चंबल नदी पर बने कोटा बैराज की अपस्ट्रीम पर पहुंचे प्रवासी परिंदे

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/12/12 12:12

कोटा: यदि आप पक्षी प्रेमी और शोधार्थी है और यूरोपीय पक्षी सीगल का अध्ययन करने के लिए इधर-उधर भटक रहे तो तो चिंता करने की जरुरत नहीं है. विंटर विजिटर के रुप में इस बार इस प्रवासी परिंदे ने चंबल नदी पर बने कोटा बैराज की अपस्ट्रीम को अपनी प्रवास स्थली के रुप में सलेक्ट किया है. 

यहां गुजारेंगे तीन माह:
दिखने में आकर्षक लगने वाले इस परिंदे के कलरव और अटखेलियो को देखने के लिए बडी संख्या में लोग बैराज पर पहुंच रहे है और इनकी फोटोग्राफी करने के साथ इन्हे भोजन भी खिला रहे है. नेचर प्रमोटर ए ए जैदी के अनुसार ठंडे प्रदेशों जैसे साइबेरिया, रसिया और अन्य देश से यह पक्षी सर्दियों के दिनों में भारत में आते है और तीन माह यहीं गुजारने के बाद वापस अपने देश को लौट जाते हैं. 

मिलता है भरपुर भोजन:
जैदी ने बताया कि मांसाहारी होने के कारण नदियों में इन्हे भरपुर भोजन उपलब्ध होता है और इसके साथ नदी के किनारे पर मछलियों के लिए डाले जाने वाले दाने और नमकीन पर भी इनकी निगाहें रहती है. इन पक्षियों के कोटा बैराज में डेरा डालने के बाद बैराज की रौनक बढ गई है. 

... कोटा से सचिन ओझा की रिपोर्ट 

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