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VIDEO: नकारा साबित हुई खान विभाग की टीम और टास्क फोर्स, बंद होंगे सतर्कता शाखा के 34 कार्यालय 

VIDEO: नकारा साबित हुई खान विभाग की टीम और टास्क फोर्स, बंद होंगे सतर्कता शाखा के 34 कार्यालय 

जयपुर: राज्य में बजरी सहित अन्य खनिजों के अवैध खनन को रोकने में नाकाम खान विभाग को बड़ा झटका लगने की तैयारी है. खान विभाग की सतर्कता शाखा को समाप्त किए जाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है. प्रस्ताव मंजूर होते खान विभाग की सतर्कता शाखा के 34 कार्यालय बंद कर दिए जाएंगे. एक रिपोर्ट:

माफिया का जाल:
बजरी बंद होने के बाद प्रदेश में बजरी की उपलब्धता चौंकाने वाली है. माफिया का ऐसा जाल बिछ चुका है, जिसके आगे खान विभाग सहित तमाम वह एजेंसी पस्त नजर आती हैं, जिन्हें अवैध बजरी खनन और अन्य खनिजों के अवैध खनन को रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी. राज्य में बजरी सहित अन्य मिनरल्स का अवैध खनन अनवरत जारी है. बजरी के अवैध खनन को लेकर तो सड़क से लेकर विधानसभा तक काफी हो हल्ला रहा. विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के दर्जनों विधायकों ने बजरी को लेकर अपनी ही सरकार को घेरा. इसके बाद प्रदेश के खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने विधानसभा में ही अवैध खनन रोकने के लिए अभियान चलाने के आदेश जारी किए, लेकिन अवैध खनन रोकने के लिए बनी टास्क फोर्स और खान विभाग की टीम नाकारा साबित हुई. अभियान चलाना तो दूर खनन रोकने के लिए बनी सतर्कता शाखा को ही अब खत्म करने की तैयारी कर ली गई है, लेकिन इस सतर्कता शाखा के समाप्त होने के बाद अवैध खनन पर कौन कार्रवाई करेगा इसका राज्य सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में कोई हवाला नहीं दिया गया है. 

सतर्कता शाखा का पुनर्गठन:
विधानसभा में चालू वित्त वर्ष के बजट में सीएम अशोक गहलोत ने भी घोषणा की थी कि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतर्कता शाखा का पुनर्गठन किया जाएगा. ऐसे में सीएम की घोषणा के बाद भी इस शाखा को मजबूत किया जाना तो दूर खत्म करने का प्रस्ताव ही खनन निदेशक ने एसीएस सुदर्शन सेठी को भेजा है. खान विभाग की सतर्कता शाखा के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने का भी हवाला दिया गया है. 

सतर्कता शाखा में पद रिक्त:
वर्तमान में खान विभाग की सतर्कता शाखा में एक अतिरिक्त निदेशक, 8 अधीक्षण खनिज अभियंता, एक दर्जन खनिज अभियंता, 21 सहायक खनिज अभियंता सहित कुल 41 अधिकारियों के पद स्वीकृत हैं. इनके विपरीत देखा जाए तो 14 पद रिक्त चल रहे हैं और बड़ी संख्या में सतर्कता शाखा में तकनीकी और मंत्रालय कर्मचारियों के पद भी रिक्त पड़े हैं. सतर्कता शाखा के पास अपने कार्यालय भवन और अन्य जरूरी संसाधनों के साथ ही 17 कार्यालय तो ऐसे हैं जिनके पास वाहन भी उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में सतर्कता शाखा से कार्रवाई की उम्मीद रखना बेमानी है. 

कर्मचारियों की कमी:
सतर्कता शाखा को समाप्त करने के पीछे जो आधार तैयार किया गया है, उसमें बताया गया है कि खान विभाग की खनन शाखा में भी अधिकारी कर्मचारियों की कमी है, ऐसे सतर्कता शाखा में कर्मचारियों का पदस्थापन करना मुमकिन नहीं. यह भी कहा गया है कि जिला मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट सहित अन्य कार्य बढ़ने के कारण समय पर जरूरी कार्य निष्पादन में भी समस्या आ रही है. साथ ही हाई कोर्ट में प्रकरणों की संख्या में वृद्धि होने से व्यवस्थित मानिटरिंग तथा अन्य अहम मामलों में विभागीय पक्ष मजबूती से रखने की जरूरत है. 

