटिस सर्व नही होने की स्थिती में फिर से कोर्ट का रूख किया जा सकता है.बसपा और भाजपा विधायक की ओर से पुरे प्रयास किये जायेंगे कि शुक्रवार को ही नोटिस सर्व करायें जाये.शुक्रवार को नोटिस सर्व नही होने की स्थिती में दोनो ही पार्टी फिर से कोर्ट आ सकते है.नोटिस सर्व होने की स्थिती में 11 अगस्त को एकलपीठ में सुनवाई होगी और कोर्ट उसी दिन फैसला भी सुनायेंगी.

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कांग्रेस-बसपा विधायक विलय प्रकरण, हाईकोर्ट के आज के फैसले से गहलोत खेमे में चिंता !

जयपुर: बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय प्रकरण में हाईकोर्ट के आज के फैसले से गहलोत खेमे में चिंता है. अब हर सूरत में कांग्रेस को ये केस जीतना होगा और यदि किसी भी परिस्थिति में बसपा विधायकों की वोटिंग पर स्टे आ गया तो फिर कांग्रेस के लिए विश्वास मत जीतना एक बड़ी चुनौती होगी. 

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कई अंदाज में हाईकोर्ट का फैसला है अनूठा: 
वैसे कई अंदाज में हाईकोर्ट का फैसला अनूठा है. कोर्ट ने सिंगल बैंच को केवल एक ही दिन में 11 अगस्त को सुनवाई कर के स्टे एप्लीकेशन पर फैसला करने के क्लीयर आदेश दिए. इसी के साथ 8 अगस्त तक बसपा विधायकों को नोटिस की तालीम होगी. पुलिस की सहायता से जिला जज तामील करवाएंगे. इसके साथ ही जैसलमेर और बाड़मेर के अखबारों में भी नोटिस प्रकाशित होगा. 

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14 अगस्त से पहले हाईकोर्ट तय कर सकता बसपा विधायकों का भविष्य: 
ऐसे में राजस्थान न्यायपालिका के इतिहास में संभवत: पहली बार इतना निर्णायक फैसला है. ऐसे में हर सूरत में 14 अगस्त से पहले हाईकोर्ट बसपा विधायकों का भविष्य तय कर सकता है. ...और फिर हारने वाला पक्ष अगले दिन ही सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा? ...और फिर सुप्रीम कोर्ट या तो 14 अगस्त के विधानसभा सत्र से पहले अपना फैसला सुना देगा?.. या फिर क्या सत्र शुरू होने की तारीख कुछ दिन आगे बढ़ सकती है? ऐसे में अब सभी को 11 अगस्त को होने वाली सुनवाई का इंतजार है. 


 

Rajasthan Political Crisis: सभी 6 बसपा विधायकों को जारी होंगे नोटिस, जैसलमेर डीजे को 8 अगस्त तक तामील करवाने की जिम्मेदारी

जयपुर: बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय प्रकरण में हाईकोर्ट से दोनों याचिकाओं के निस्तारण के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही एकलपीठ को स्टे एप्लीकेशन के निस्तारण के आदेश दिए है. वहीं कोर्ट ने सभी 6 बसपा विधायकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं. 

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8 अगस्त तक सभी बसपा विधायकों को नोटिस तामील कराने के निर्देश:
कोर्ट ने जैसलमेर डीजे को 8 अगस्त तक सभी बसपा विधायकों को आदेश नोटिस तामील कराने के निर्देश दिए हैं. जरूरत पड़ने पर कोर्ट ने एसपी की मदद लेने के भी निर्देश दिए है. नोटिस अखबारों के बाड़मेर-जैसलमेर के एडिशन में प्रकाशित होंगे. CJ इंद्रजीत महांति व जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने फैसला सुनाया है. अब स्टे एप्लीकेशन पर एकलपीठ 11 अगस्त को सुनवाई करेगी. 

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सिंगल बेंच में 11 अगस्त को फिर बहस होगी:
दिलावर और बसपा ने बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने और इसके लिए स्पीकर की मंजूरी के आदेश को सिंगल बेंच में भी चुनौती दे रखी है. इस पर 11 अगस्त को सुनवाई होगी. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर, सचिव और बसपा के 6 विधायकों से जवाब मांगा था. बसपा ने अपील की है कि जब तक मामला कोर्ट में रहे तब तक 6 विधायकों को फ्लोर टेस्ट में किसी के पक्ष में वोट नहीं डालने दिया जाए. 
 

जल्द ही प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदी गौशाला शुरू की जाएंगी- मंत्री प्रमोद जैन भाया

जयपुर: प्रदेश के खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया का कहना है कि जल्द ही प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदी गौशाला शुरू की जाएंगी. भाया ने कहा कि पहले जिला मुख्यालय उसके बाद पंचायत मुख्यालय और सबसे अंत में प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदी गौशाला शुरू करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. गौशालाओं का अनुदान बढ़ाने को लेकर भी सरकार के स्तर पर विचार किया जा रहा है. 

