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गांधी परिवार की SPG सुरक्षा हटाएगी मोदी सरकार ! गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में लिया फैसला

गांधी परिवार की SPG सुरक्षा हटाएगी मोदी सरकार ! गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में लिया फैसला

नई दिल्ली: मोदी सरकार गांधी परिवार की सुरक्षा को कम करने की तैयारी कर रही है. सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि सरकार गांधी परिवार को जो SPG की सुविधा मिली है उसे हटाने जा रही है. अब नई व्यवस्था में SPG की जगह Z+ सुरक्षा दी जाएगी. अभी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को एसपीजी की सुरक्षा मिली हुई है. जानकारी के मुताबिक अब गांधी परिवार की सुरक्षा में Z+ श्रेणी की होगी और CRPF के कमांडो सुरक्षा ड्यूटी में तैनात होंगे. यह महत्वपूर्ण निर्णय गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया है. 

सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट्स के आधार पर लिया यह निर्णय: 
सूत्रों के अनुसार यह निर्णय सभी सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट्स के आधार पर लिया गया है. पिछले कुछ समय में गांधी फैमिली पर किसी तरह के हमले की कोई धमकी मिलने की जानकारी नहीं मिली. समय-समय पर सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जाती है और इसी के आधार पर यह तय किया जाता है. इससे पहले हाल ही में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की सुरक्षा से भी SPG सुरक्षा हटाकर CRPF की Z+ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी.

SPG सुरक्षा क्या है: 
विशेष सुरक्षा दल (Special Protection Group- SPG) को 02 जून, 1988 में भारत की संसद के एक अधिनियम द्वारा बनाया गया था. इसके जवानों का चयन पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स (BSF, CISF, ITBP, CRPF) से किया जाता है. SPG को देश की सबसे पेशेवर एवं आधुनिकतम सुरक्षा बलों में एक माना जाता है. इसके कमांडो ऑटोमेटिक गन FNF-2000 असॉल्ट राइफल से लैस होते हैं. कमांडोज के पास ग्लोक 17 नाम की एक पिस्टल भी होती है. ये एक लाइट वेट बुलेटप्रूफ जैकेट पहनते हैं. SPG के जवान हाई ग्रेड बुलेटप्रूफ वेस्ट पहने होते हैं, जो लेवल-3 केवलर की होती है. इसका वजन 2.2 किग्रा होता है और यह 10 मीटर दूर से एके 47 से चलाई गई 7.62 कैलिबर की गोली को भी झेल सकती है.

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच अब दिल्ली से चौंकाने वाली खबर आ रही है.  सूत्रों की माने तो गहलोत और पायलट कैंप के झगड़ों को निपटाने के लिए सोनिया गांधी के स्तर पर आखिरी कोशिश हो रही है. सोनिया कल ही अस्पताल से लौटी है. ऐसे में अब अगले तीन-चार दिनों में गांधी परिवार राजस्थान में कांग्रेस को टूटने से बचाने की आखिरी कोशिश कर सकता है. 

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2 दिन पहले खुद गहलोत दे चुके इसका इशारा: 
2 दिन पहले खुद गहलोत बागी विधायकों के माफी मांगने पर उन्हें गले लगा लेने का इशारा दे चुके हैं. लेकिन पायलट कैंप से जुड़े सूत्रों ने बागी विधायकों के किसी भी सूरत में माफी नहीं मांगने के स्पष्ट संकेत दिए हैं. फिर अब गहलोत-पायलट की लड़ाई में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से BJP भी एक फैक्टर बना नजर आ रहा है. 

कांग्रेस में लौटने का फैसला अकेले नहीं ले पाएंगे पायलट: 
पायलट और भाजपा मानसिक एवं वैचारिक रूप से एक-दूसरे के काफी निकट आ चुके हैं. ऐसे में वापस कांग्रेस में लौटने का फैसला पायलट अकेले नहीं ले पाएंगे. इसके लिए उन्हें दिल्ली में अपने 'राजनीतिक मित्रों' से बाकायदा सलाह-मशविरा करना होगा. इसलिए कुल मिलाकर पायलट कैंप के कदम वापस खींचने की संभावना बहुत क्षीण नजर आ रही है. 