वित्तीय भार का हवाला:
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि खनिज अभियंता याचिका को अधीक्षण खनिज अभियंता याचिका के पद पर अपग्रेड करने की जरूरत है. इसके अलावा सरकार पर वित्तीय भार का हवाला देते हुए अधीक्षण अभियंता, खनिज अभियंता, सहायक खनिज अभियंता के स्वीकृत पदों की संख्या में बदलाव नहीं करने को कहा जा रहा है. सतर्कता शाखा के अधीक्षण अभियंता के तीन, खनिज अभियंता के 12 और सहायक अभियंता के 19 पदों सहित कार्यालयों को बंद करें का प्रस्ताव दिया गया है. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि खान विभाग को साधन संपन्न बनाने की बजाए कमजोर किए जाने की तैयारी है. ऐसे में अवैध खनन की प्रभावी रोकथाम की उम्मीद करना बेमानी होगा. 

... संवाददाता निर्मल तिवारी की रिपोर्ट 


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कोरोना संक्रमण ​स्थिति को लेकर सीएम गहलोत का संवाद, राजनीतिक दलों ने सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन की दी सलाह 

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जयपुर: प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को लॉक डाउन की सलाह दी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए आज तीन अहम बैठकें करके विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों से संवाद किया. इस संवाद में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सभी ने अपने अपने सुझाव दिए और साथ ही मुख्यमंत्री से सख्त कदम उठाने की भी राय दी. प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से चिंतित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर विभिन्न वर्गों के साथ अलग अलग संवाद किया. सुबह मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ चर्चा की, तो दोपहर में सामाजिक संगठनों व एनजीओ प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करके सुझाव लिए. देर शाम को मुख्यमंत्री ने निजी अस्पताल संचालकों और चिकित्सकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के साथ मंथन किया.सबसे अहम चर्चा नेताओं के साथ हुई.

धारा 144 को सख्ती से लागू करने का सुझाव :
इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, सीपीएम विधायक बलवान पूनिया, बीटीपी विधायक रामप्रसाद डिंडोर, RLP विधायक पुखराज, CPI नेता डीके छंगाणी, बसपा प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने मुख्यमंत्री से चर्चा की. सभी नेताओं ने वीकेंड पर लॉकडाउन करने की राय दी. गुलाबचंद कटारिया ने धारा 144 को सख्ती से लागू करने का सुझाव दिया और साथ ही कोरोना वॉरियर्स का भी ध्यान रखने के लिए कहा. खास बात यह है कि कटारिया ने जयपुर से उदयपुर जाते वक्त हाइवे पर गाड़ी रोककर ही मुख्यमंत्री से वर्चुअल संवाद किया.

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प्रदेश में लगातार चलाए जाए जागरूकता अभियान: 
सतीश पूनिया व बलवान पूनिया ने भी विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया. सभी नेताओं ने एक स्वर में प्रदेश में लगातार जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही. बैठक में भोपालगढ़ विधायक पुखराज ने अपनी निजी पीड़ा सीएम के समक्ष रखकर पूरे सिस्टम पर ही सवाल खड़े कर दिए. पुखराज ने बताया कि 7 सितंबर को जोधपुर में सैंपल दिया गया था रिपोर्ट पॉजिटिव आई लेकिन उसके बाद दूसरे टेस्ट के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया है. सीएम ने पुखराज को आराम करने की सलाह दी और कहा आप के मामले में निश्चित तौर पर संज्ञान लिया जाएगा. वहीं दोपहर में बाद मुख्यमंत्री ने दूसरी बैठक में सामाजिक संगठनों के से सुझाव लिए.

सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने वीकेंड लाकडाउन के सुझाव को किया खारिज: 
इस बैठक में निखिल डे, अरुणा राय, धर्मवीर कटेवा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिए सुझाव. सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने राजनेताओं के वीकेंड लाकडाउन सुझाव को खारिज किया. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में लॉकडाउन लगाया तो गरीब तबका भूखमरी के कगार पर आ जाएगा. उन्होंने लॉकडाउन की बजाय हेल्थ प्रोटेकॉल की पालना पर जोर देने का सुझाव दिया और कहा कि भीड़ इकट्ठा नहीं होने देने, जागरूकता पर फोकस करें. देर शाम को मुख्यमंत्री ने निजी अस्पताल संचालकों और चिकित्सकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की. सीएम ने इनसे अपील की है कि कोरोना संकट में वे सामाजिक दायित्व को निभाएं और इस संकट काल में पैसे न कमाकर समाज सेवा करने की सोचे. सीएम ने कहा कि कई अस्पतालों को छूट इसलिए दी गई थी कि वे गरीब जनता को इलाज न्यूनतम पैसों में करेंगे, लेकिन कई जगह अधिक वसूली की बात सामने आ रही है. ऐसे में निजी अस्पताल अपने कर्त्व्य को निभाएं.

Rajasthan Corona Update: पिछले 24 घंटे में 14 मौत, रिकॉर्ड 2045 नए  केस, जयपुर में मिले सर्वाधिक 415 नए संक्रमित

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढते जा रहे है. पिछले 24 घंटे में 14 मरीजों की मौत हो गई. जबकि रिकॉर्ड 2045 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. राजस्थान में अब तक कोरोना की चपेट में आने से कुल 1 हजार 426 मरीजों की मौत हो गई. वहीं कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1 लाख 26 हजार 775 पहुंच गई है.

जयपुर में मिले रिकॉर्ड 415 नए संक्रमित:
प्रदेश की राजधानी जयपुर में सर्वाधिक रिकॉर्ड 415 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है. अजमेर 100, अलवर 153, बांसवाड़ा 22, बारां 20, बाड़मेर 3, भरतपुर 15, भीलवाड़ा 90, बीकानेर 108, बूंदी 10,चित्तौडगढ़ 18, चूरू 23, दौसा 37, धौलपुर 20, डूंगरपुर 35, श्रीगंगानगर 23, हनुमानगढ़ 19, जयपुर 415, जैसलमेर 29, जालोर 84, झालावाड़ 10, झुंझुनूं  26,जोधपुर 335, करौली 20, कोटा 53, नागौर 43, पाली 83, प्रतापगढ़ 5, राजसमंद 32, सवाई माधोपुर 18, सीकर 59, सिरोही 5, टोंक 30, उदयपुर 103 पॉजिटिव मरीज मिले है. 

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पॉजिटिव से नेगेटिव हुए कुल 1 लाख 5 हजार 994 लोग:
प्रदेश में कोरोना के इलाज के बाद कुल 1 लाख 5 हजार 994 लोग पॉजिटिव से नेगेटिव हो चुके है. वहीं इलाज के बाद 1 लाख 4 हजार 834 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए है. अगर बात करें एक्टिव मरीजों की तो, कुल 19 हजार 355 मरीजों का अस्पताल में उपचाररत जारी है. वहीं कुल 10 हजार 135 कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या पहुंच गई है.

कोरोना प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बैठक, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने दिए सुझाव

कोरोना प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बैठक, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने दिए सुझाव

जयपुर: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने वर्चुअल संवाद में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कोरोना प्रबंधन से संबंधित विभिन्न सुझाव दिये. डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि, इस समय मनोवैज्ञानिक वातावरण थोड़ा भय का है, लोग जांच से भी डरते हैं, अस्पताल जाने से भी डरते हैं. सामान्य जागरूकता को दोबारा से दोहराने की आवश्यकता, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क एवं सैनेटाइजर के उपयोग के लिये जागरुकता अभियान चलाने की भी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से युद्धस्तर पर जनप्रतिनिधि लोगों के बीच में सैनेटाइजर मशीनों के माध्यम से भरोसा पैदा कर रहे थे.

