सूरत सत्याग्रह अगेंस्ट पॉल्यूशन एंड क्लाइमेट चेंज के अंतर्गत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ग्रीनमैन विरल देसाई के बीच MOU पर हस्ताक्षर किए गए

सत्याग्रह अगेंस्ट पॉल्यूशन एंड क्लाइमेट चेंज के अंतर्गत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ग्रीनमैन विरल देसाई के बीच MOU पर हस्ताक्षर किए गए

सत्याग्रह अगेंस्ट पॉल्यूशन एंड क्लाइमेट चेंज के अंतर्गत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ग्रीनमैन विरल देसाई के बीच MOU पर हस्ताक्षर किए गए

सूरत: गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सूरत कार्यालय और पर्यावरणवादी विरल देसाई के संगठन 'हार्ट्स एट वर्क फाउंडेशन' के बीच 'सत्याग्रह अगेंस्ट पॉल्यूशन एंड क्लाइमेट चेंज' आंदोलन के तहत MOU पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत बड़े पैमाने पर पर्यावरण जागरूकता अभियान निकट भविष्य में चलाए जाएंगे और दस से अधिक मियावाकी शहरी वन बनाए जाएंगे.

सत्याग्रह अगेंस्ट पॉल्यूशन एंड क्लाइमेट चेंज आंदोलन के इस एमओयू के तहत, हार्ट्स एट वर्क फाउंडेशन और जीपीसीबी सूरत जिले के बीस हजार से अधिक छात्रों और हजारों युवाओं तक पहुंचेंगे और उन्हें जलवायु परिवर्तन की वास्तविकता से अवगत कराएंगे और उनके भीतर पर्यावरण संरक्षण का भावना पैदा करेंगे. वहीं, इन दोनों संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाकर विभिन्न स्थानों पर दस से अधिक मियावाकी शहरी वन तैयार किए जाएंगे.

इस बारे में जीपीसीबी सूरत क्षेत्रीय अधिकारी श्रीमती. जिज्ञासा ओझा ने कहा, 'ऐसा पहली बार हो रहा है कि हमारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस तरह के अभियान में शामिल हो रहा है. प्रदूषण नियंत्रण हमारी प्राथमिकता है और ऐसे समय में जागरूकता अभियान और वृक्षारोपण की दिशा में और अधिक आक्रामक तरीके से काम करना हमारे लिए खुशी और गर्व की बात है.'

तो ग्रीनमैन विरल देसाई ने कहा, 'जीपीसीबी जैसे महत्वपूर्ण संगठन से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करना हमारे लिए गर्व की बात है. मुझे विश्वास है कि निकट भविष्य में प्रदूषण आंदोलन और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सत्याग्रह न केवल सूरत जिले में, बल्कि पूरे गुजरात में युवाओं तक पहुंचेगा और उस आंदोलन के आधार पर हम सभी सकारात्मक रूप से क्लाइमेट एक्शन की दिशा में आगे बढ़ेंगे.'

गौरतलब है कि इस एमओयू के तहत जीपीसीबी सूरत के नवनिर्मित कार्यालय को भी ग्रीन ऑफिस के रूप में तैयार किया गया है. इकोसिस्टम रिस्टोरेशन और क्लाइमेट एक्शन की थीम पर बनाया गया यह पहला मॉडल कार्यालय हर दिन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सैकड़ों लोगों को प्रभावित करेगा. इन दोनों संगठनों ने पांडेसरा इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के सहयोग से पांडेसरा का पहला औद्योगिक क्षेत्र 'अमृत वन' नाम का मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट भी  तैयार किया है.

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