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मंत्री लालचंद कटारियां ने किया कृषि प्रौद्योगिकी ज्ञान केन्द्र का लोकार्पण, किसानों को मिल सकेगी नई तकनीकों की जानकारी

जयपुर: दुर्गापुरा स्थित राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान में आज कृषि प्रौद्योगिकी ज्ञान केन्द्र का लोकार्पण किया गया. कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने केन्द्र के नए भवन का लोकार्पण किया. मंत्री ने नए भवन में लगाई बीज किस्मों, कृषि तकनीक के मॉडलों का जायजा लिया. केन्द्र परिसर में पौधारोपण के बाद संस्थान के भवन का फीता काटककर लोकार्पण किया. 

मंत्री ने किसानों को नई कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी देने की जरूरत बताई:
कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने किसानों को भ्रमण कराने और नई कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी देने की जरूरत बताई. कृषि मंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि कोरोना काल में GDP में ताकत कृषि क्षेत्र से ही आई है. इसके बावजूद किसान सड़कों पर आंदोलन को मजबूर है. ऐसा शांतिप्रिय आंदोलन देश में पहले कभी नहीं हुआ. आज किसान परिवारों का बंटवारा हो रहा, नई पीढ़ी की खेती में कम रुचि है. जोत घट रही है, तो हमें नई तकनीक का उपयोग करना होगा. कम लागत में आमदनी बढ़े, ऐसे उपाय करने होंगे. पशुओं की नस्ल सुधार को प्रोत्साहित करना होगा. कृषि में ड्रिप इरिगेशन अच्छी बात है, लेकिन कम्पनियां अच्छी तकनीक के पाइप उपयोग में नहीं ले रही हैं. राज्य सरकार ने GSS केंद्र से किराए पर ट्रेक्टर देने की सुविधा शुरू की है. 

कृषि विवि उदयपुर की रैंक सबसे बेहतर 26 रही: 
इस मौके पर श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के कुलपति जेएस संधू ने कहा कि ICAR की रैंकिंग में हमारे विश्वविद्यालयों की रैंकिंग अच्छी नहीं रही है. कृषि विवि उदयपुर की रैंक सबसे बेहतर 26 रही है. बीकानेर की 32, कोटा की 52, जोबनेर की 53 और जोधपुर कृषि विवि की रैंक 63 रही है. हमें हमारे विवि में मल्टी फ़ैकल्टी केंद्र खोलने के लिए बजट चाहिए, इसके बाद रैंकिंग में भी सुधार हो सकेगा. संस्थान के निदेशक एएस बालौदा ने केन्द्र के विकास के बारे में जानकारी दी.

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