टेस्टिंग एवं जागरूकता के लिए स्वयंसेवी संगठनों का लेना चाहिए सहयोग:
अब मुझे लगता है कि जागरूकता के लिये स्वयंसेवी संगठनों को इसमें शामिल करना चाहिए. जैसे मुम्बई के धाराबी जैसी बड़ी बस्ती में स्वयंसेवी संगठनों ने टेस्टिंग की, जिसके अच्छे परिणाम सामने आये, सरकार एवं भामाशाहों ने पीपीई किट उपलब्ध करवाये, जिससे टेस्टिंग बढ़ी और संक्रमण को रोकने में कामयाबी मिली. डॉ. पूनियां ने कहा कि, लोगों पर कोरोना का मनोवैज्ञानिक असर कम कैसे हो, इसका प्रचार-प्रसार कैसे किया जाये, यह बहुत जरूरी है, दूसरा जो परिधि के अस्पताल हैं, आस-पास की सीएचसी, बड़े अस्पताल हैं, बड़े डिवीजनल हेडक्वाटर्स हैं, सामान्य बीमारी के लोग भी वहां उपचार करा सकें, इस व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि, होम आइसोलेशन व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर राज्य सरकार को ध्यान देने की जरूरत है.

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कोरोना वॉरियर्स ने की पूरी लगन एवं जज्बे के साथ लोगों की सेवा: 
डॉ. पूनियां ने कहा कि, निजी अस्पतालों में आमजन के इलाज को सुगम बनाने को लेकर सुझाव दिए कि, निजी अस्पतालों की अपनी समस्या है और मरीजों की अपनी समस्या है, इसलिए दोनों की समुचित व्यवस्था हो, कोई समाधान निकले, अस्पतालों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, पिछली योजनाओं की बकाया राशि का भुगतान हो.  डॉ. पूनियां ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ जो संवाद किया, उसमें मुख्यमंत्रियों से निवेदन किया था कि उपखण्ड स्तर से संबंधित टीमों की स्वयं मुख्यमंत्री नियमित मॉनिटरिंग करें, उनका मनोबल बढाया जाएगा तो सही रिपोर्ट मिलेगी. डॉ. पूनियां ने कहा कि, एचआरसीटी की सरकारी एवं निजी अस्पतालों की दरों में भारी अंतर है, इस पर कोई उचित कदम उठाएं. उन्होंने कोरोना वॉरियर्स को बहुत धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इन्होंने कोरोना काल में पूरी लगन एवं जज्बे के साथ लोगों की सेवा की, उनका मनोबल एवं सुविधायें बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार प्रयास करे.

..फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

जयपुर: कॉलेज के बाहर राह चलती युवती की गोली मारकर हत्या, RAS की तैयारी कर रहा आरोपी विष्णु गिरफ्तार

जयपुर: राजधानी जयपुर के मोतीडूंगरी थाना इलाके में एक राह चलती झुंझुनूं की युवती की गोली मारकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी युवक ने वारदात के समय 3 राउंड फायर किए थे. इतना ही नहीं घटना के बाद भी आरोपी युवक मौके पर रुका रहा. पुलिस ने आरोपी धौलपुर निवासी विष्णु चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है.

झुंझुनूं निवासी गरिमा बीएससी फाइनल ईयर की परीक्षा देने आई थी: 
मिली जानकारी के अनुसार झुंझुनूं निवासी गरिमा चौधरी आज सुबह सात बजे आदर्श नगर स्थित वैदिक बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में बीएससी फाइनल ईयर की परीक्षा देने आई थी. सुबह 10 बजे परीक्षा देकर जब युवती बाहर निकली. उसके बाद युवती को धौलपुर निवासी विष्णु चौधरी ने रोक लिया और उसके बाद उस पर चाकू से हमला करके गोली मार दी. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. 

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आरोपी जयपुर में आरएएस की कोचिंग कर तैयारी कर रहा:
पुलिस ने लहुलुहान हालात में युवती को एसएमएस अस्पताल पहुंचाया. जहां ईलाज के दौरान युवती की मौत हो गई. डीसीपी राहुल जैन ने बताया कि आरोपी युवक विष्णु चौधरी जो कि धौलपुर निवासी है जयपुर में आरएएस की कोचिंग कर तैयारी कर रहा है. आरोपी को घटना स्थल से ही गिरफ्तार कर लिया गया है. युवती की मौत की परिजनों को सूचित कर दिया गया है. डीसीपी ईस्ट राहुल जैन ने बताया कि पुलिस ने हत्या के आरोपी विष्णु चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस हत्या करने की वजह की जांच कर रही है. 