6 बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय प्रकरण में बहस पूरी, अब दोपहर दो बजे हाईकोर्ट सुनाएगा अपना फैसला

प्रमोद जैन भाया का गोवंश के प्रति प्रेम किसी से छुपा नहीं: 
राम मंदिर निर्माण को लेकर भाया ने कहा कि प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर निर्माण हो इसका वे स्वागत करते हैं लेकिन मंदिर निर्माण को राजनीति से पृथक रखना चाहिए. ध्यान रहे प्रदेश के खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया का गोवंश के प्रति प्रेम किसी से छुपा नहीं है. जैसलमेर प्रवास के दौरान भी प्रमोद जैन भाया की गौ भक्ति देखने को मिली. भाया जैसलमेर स्थित गौशाला गए और गौ माता की विधिवत पूजा अर्चना की इस दौरान उन्होंने गौशाला प्रबंधन के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया और गोधन को समुचित चारा पानी उपलब्ध हो सके इसके लिए दिशानिर्देश भी दिए. 

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6 बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय प्रकरण में बहस पूरी, अब दोपहर दो बजे हाईकोर्ट सुनाएगा अपना फैसला

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच आज 6 बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय प्रकरण पर बसपा और मदन दिलावर की अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. CJ इंद्रजीत महांति व जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ में दोनों पक्षों की ओर से हाईकोर्ट में बहस पूरी हो गई है. 

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बाड़ेबंदी में विधायकों को नोटिस सर्व नहीं किए जा सकते: 
वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे की बहस पर कोर्ट के कहा कि विधायकों को नोटिस तामील नहीं होना अलग बात है और अंतरिम आदेश देना अलग बात है. हम एकलपीठ को अंतरिम आदेश पारित करने का आदेश दे देते हैं. कोर्ट ने कहा कि हम मानते है कि विधायक बाड़ेबंदी में है और उनको नोटिस सर्व नहीं किए जा सकते हैं. अब दोपहर दो बजे हाईकोर्ट अपना फैसला सुनाएगा. 

कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी कर मांगा था जवाब:  
बता दें कि प्रदेश में चल रहे सियासी संकट के बीच बुधवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी कर एक दिन में जवाब मांगा था. मामले की गुरुवार को फिर सुनवाई हुई. जिसमें दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है. 

30 जुलाई के आदेश को अब खण्डपीठ में चुनौती दी गयी थी:
गौरतलब है कि बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ के 30 जुलाई के आदेश को अब खण्डपीठ में चुनौती दी गयी थी. अपील पेश करने के साथ बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर के अधिवक्ताओं की ओर से शीघ्र सुनवाई की अर्जी भी पेश की गयी. इसी के चलते हाईकोर्ट ने दोनों ही अपीलों पर शीघ्र सुनवाई की अर्जी मंजूर करते हुए बुधवार को सुनवाई के लिए रखा. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ बुधवार को इन अपीलों पर सुनवाई हुई. 

विलय को लेकर कोई अंतरिम राहत नहीं: 
बहुजन समाज पार्टी और भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से अपील पेश कर विलय को रद्द करने की भी गुहार लगायी गयी है. अपील में कहा गया है कि एकलपीठ ने उनकी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विलय को लेकर कोई अंतरिम राहत नहीं दी है. विधानसभा अध्यक्ष सचिव और बसपा विधायकों को केवल नोटिस ही जारी किये गये है. जबकि वर्तमान हालात में बसपा के सभी 6 विधायक जैसलमेर की एक होटल में है और उन्हे नोटिस सर्व कराना आसान नहीं है. उनके परिजन भी नोटिस प्राप्त कर रहे हैं. गौरतलब है कि 30 जुलाई को जस्टिस महेन्द्र गोयल की एकलपीठ ने मदन दिलावर और बसपा की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है. लेकिन एकलपीठ ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी. 

क्या है मामला:
18 सितंबर 2019 को बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के आदेश जारी हुए थे. जिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए भाजपा विधायक मदन दिलावर ने 16 मार्च 2020 को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत में बसपा विधायको का कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देते हुए रद्द करने की मांग कि गई. 4 माह तक जब शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की गई तो 17 जुलाई केा पुन: विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर कार्यवाही करने की मांग की. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस पर भी कोई कार्यवाही नहीं करने पर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कि गई. 

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बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग: 
याचिका की सुनवाई के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जानकारी दी गयी की 24 जुलाई को ही शिकायत खारिज कर दी गयी है. विधानसभा अध्यक्ष के जवाब के आधार पर याचिका को सारहीन मानते हुए हाईकोर्ट ने मदन दिलावर की याचिका को खारिज कर दिया. लेकिन साथ ही मदन दिलावर को मामले में नयी याचिका पेश करने की छूट दी. बाद में सशोधित याचिका पेश कर मदन दिलावर ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग की. बहुजन समाज पार्टी ने भी इसमें शामिल होते हुए अलग से याचिका दायर की. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 30 जुलाई को दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को नोटिस जारी किये. लेकिन बसपा विधायकों के विलय को अमान्य घोषित करने के मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं दी. 


 

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