जयपुर VIDEO: राजस्थान में पहली बार माइनिंग,ऑयल और गैस कॉन्क्लेव, मंत्री भाया ने प्रभावशाली तरीके से रखा रोड मैप, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: राजस्थान में पहली बार माइनिंग,ऑयल और गैस कॉन्क्लेव, मंत्री भाया ने प्रभावशाली तरीके से रखा रोड मैप, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में पहली बार आयोजित हुए ऑयल, गैस एंड माइनिंग कॉन्क्लेव में खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने अहम जानकारी दी. प्रदेश की नई खनिज नीति अधिक अग्रगामी, माइनिंग सेक्टर को तेजी से प्रमोट करने वाली और समाज के सभी वर्गों को माइनिंग से जोड़ने वाली होगी. नई नीति में मुख्यमंत्री की मंशा के मुताबिक नई एससी, एसटी, महिलाओं, विशेष योग्यजन, बेरोजगार, टेक्नोक्रेट और युवाओं के लिए आवंटन प्रक्रिया में आरक्षण होगा. राज्य में माइनिंग सेक्टर से आम नागरिकों को जोड़ने के प्रावधान किए जा रहे हैं. खनन क्षेत्र में हमारे कार्यों और उपलब्धियों को केंद्र सरकार ने भी रिकॉग्नाइज किया है और प्रधान और अप्रधान खनिज क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए ही पहली बार राजस्थान को द्वितीय पुरस्कार और तीन करोड़ 80 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया है.

माइनिंग, ऑयल और गैस कॉन्क्लेव:
-राज्य की नई खनिज नीति होगी अग्रगामी और सेक्टर के तेजी से विकास की वाहक
-माइनिंग सेक्टर के प्रोत्साहन के साथ ही सभी वर्गों की सुनिश्चित होगी भागीदारी-खान मंत्री भाया
-एससी, एसटी, महिलाओं, विषेष योग्यजन, टेक्नोक्रेट आदि को माइनिंग आवंटन प्रक्रिया में आरक्षण 
-देश में सर्वाधिक प्रीमियम पर प्रदेष के माइनिंग ब्लॉकों की हो रही है नीलामी
-राजस्थान रिफाइनरी लिखने जा रही है विकास की नई इबारत

खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया होटल मैरियट में एक दिवसीय माइनिंग, ऑयल एवं गैस कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे. खान मंत्री भाया, राजस्व मंत्री राम लाल जाट, एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल, कोलंबिया की राजदूत मारियाना पाचेको मोंटेस आदि ने दीप प्रज्ज्वलन कर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया. इस अवसर पर अतिथियों द्वारा रिन्यूबल एनर्जी की कॉफी टेबल बुक भी जारी की गई. खान मंत्री भाया ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में प्रदेश में माइनिंग सेक्टर में तेजी से काम हुआ है और खनिज खोज, नए प्रधान और अप्रधान खनिजों के प्लॉट विकसित कर नीलामी करने से लेकर राजस्व अर्जन तक उपलब्धियों का कीर्तिमान बनाया गया है.

उन्होंने पूर्व सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल से वर्तमान सरकार के साढ़े तीन साल की तुलना करते हुए बताया कि अप्रधान खनिज के पूर्व सरकार के 566 की तुलना में 1500 ब्लॉक व प्रधान खनिज के 3 ब्लॉकों की तुलना में 13 ब्लॉक तैयार कर नीलाम किए हैं. इसी तरह से पूर्व सरकार के 13,959 करोड़ के राजस्व की तुलना में 19,686 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया गया है. अवैध खनन के विरुद्ध कार्यवाही की चर्चा करते हुए बताया कि पूर्व सरकार के 17056 प्रकरणों की तुलना में 40831 प्रकरण दर्ज करने, 2530 की तुलना में 3698 एफआईआर दर्ज कराने, 14056 की तुलना में अवैध खनिज परिवहन करते 39290 वाहन जब्त करने, 632 की तुलना में 1387 बड़ी मशीनों की जब्ती की कार्यवाही की है.

उन्होंने बताया कि वैध खनन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए गए हैं ताकि अवैध खनन को रोका जा सके. खान मंत्री भाया ने बताया कि मुख्यमंत्री गहलोत के प्रयासों से ही लंबी प्रक्रिया व प्रयासों से बंसी पहाड़पुर के सेंड स्टोन का वैध खनन आरंभ हो सका है. बजरी की समस्या के हल के लिए सर्वोच्च न्यायालय व सीईसी के समक्ष प्रभावी तरीके से राजस्थान का पक्ष रखने से ही लीज शुरु हो सकी है. भाया ने खनिज खोज कार्य को गति देने के लिए आरएसएमईटी का गठन, बजरी के विकल्प के रूप में एम सेंड नीति लागू कर सरकारी निर्माण कार्य में 25 प्रतिशत एम सैंड के उपयोग, सिलिकोसिस नीति लागू कर कार्यों को गति दी जा रही है.