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सचिन पायलट गुट के रुख पर सस्पेंस बरकरार:
दूसरी ओर विधानसभा सत्र के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट गुट के रुख पर सस्पेंस बरकरार है.वहीं मिली जानकारी के अनुसार पायलट कैम्प के सभी विधायक विधानसभा सत्र में शामिल होंगे. हालांकि सदन में सरकार के विश्वासमत हासिल करने के लिए फ्लोर टेस्ट होने की संभावना पर आखिरी फैसला सचिन पायलट ही तय करेंगे. 


 

अजय पाल सिंह बने बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष, फर्स्ट इंडिया ने की उनसे खास बातचीत

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जयपुर: भाजपा नेता अजयपाल सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. अब तक पार्टी में कई भूमिका निभा चुके सिंह इस नई भूमिका को लेकर आशान्वित है और प्रदेश भर में संगठन को प्रदेश स्तर पर जी जान से जोड़ना अपना तात्कालिक लक्ष्य बताते हैं. हमारे वरिष्ठ संवाददाता डॉक्टर ऋतुराज शर्मा ने उनसे खास बातचीत की.  

प्रश्न-सबसे पहले आपको बहुत बहुत बधाई...! इस नई जिम्मेदारी को लेकर क्या चुनौती मानते हैं?

उत्तर-सबसे पहले तो मैं केन्द्रीय संगठन का बहुत बहुत आभारी हूं. प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री का आभार जताता हूं. मैं आभारी हूं कि संगठन ने मुझे इस लायक समझा और यह बड़ी जिम्मेदारी दी. इसके बाद मेरी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है.पार्टी के प्रति. मैं पार्टी के लिए जितना ज्यादा हो सके,काम करूंगा.  मैं 1988 से पार्टी में हूं और पार्टी ने मुझे पद भी दिए और मान-सम्मान भी दिया है. अब मेरी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि इस नई भूमिका को निभाते हुए संगठन को ऑल राजस्थान लेवल पर जी जान लगाकर जोडूं. 

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प्रश्न-केन्द्रीय नेतृत्व ने इस भूमिका के लिए कैसे उपयुक्त माना?
उत्तर-मैं पांच साल तक नगर निगम में पार्षद रहा. फिर पांच साल भवन निर्माण समिति में चेयरमैन रहा. उसके बाद तीन साल हाउसिंग बोर्ड चेयरमैन रहा और प्रदेश कार्यकारिणी का 15 साल सदस्य रहा. व्यापार प्रकोष्ठ का अध्यक्ष रहा हूं. इन जिम्मेदारियों को देखते हुए पार्टी ने मुझे इस लायक समझा जिसका मैं बहुत आभारी हूं. केन्द्रीय नेतृत्व व प्रदेश संगठन ने मुझ पर विश्वास रखा और विश्वास रखकर ही यह नई जिम्मेदारी दी है. आज करीब 32 साल हो गए मुझे पार्टी से जुड़े हुए। जिस पद पर भी पार्टी ने मुझे रखा है मैंने उसे निभाया है.इस बात को दुनिया भी जानती है. और यही कारण है कि सारी पार्टी मुझ पर विश्वास करती है. लेकिन यह सब चीजों के बाद भी मैं आपको यह बात कहता हूं कि मेरे लिए बहुत यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. मुझे संगठन के लिए जी-जान से काम करना है.किया भी है और करता रहूंगा. 

प्रश्न-आपने संगठन में तमाम तरह की जिम्मेदारियां निभाई हैं,वह जिम्मेदारी और आज जो पद मिला है उनमें किस तरह अलग मानते हैं और उसे कैसे निभाएंगे?

उत्तर -अब मेरी जो जिम्मेदारी है वह संगठन के प्रति है। मुझे सारी जगह जाकर.पूरे राजस्थान में जाकर संगठन को जोड़ना है.हमारे जितने भी कार्यकर्ता हैं उन्हें एक करना है और अगला जो भी कार्यक्रम पार्टी हमको देगी उसे तन-मन-धन से लगकर पूरा करना है. 

प्रश्न-अभी सियासी संकट है जिसमें भाजपा पर बार-बार आरोप लग रहे हैं कि हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है.विधायकों की खरीद फरोख्त हो रही है. केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह पर आरोप लग रहे हैं,फोन टेपिंग हो रही है इन तमाम बातों को कैसे देखते हैं और कांग्रेस के इन आरोपों का आपके पास क्या जवाब है?