VIDEO: खान विभाग में एमनेस्टी योजना लागू, 182 करोड़ के बकाया की होगी वसूली

जयपुर: खान विभाग ने करीब 182 करोड़ रुपए की बकाया वसूली के लिए एमनेस्टी योजना लागू कर दी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद खान मंत्री प्रमोद भाया और उनकी टीम ने योजना का तकमीना तैयार किया, जिसे देर रात मंजूरी के बाद लागू कर दिया गया है. विभाग को करीब तीन दशक पहले से लेकर अब तक की वसूली के लिए समग्र प्रयास करने हैं. 

राज्य सरकार के वर्षों से बकाया राजस्व की वसूली हो सकेगी:
खान एवं पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया ने खनिज विभाग की विभागीय बकाया एवं ब्याज माफी की एमनेस्टी योजना लागू करने की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि एमनेस्टी योजना में राज्य सरकार ने खनन पटृटाधारकों, ठेकाधारकों, सीमित अवधि के परमिटधारकों, रायल्टी बकायाधारकों, निर्माण ठेकेदारों आदि को बड़ी राहत दी है. वहीं इस योजना से राज्य सरकार के वर्षों से बकाया राजस्व की वसूली हो सकेगी. इससे वसूली प्रयासों में लगने वाले अनावश्यक समय व धन की बचत होगी और वसूली कार्य में नियोजित मानव संसाधन का प्रोडक्टिव कार्यों में उपयोग किया जा सकेगा.

एमनेस्टी योजना तत्काल प्रभाव से तीन माह के लिए लागू की गई: 
खान व पेट्रोलियम मंत्री भाया ने बताया कि योजना में ब्याजमाफी के साथ ही बकाया अवधि के अनुसार अलग-अलग स्लेब में मूल राशि में भी अधिकतम 90 प्रतिशत से कम से कम 30 प्रतिशत तक की राहत दी गई है. जिन बकायादारों द्वारा पूर्व में ही मूल राशि जमा करा दी गई है और केवल ब्याजराशि बकाया है उन प्रकरणों में समस्त ब्याज राशि माफ करने के लिए संबंधित खनि अभियंता व सहायक खनि अभियंता को अधिकृत कर दिया गया है. विभाग की एमनेस्टी योजना तत्काल प्रभाव से तीन माह के लिए लागू की गई है. खनिज विभाग की एमनेस्टी योजना में 31 मार्च, 2019 तक डेडरेंट (स्थिरभाटक), पेनल्टी, अधिक पेनल्टी, सरचार्ज, आरसीसी, ईआरसीसी ठेकों, सीमित अवधि के परमिट, निर्माण विभाग के ठेकेदारों आदि में बकाया व विभाग के अन्य बकाया राशि के प्रकरणों को शामिल किया गया है.

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एमनेस्टी योजना 24 सितंबर से लागू कर दी गई: 
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बकायाधारकों द्वारा योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित राशि योजना अवधि में जमा करानी होगी. खान एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि खनिज विभाग की एमनेस्टी योजना 24 सितंबर से लागू कर दी गई है. इस योजना में 31 मार्च 80 तक के बकाया की मामलों में 10 प्रतिशत राशि जमा कराने, एक अप्रेल 80 से मार्च 90 तक की बकाया के मामलों में 20 प्रतिशत, एक अप्रेल 90 से 31 मार्च 2000 तक की बकाया के मामलों में 30 प्रतिशत राशि जमा करवाने पर शेष मूल राशि माफ की जाएगी. इसी तरह से एक अप्रेल 2000 से 31 मार्च 2010 तक के मामलों में 50 प्रतिशत व एक अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2019 तक के मामलों में 70 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष बकाया मूल राशि व ब्याज माफ किया जा सकेगा. इसी तरह से आरसीसी व ईआरसीसी ठेकों की बकाया राशि के 31 मार्च 2011 तक के बकाया मामलों में खण्डित ठेकों में 50 प्रतिशत और पूर्ण ठेका अवधि तक प्रभावशील ठेकों में 60 प्रतिशत जमा करानी होगी. डॉ. अग्रवाल ने बताया कि एक अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2019 तक के बकाया मामलों में खण्डित ठेकों में 70 प्रतिशत और पूर्ण ठेका अवधि तक प्रभावशील ठेकों में 80 प्रतिशत मूल राशि जमा करानी होगी. 