उन्होंने बताया कि 2023-24 में खत्म होने जा रहे लीज धारकों को राहत देते हुए इन लीजों की अवधि बढ़ाई जा रही है. राजस्थान में तेल और गैस सेक्टर की चर्चा करते हुए भाया ने बताया कि चार बेसिनों में विभाजित 14 जिलों में प्रचुर मात्रा में ऑयल और गैस की 11 लीज स्वीकृत है. वहीं 15 नए खोज लाइसेंस जारी करने की तैयारी है. ओएनजीसी, फोकस एनर्जी, ऑयल इण्डिया, वेदांता आदि खोज व दोहन कार्य में लगी हुई है. प्रदेश में एक लाख 9 हजार बैरल खनिज तेल का उत्पादन हो रहा है. उन्होंने बताया कि राजस्थान रिफाइनरी  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ड्रीम प्रोजेक्ट है और अब इसमें तेजी से काम करते हुए 2024 तक राजस्थान रिफाइनरी का काम पूरा कर प्रदेश में नया इतिहास रचा जा रहा है.

उन्होंने प्रदेश में खनिज, ऑयल और गैस सेक्टर में अधिक से अधिक निवेश भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया.राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि कृषि के बाद प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सबसे अधिक रोजगार माइनिंग सेक्टर उपलब्ध कराता है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में माइनिंग सेक्टर में ऑनलाइन व्यवस्था करने से पारदर्शिता आने के साथ ही लोगों का विश्वास बढ़ा है. उन्होंने पर्यावरण का ध्यान रखते हुए वैज्ञानिक पद्धति से खनिज दोहन पर बल दिया. माइनिंग सेक्टर में ओवरबर्डन की बड़ी समस्या है. ओवरबर्डन के निस्तारण के लिए भी ईसी का प्रावधान है. इस समस्या का ठोस समाधान खोजना होगा. उन्होंने राजस्व विभाग से हर संभव सहयोग का विश्वास दिलाया.

एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि खनिज भंडार की दृष्टि से राजस्थान यूनिक प्रदेश बन गया है. लेड, जिंक, बोलेस्टाइन, कॉपर, यूरेनियम, पोटाश , लाइमस्टोन, आयरन ओर, मैंगनीज, गारनेट, जिप्सम, मार्बल, सेंड स्टोन के विपुल भंडार है. उन्होंने कहा कि यूरेनियम खोज के साथ ही राजस्थान विश्व पटल पर आ गया है, प्रचुर मात्रा में पोटाश के भण्डार मिले हैं लाइम स्टोन के हमारे ब्लॉक देश में सर्वाधिक 192 फीसदी से भी अधिक में नीलाम हो रहे हैं, आयरन ओर के जयपुर जिले के बागावास ब्लॉक की नीलामी देश में सर्वाधिक 452 प्रतिशत प्रीमियम पर हुई है. डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ऑयल और गैस के कारण आज पश्चिमी राजस्थान में रेव्यूलेशन आ गया है. राज्य में बाड़मेर की पर कैपिटा इनकम सबसे अधिक हो गई है.

राजस्थान रिफाइनरी प्रदेश में विकास की नई इबारत लिख रही है. इसकी विशेषता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बुर्ज खलीफा से 5 गुणा अधिक कंक्रीट और एफिल टॉवर से 40 गुणा अधिक स्टील का उपयोग होगा.आगामी 8 सालों में 96 लाख पाइप लाईन से घरेलू गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने का रोडमैप बनाया गया है. कोलंबिया की राजदूत मारियाना पाचेको मोंटेस ने बताया कि कोलंबिया की इकोनॉमी भी काफी कुछ माइनिंग सेक्टर पर निर्भर है. 

एनर्जी सेक्टर में भी वहां बड़ा काम हो रहा है. निदशक माइंस केबी पण्ड्या ने आभार व्यक्त करते हुए बताया कि राजस्थान में माइनिंग सेक्टर में बड़ी उपलब्धियां के साथ ही अभी विपुल संभावनाएं है.आज के कॉन्क्लेव में जिस तरह तेल, गैस और खनन सेक्टर की नामचीन कंपनियों की भागीदारी नज़र आई उससे साफ है कि इन तीनों सेक्टर्स में राजस्थान को लेकर देश दुनिया की कंपनियां रुचि ले रही हैं. उम्मीद है कि आने वाले कुछ वर्षों में राजस्थान तेल, गैस व खनन सेक्टर में सिरमौर साबित होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

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