जयपुर VIDEO: अगस्त के पहले सप्ताह में जयपुर में आयोजित होगी माइनिंग-ऑयल और गैस कॉन्क्लेव, देश विदेश के दिग्गज लेंगे हिस्सा, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: अगस्त के पहले सप्ताह में जयपुर में आयोजित होगी माइनिंग-ऑयल और गैस कॉन्क्लेव, देश विदेश के दिग्गज लेंगे हिस्सा, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: खान पेट्रोलियम और गैस के क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधि और देश विदेश के खनन विशेषज्ञ अगस्त के पहले सप्ताह में गुलाबी नगर में जुटेंगे. खनन, पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर मंथन के लिए 3 अगस्त को राजधानी जयपुर में एक भव्य कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है. खान एवं पेट्रोलियम सेक्टर में राजस्थान ने देश में अपनी पुख्ता भागीदारी के लिए पिछले एक दशक में जोरदार सफलता हासिल की है. अब 3 अगस्त को जयपुर में आयोजित एक दिवसीय माइनिंग, ऑयल और गैस कॉन्क्लेव में उद्घाटन व समापन सत्र सहित तकनीकी सत्रों में देश और प्रदेश के माइनिंग, पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र के वर्तमान सिनेरियों दशा, दिशा और भावी संभावनाओं पर जाने-माने विशेषज्ञ मंथन करेंगे. 

कॉन्क्लेव में अन्य विशेषज्ञों के साथ ही कोलंबिया की राजदूत मारियाना पाचेको मोंटेस और आस्ट्रिया के ट्रेड कमिश्नर एवं कमर्शियल काउंसलर हैंस जाएर्ग होर्टनाग्ली भी हिस्सा लेंगे. अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि खनिज भण्डार की दृष्टि से देश में प्रमुुख प्रदेश होने को देखते हुए राज्य में पहली बार इस तरह कॉन्क्लेव का अयोजन किया गया है. उन्होंने बताया कि एक दिवसीय कॉन्क्लेव के पहले सत्र में कोलंबिया की राजदूत मारियाना पाचेको मोंटेस संबोधन देंगी वहीं एक अन्य सत्र में आस्ट्रिया के ट्रेड कमिश्नर एवं कामर्शियल काउंसलर हैंस जाएर्ग होर्टनाग्ली की नोट संबोधन देंगे. 

लीडरशीप डिस्कशन हाइड्रोकार्बन सिनेरियो- अवसर एवं चुनौतियां सत्र में पैनल डिस्कशन में भारत एवं राजस्थान में हाइड्रोकार्बन के क्षेत्र और राजस्थान स्थित बाड़मेर रिफाइनरी का प्रदेश के विकास में योगदान एवं पेट्रोकेमिकल के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास पर मंथन किया जाएगा. इस सत्र में ओएनजीसी के ईडी एसएन चिटनिस, भारत पेट्रोलियम के ईडी टी पीतांबरन, राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलाजी के निदेशक प्रोफेसर एएसके सिन्हा, भारत सरकार के पेट्रोलियम और नेचुरल गैस के अतिरिक्त महा निदेशक एक्सप्लोरेशन डॉ. सी लक्ष्मण रेड्डी, राजस्थान रिफाइनरी के मुख्य कार्यकारी कमलाकर विखर देश व प्रदेश के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सिनेरयिों और भावी संभावनाओं पर चर्चा करेंगे. 

एसीएस अग्रवाल ने बताया कि कॉन्क्लेव के एक अन्य सत्र में ट्रेंड्स एण्ड आइडियाज इन माइंस एण्ड मिनरल सेक्टर पर भारत और राजस्थान की खनिज संपदा एवं सामाजिक एवं आर्थिक विकास में इसके योगदान पर चर्चा होगी. इसके साथ ही तकनीक और नवाचारों से इस क्षेत्र में सस्टेनेबल माइनिंग द्वारा बेस्ट आउटकम पर मंथन होगा. इस सत्र में जम्मूकश्मीर के माइंस सचिव अमित शर्मा, फेगमिल के सीएमडी बिग्रेडियर अमर सिंह राठौड़, हिन्दुस्तार कॉपर के निदेषक माइनिंग श्री संजीव कुमार सिंह, स्टील ऑथोरिटी ऑफ इण्डिया के सीजीएम नेम कुमार झा, सीडॉस के मुख्य कार्यकारी मुकुल रस्तोगी और जेके लक्ष्मी सीमेंट के डीजीएम जियोलाजी डॉ. अमर दीप सक्सैना बतौर विशेषज्ञ चर्चा में हिस्सा लेंगे. डॉ. अग्रवाल ने बताया कि कॉन्क्लेव के सीमलेस गैस ड्रिस्ट्रीब्यूशन एण्ड पाइपलाईन नेटवर्क सत्र में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क (सीजीडी) विकसित करने के प्रयासों के साथ ही भूमिगत गैस पाइपलाईन डालने, प्रेशर रेगुलेटिंग स्टेशन और सीएनजी स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी. वर्तमान सिनेरियों और भविष्य की संभावनाओं पर राजस्थान स्टेट गैस लि. के प्रबंध संचालक मोहन सिंह, गैल इंडिया के राजस्थान मार्केटिंग हैड संदीपा ट्रक्रू व इन्द्रप्रस्थ गैस के प्रतिनिधि प्रस्तुति देंगे. एक दिवसीय कॉन्क्लेव के अंतिम तकनीकी सत्र में मेजर मिनरल्स: एक्स्प्लोरेशन, प्रोडक्शन एण्ड मार्केटिंग पर विशेषज्ञों द्वारा मंथन किया जाएगा.

इस सत्र में एमईसीएल के निदेशक तकनीकी अरविन्द कुमार, उडीसा के अतिरिक्त निदेशक माइंस यूसी जुनेजा, तेलंगाना सरकार के माइंस विभाग के निदेशक डॉ. रोनाल्ड रोज, छत्तीसगढ़ सरकार के मिनरल संसाधन विभाग के संयुक्त निदेशक अनुराग दीवान और जियोलाजिकल सर्वें ऑफ इंडिया के उपमहानिदेशक डॉ. संजय दास के साथ ही निजी क्षेत्र हिन्दुस्तान जिंक, जिंदल शा के विशेषज्ञ प्रस्तुतिया देंगे. कान्क्लेव में सीमेंट, वण्डर सीमेंट, अंबुजा सीमेंट, हिन्दुस्तान जिंक के द्वारा भी प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा. एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान में विपुल खनि संपदा और उसके वैज्ञानिक दोहन व देश दुनिया में आ रहे बदलाव व तकनीक के अध्ययन व मंथन और उसके उपयोग की दृष्टि से यह कॉन्क्लेव अधिक उपयोगी हो जाता है.

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