पूर्व जमा कराई गई राशि का समायोजन नहीं होगा:
उन्होंने स्पष्ट किया कि एमनेस्टी योजना के आदेश जारी होने की तिथि के बाद शेष बकाया पर ही यह योजना लागू होगी और इससे पूर्व जमा कराई गई राशि का समायोजन नहीं होगा. एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सीमित अवधि के परमिटधारकों व निर्माण विभाग के ठेकेदारों द्वारा 31 मार्च 19 तक पेनल्टी राशि के मांग के प्रकरणों में वास्तविक देय रॉयल्टी की तीन गुणा राशि अर्थात दो गुणा अतिरिक्त राशि जमा कराने पर शेष मूल राशि और पूरी ब्याज की राशि माफ की जाएगी. उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा 10 फरवरी 2015 की अधिसूचना से 31 प्रधान खनिजों को अप्रधान खनिज घोषित किया गया है, इनके 10 फरवरी 15 से पहले के प्रकरणों में यह योजना लागू नहीं होगी. माइंस निदेशक के बी पण्ड्या ने बताया कि योजना प्रावधानों के अनुसार योजना अवधि में निर्धारित राशि जमा कराने पर ही योजना का लाभ मिल सकेगा. योजना की क्रियान्विति की पाक्षिक आधार पर समीक्षा की जाएगी और संबंधित खनि अभियंता, सहायक खनि अभियंता निर्धारित प्रपत्र में वित्तीय सलाहकार को प्रगति रिपोर्ट प्रेषित करेंगे. संयुक्त सचिव ओम कसेरा ने बताया कि विभागीय बकाया व ब्याज माफी योजना 2020-21 के आदेश जारी कर दिए है. यह योजना तीन माह के लिए प्रभावी रहेगी.

VIDEO: इंदिरा रसोई योजना की बढ़ती लोकप्रियता के चलते मापदंड में किए बड़े बदलाव, अधिक से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

जयपुर: प्रदेश के गरीब व जरूरतमंद लोगों को दो वक्त का भरपेट भोजन उपलब्ध कराने की अशोक गहलोत सरकार की महत्वाकांक्षी इंदिरा रसोई योजना की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. योजना से लाभान्वित लोगों की संख्या भी बढ़ रही है. इसे देखते हुए योजना के मापदंड में बड़े बदलाव किए गए हैं.  

देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जन्म तिथि पर करीब 1 महीने पहले 20 अगस्त को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इंदिरा रसोई योजना का शुभारंभ किया था. इस योजना के तहत मात्र ₹8 में जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. हर वर्ष 4.87 करोड़ थालियां उपलब्ध कराने का योजना में लक्ष्य रखा गया है. योजना की बढ़ती लोकप्रियता के कारण हाल ही स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश पर स्वायत शासन विभाग ने योजना के मापदंड में दो बड़े बदलाव किए हैं आपको सबसे पहले बताते हैं इन बदलावों को करने की आखिर जरूरत क्यों पड़ी...

- इस योजना के तहत 24 सितंबर तक 28 लाख 22 हजार 706 थालियां उपलब्ध कराई जा चुकी हैं.

- नगर निगम में प्रति रसोई अधिकतम 300 व्यक्ति और नगर परिषद व नगर पालिकाओं में प्रति रसोई अधिकतम 150 व्यक्तियों को भोजन देने का प्रावधान है. 

- योजना की बढ़ती लोकप्रियता के कारण प्रदेश के 213 में से करीब 120 निकाय ऐसे हैं जिनमें इस अधिकतम संख्या से भी ज्यादा लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. 

- बांसवाड़ा शहर में निर्धारित संख्या से 3 गुना बांदीकुई में ढाई गुना सपोटरा और रावतभाटा में सवा 2 गुना अधिक व्यक्ति भोजन कर रहे हैं. 