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उत्तर-मैं नहीं मानता कि कोई होर्स ट्रेडिंग हो रही है. जिस तरह के आरोप लग रहे हैं इनको भी मैं नकारता हूं. ऐसा कुछ भी नहीं है.

प्रश्न-सियासी संकट के बारे में क्या कहेंगे.फ्लोर टेस्ट होगा क्या और सरकार बचेगी क्या?

उत्तर-फ्लोर टेस्ट तो होगा.करेंगे भी. मुझे जो दिख रहा है कि सरकार संकट में है. 

प्रश्न-कार्यकर्ताओं की संगठन में मुख्य भूमिका रहती है उन्हें कैसे पुश करेंगे और मोटिवेट करेंगे और कैसे संरचनात्मक बदलाव का हिस्सा बनते हुए जो विरोध के स्वर हैं सरकार के खिलाफ.कैसे उभारेंगे उसे क्या कोई रणनीति है?

उत्तर-जैसा निर्देश पार्टी हमें देगी.उसी हिसाब से हम काम करेंगे.

प्रश्न-अभी पार्टी आलाकमान,प्रदेश अध्यक्ष से आपने बात की होगी.क्या कोई निर्देश मिले हैं?
उत्तर-मेरे ख्याल में कल हमें बुलाया जाएगा और जो निर्देश हमें दिया जाएगा उसकी पालना की जाएगी.

प्रश्न-आगे की क्या कार्ययोजना है प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका को कैसे देखते हैं क्या कोई आंदोलन या अन्य गतिविधियों को कैसे चलाएंगे?

उत्तर-हमारा मुख्य काम है कार्यकर्ताओं को जोड़ना जो पार्टी निर्देश देगी उसके हिसाब से सारे काम करेंगे.

राज्यसभा सांसद अमर सिंह का निधन, सिंगापुर में चल रहा था उपचार

राज्यसभा सांसद अमर सिंह का निधन, सिंगापुर में चल रहा था उपचार

नई दिल्ली: राज्यसभा सदस्य और पूर्व समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह का आज निधन हो गया है. 64 वर्ष की उम्र में अमर सिंह ने अंतिम सांस ली. अमर सिंह का पिछले 6 माह से सिंगापुर में इलाज चल रहा था.अमर सिंह का हाल ही में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. 

काफी लंबे वक्त से चल रहे थे बीमार:
अमर सिंह काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे और करीब छह महीने से उनका सिंगापुर में इलाज किया जा रहा था.इससे पहले शनिवार को उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी और सभी फॉलोअर्स को ईद के मौके पर उन्हें बधाई दी. 

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यूपी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे अमर सिंह :
आपको बता दें कि 5 जुलाई 2016 को उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता ली थी. वे कभी उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे. अमर समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी थे. उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 27 जनवरी 1956 में हुआ. उनकी दो बेटियां हैं. अमर 2002 और 2008 में भी राज्यसभा के लिए चुने गए.  

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VIDEO: राजस्थान में BJP के नए-नए नेता वसुंधरा राजे से टक्कर लेना चाहते लेकिन इनमें दम नहीं- सीएम गहलोत

जैसलमेर: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज एक बार फिर बीजेपी पर जमकर निशान साधा. जैसलमेर में मीडिया से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि देश में हालात गंभीर बने हुए है. चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश की जा रही है. सीएम ने कहा कि बीजेपी हॉर्स ट्रेडिंग का खेल गलत है. इससे देश में लोकतंत्र खतरे में है. 

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मैं बड़े प्यार और मोहब्बत से बात करता हूं:
उन्होंने कहा कि मैं एग्रेसिव नहीं हूं. मैं बड़े प्यार और मोहब्बत से बात करता हूं. मेरा मुस्कुराना गॉड गिफ्टेड है. वहीं पायलट गुट पर बोलते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि अगर आलाकमान उन्हें माफ करता है तो जितने भी हैं उन सबको गले लगाउंगा. इस दौरान सीएम गहलोत ने पूर्व मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी के नए-नए नेता वसुंधरा राजे से टक्कर लेना चाहते हैं लेकिन इनमें दम नहीं है. उन्होंने वसुंधरा राजे को लेकर कहा कि वसुंधरा राजे तो पता नहीं कहां गायब हो गई है. वो कहीं नजर नहीं आ रही लेकिन बाकी बीजेपी नेताओं में मुख्यमंत्री बनने की होड़ लगी हुई है. 

