जयपुर 18 से 30 जनवरी तक अस्त रहेंगे बुध, प्राकृतिक आपदाएं और राजनीतिक विवाद होने की आशंका; जानें सभी राशियों पर कैसा रहेगा असर

18 से 30 जनवरी तक अस्त रहेंगे बुध, प्राकृतिक आपदाएं और राजनीतिक विवाद होने की आशंका; जानें सभी राशियों पर कैसा रहेगा असर

18 से 30 जनवरी तक अस्त रहेंगे बुध, प्राकृतिक आपदाएं और राजनीतिक विवाद होने की आशंका; जानें सभी राशियों पर कैसा रहेगा असर

जयपुर: ग्रहों में युवराज बुध 18 जनवरी से अस्त होने जा रहे हैं जो 30 जनवरी तक अस्त रहेंगे. बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं और भगवान विष्णु बुध ग्रह के देवता हैं. बुध ग्रह सहित सभी ग्रह धरती सहित सूर्य के चारों ओर घूमते हैं. जिस तरह सूर्य पूर्व से उदित होकर पश्चिम दिशा में अस्त होता है, उसी प्रकार सभी ग्रह भी उदित व अस्त होते हैं. ग्रहों के अस्त होने से इनका प्रभाव कम होने लगता है. बुध की शुभता प्रेम और खुशी को भी दर्शाती है, ऐसे में बुध का अस्त होना इन बातों में कमी करने वाला होता है.

ज्योतिष में सभी नव ग्रहों में हर एक ग्रह का अपना खास महत्व होता है. ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि ग्रहों में युवराज बुध 18 जनवरी से अस्त होने जा रहे हैं जो 30 जनवरी तक अस्त रहेंगे. इस महीने बुध 12 दिन के लिए अस्त रहेगा. बुध ग्रह को सभी ग्रहों में युवराज का दर्जा प्राप्त है. ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को एक तटस्थ और शुभ ग्रह माना गया है. बुध ग्रह अन्य ग्रहों के स्वभाव के साथ ही अपना फल देते हैं. कहने का मतलब है बुध शुभ ग्रह के साथ होने पर शुभ फल प्रदान करते हैं और अशुभ ग्रहों के संगति होने पर अशुभ फल देते हैं. बुध जब गुरु, शुक्र, सूर्य और चंद्रमा के साथ रहते हैं तो शुभ फल देते है जबकि गुरु, राहु-केतु, मंगल और शनि के साथ होने पर उनके प्रकृति के अनुसार अशुभ फल प्रदान करते हैं. 

प्राकृतिक आपदाएं और राजनीतिक विवाद होने की आशंका:
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि बुध ग्रह 18 से 30 जनवरी तक अस्त रहेगा. इस दौरान ये मकर राशि में रहेगा. बुध के अस्त होने से इसका प्रभाव कम हो जाएगा और शुभ फलों में भी कमी आने लगेगी. ये वाणी और बुद्धि का कारक ग्रह है. इसके अस्त हो जाने से कई लोगों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा सकती है. लेन-देन और निवेश में भी कुछ लोगों को नुकसान हो सकता है. बुध के प्रभाव से मीडिया, वकील, बिजनेस, कागजी काम और लेखा-जोखा रखने वाले लोगों के काम पर असर पड़ सकता है. साथ ही इनके प्रभाव से मौसम में अनचाहे बदलाव हो सकते हैं. प्राकृतिक आपदाएं आने और राजनीतिक विवाद होने की आशंका है. आर्थिक व्यवस्थाएं भी गड़बड़ा सकती हैं. 

5 राशियों के लिए अशुभ समय:
कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि बुध के अस्त होने से वृष, कर्क, तुला, मकर और कुंभ राशि वाले लोगों के लिए समय ठीक नहीं रहेगा. इन 5 राशियों के लोगों के कामकाज में रुकावटें आ सकती है. धन हानि और खर्चा बढ़ने के भी योग बन रहे हैं. इनके अलावा मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वाले लोगों पर इस ग्रह के अस्त होने का अशुभ असर नहीं रहेगा.

शुभ फलों में आएगी कमी:
कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि बुध के अस्त होने से इनका प्रभाव कम हो जाएगा और शुभ फलों में भी कमी आएगी. ये वाणी और बुद्धि के कारक ग्रह हैं. इनके अस्त होने से कई लोगों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा सकती है. साथ ही कुछ लोगों को लेन-देन और निवेश में भी नुकसान हो सकता है. बुध के प्रभाव से कागजी काम का लेखा-जोखा, मीडिया, वकील, बिजनेस करने वाले लोगों के काम पर असर डाल सकता है.

बुध के उपाय: 
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि बुध से पीड़ित व्यक्ति को मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए. बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए और साबूत हरे मूंग का दान करना चाहिए. बुधवार के दिन गणपति को सिंदुर चढ़ाएं. बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं. दूर्वा की 11 या 21 गांठ चढ़ाने से फल जल्दी मिलता है. पालक का दान करे. बुधवार को कन्या पूजा करके हरी वस्तुओं का दान करे.

बुध के मार्गी-वक्री और अस्त-उदय होने की तारीख:-
14 जनवरी 2022 को बुध वक्री
04 फरवरी 2022 को बुध मार्गी 
18 जनवरी 2022 को बुध अस्त 
30 जनवरी 2022 को बुध उदय 
14 मार्च 2022 को बुध अस्त 
12 अप्रैल 2022 को बुध उदय 
10 मई 2022 को बुध वक्री
03 जून 2022 को बुध मार्गी 
13 मई 2022 को बुध अस्त
09 जून 2022 को बुध उदय 
10 सितंबर 2022 को बुध वक्री
02 अक्टूबर 2022 को बुध मार्गी

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