- इन 120 निकायों में सीकर, करौली, बीकानेर, अजमेर, हनुमानगढ़, अलवर, जालौर, बूंदी, दौसा, जोधपुर नॉर्थ, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़, कोटा नॉर्थ, धौलपुर, जैसलमेर, झुंझुनू, माउंट आबू, श्रीगंगानगर आदि नगर निगम व नगर परिषद शामिल हैं. 

- इसके अलावा कई छोटी व बड़ी नगर पालिकाएं भी शामिल हैं. 

- गरीब का पेट भरने कि इस पुनीत योजना में दानदाता भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, अब तक 1489 दानदाताओं ने योजना में भाग लिया है. 

- ये दानदाता भोजन की पूरी लागत वहन करते हुए अब तक 54000 थालियां उपलब्ध करा चुके हैं.

- आगामी दिनों में दानदाताओं की ओर से भोजन उपलब्ध कराने के लिए 223350 थालियां एडवांस में बुक कराई जा चुकी है.

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योजना की बढ़ती आवश्यकता के कारण इससे लाभ लेने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। पिछली तिथि 24 सितंबर को एक लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। इन सब कारणों के चलते योजना के मापदंड में बड़े बदलाव किए गए हैं आपको बताते हैं कि ये बदलाव क्या हैं--

- अब आवश्यकता पड़ने पर किसी भी रसोई में निर्धारित अधिकतम संख्या की दुगनी संख्या में लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा. 

- नगर निगम में स्थित रसोई में एक समय में 300 के बजाए 600 और नगर पालिका में डेढ़ सौ के बजाय 300 लोगों को खाना खिलाया जा सकेगा.

- किसी रसोई में दुगुनी संख्या से भी अधिक लोग भोजन के लिए आते हैं तो सरकार से अनुमति लेते हुए उन्हें भी भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा. 

- योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके इसके लिए भी बड़ा बदलाव किया गया है.

- दानदाताओं की ओर से प्रायोजित भोजन की थाली की गणना रसोई में निर्धारित थालियों की संख्या से अलग होगी. 

इस योजना के तहत निशुल्क भोजन ही नहीं कराया जाता बल्कि लाभार्थी के सम्मान का पूरा ध्यान रखते हुए बैठाकर भोजन खिलाया जाता है. यही कारण है कि 'कोई भूखा ना सोए' के उद्देश्य से शुरू की गई  इस योजना की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है.  

Horoscope Today, 26 September 2020: इन राशि वालों के लिए भाग्यशाली है आज का दिन, मिलेगी सफलता

Horoscope Today, 26 September 2020: इन राशि वालों के लिए भाग्यशाली है आज का दिन, मिलेगी सफलता

जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. 

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मेष (Aries):- आज के दिन आपकी सोच विचार पर कुछ नया बदलाव आ सकता है. अपने ऊपर आए हुए संकट को टालने के लिए कुछ आध्यात्मिक और व्यक्तिगत प्रयास करने की जरूरत होगी. 

वृष (Taurus):- अगर पिछले कई दिन आर्थिक विषमता दूर करने में मदद नहीं मिल रही है तो आज का दिन आर्थिक मामलों में फिर से सोच विचार करने का है. यदि कहीं पर आपका पैसा जमा है अथवा निवेश किया हुआ है तो उसके अधिग्रहण कर लेने में कोई हर्ज नहीं. 

मिथुन (Gemini):- आखिर दूसरों कीआलोचना करने से अपनी आलोचना भी हो सकती है. क्रोध या प्रतिवाद दिखाने का तरीका सभ्यतापूर्ण होना चाहिए. असभ्य ढंग से पेश आने पर आपकी अपनी ही प्रतिष्ठा कम हो सकती है. 

कर्क (Cancer):- बेहतर होगा आप अपने कार्य क्षेत्र और व्यवहार जगत को सीमित कर दें. अपने काम से ही काम रखिए. इसकी शुरुआत आज से करें और साधारण परिश्रम करने से ही बहुत कुछ पा सकते हैं.   

सिंह (Leo):- किसी से कहा-सुनी हो जाने पर आपने इतना अधिक टेंशन में नहीं रहना चाहिए. आप व्यवहारिक व्यक्ति हैं अत: इतना भावुक होकर काम कैसे चलेगा. सब कुछ सांयकाल तक संतुलित हो जायेगा. 

कन्या (Virgo):- यदि आप किसी भंवर जाल में फंसे हैं या कोई समस्या आ खड़ी हो गई है तो किसी की सलाहया सहायता लेने में झिझक कैसी ? सहयोग लेने-देने से ही दुनिया चलती है. अपना काम निपटाइए और आगे बढ़िए.   

तुला (Libra):- आज आपको अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा. सफाई के तौर पर आप उन्हीं बातों को कहें, जिनका सम्बन्ध आपके साथ हो. दूसरों को टारगेट करके कोई बात कहने से परहेज करें. 

वृश्चिक (Scorpio):- कोई व्यक्ति अगर आपके साथ कुछ सहयोग करके नेक काम करना चाहता है तो इसभलाई के काम में आपको जरूर उतरना चाहिए. कारोबार में अभी समय ठीक ही चल रहा है. इसकी चिन्ता करनी जरूरी नहीं. 

धनु (Sagittarius):- यदि आप किसी के साथ सम्बन्ध बनाना चाहते हैं तो उसके लिए अभी कुछ और इन्तजार करना होगा. बार-बार किसी के साथ वायदा खिलाफी करने से आपकी व्यक्तिगत साख गिर सकती है.   

मकर (Capricorn):- आज के दिन आपको  त्याग और सादगी का वातावरण अपनाना पड़ेगा. जितना भी हो सके अपने भटके हुए मन को शान्त रखें. एक न एक दिन आपको मानसिक शान्ति जरूर मिलेगी. 

कुंभ (Aquarius):- अगर आपके स्वास्थ्य का मामला है तो तत्काल किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श लें और नियमित इलाज की व्यवस्था भी करें.  फिलहाल आर्थिक पक्ष कमजोर जैसा ही रहेगा. जोड़-तोड़ के बाद ही कुछ गुजारे लायक जुटा सकने में समर्थ रहेंगे. 

मीन (Pisces):- कई बार कुछ असंभव बातों पर आपका ध्यान केन्द्रित हो जाता है. अपना धन और समयआप इस प्रकार के जोखिम भरे कार्यों को करने में नष्ट न करें. अपने काम-काज में किसी प्रकार का जोखिम न लें वरना बाद में पश्चाताप करना पड़ सकता है. 

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

26 सितंबर 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

26 सितंबर 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल... 

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शुभ मास- प्रथम आश्विनी (अधिक) शुक्ल पक्ष  
शुभ तिथि दसमी पूर्णा संज्ञक तिथि सांय 7 बजकर 2  मिनट तक तत्पश्चात एकादशी तिथि रहेगी. दशमी तिथि को विवाह आदि मांगलिक विवाह कार्य, गृह प्रवेश, यात्रा इत्यादि कार्य शुभ माने जाते हैं. दशमी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, व बुद्धिवान, भाग्यवान होते हैं. 
उत्तरा षाढ़ा "ध्रुव -ऊर्ध्व मुख " संज्ञक सांय 7 बजकर 26 मिनट तक रहेगा. उत्तरषाढ़ा नक्षत्र मे बोरिंग, शिल्प, विद्या आरम्भ,वास्तु शांति इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं. उत्तरषाढ़ा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारों वाला, कठोर मेहनत करने वाला, धनवान, बुद्धिमान होता है. 

चन्द्रमा - सम्पूर्ण दिन मकर राशि में संचार करेगा. 

व्रतोत्सव -  सुकर्मा योग

राहुकाल - प्रातः 9 बजे से 10.30 बजे तक

दिशाशूल - शनिवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से अदरक या उरद दाल खा कर निकले. 

आज के शुभ चौघड़िये - प्रातः 7.50 मिनट से प्रातः 9.20 मिनट तक शुभ, दोपहर 12.18  मिनट से सायं 4.46 तक चर, लाभ, और अमृत का चौघड़िया  

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री