कोरोना को लेकर राजस्थान की देश-दुनिया में तारीफ हो रही: 
इसके साथ ही गहलोत ने कहा कि पीएम मोदी को राजस्थान में चल रहे खरीद फरोख्त मामले को रुकवाना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने पीएम से इस बारे में बात भी की है और साथ ही कोरोना को लेकर भी प्रधानमंत्री से बात हुई. राजस्थान की देश-दुनिया में तारीफ हो रही है. सीएम ने कहा कि राजस्थान में कोरोना से मृत्यु दर सबसे कम है. प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या इसलिए बढ़ रही क्योंकि हमने जांच बढ़ा दी है. हमने दूसरे राज्यों को भी प्रस्ताव दिया है कि वे चाहे तो यहां जांचे करवा सकते हैं. 

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गुरुवार को अमित शाह पर साधा था निशाना: 
बता दें कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री गहलोत ने गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि अमित शाह का ना मैं बार-बार इसलिए लेता हूं कि फोरफ्रंट पर वो ही आते हैं. कर्नाटक के लिए भी, एमपी के लिए भी, गोवा हो, मणिपुर हो, अरुणाचल प्रदेश हो, तो मजबूरी में कहना पड़ता है.  


 

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने जयपुर के कांवटिया अस्पताल का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान मंत्री ने आम लोगों से चर्चा भी की. अस्पताल के निरिक्षण के दौरान उन्होंने प्रशासन को जरुरी निर्देश भी दिए. इसके बाद मीडिया से वार्ता करते हुए उन्होंने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. 

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राजस्थान की जनता हमारे लिए लड़ने के लिए तैयार: 
उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले कहते है कि अब तो इनका पाकिस्तान जाना बाकि है इनके जो शुभ विचार हमारे लिए हैं इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी से बात कर लो, हाथ में बंदूके लो और कांग्रेसियों के गोली मार दो. यदि आप गोलियां चला दो तो उसके बाद आप भी सुरक्षित नहीं रहोगे. क्योंक राजस्थान की जनता हमारे लिए लड़ने के लिए तैयार बैठी है. सुनिए मंत्रि खायरियावास ने क्या कुछ कहा...


 

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच आज बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर जयपुर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से वार्ता करते हुए राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपना घर नहीं संभाल पा रही है, वह शुरू से ही कोमा में है. कांग्रेस सरकार बीजेपी पर बेबुनियाद आरोप लगाती है. राजनीतिक व्यक्ति अपनी पार्टी पर ही कैसे आरोप लगाएं, जो लोग बाहर गए हैं वह तो कांग्रेस के ही लोग हैं. सुबह उठते ही पीएम मोदी और अमित शाह का नाम नहीं लेते तब तक उन्हें चैन नहीं आती. 

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सरकार बहुमत साबित करती तो इतना डरती ही नहीं:
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार, उनकी पुलिस यहां पर है तो जैसलमेर तक भागने की क्या जरूरत है. विधायकों को कभी बकरा, कभी भेड़ बोलते हैं. अगर सरकार बहुमत साबित करती तो इतना डरती ही नहीं. हम तो मौका देख रहे हैं कि वह क्या करते हैं. हमारे दल का कोई भी व्यक्ति कहीं पर भी इसमें इनवॉल्व नहीं है. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि भैरोंसिंह ने भी धरना दिया था उसके बारे में बयान देना बिल्कुल गलत बात है. उस वक्त हम सिर्फ 5 लोग गए थे. उससे पहले हमारे बहुमत की परेड हम राज्यपाल के सामने कर चुके थे. जो 5 लोग गए थे उनमें मैं खुद भी मौजूद था. पांच-छह घंटे की बहस बाजी करने के बाद भैरोंसिंह जी थोड़ा थक गए थे लोन में बैठ गए थे जो धरना नहीं था, पूरी जनता बाहर की तरफ साथ थी. हरिदेव जोशी के सीएम बनने के कार्ड छप चुके थे लेकिन दिल्ली से प्रधानमंत्री ने इंटरविन किया. 

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निश्चित रूप से हर विषय पर हाउस में कांग्रेस को घेरा जाएगा:
इसके साथ ही माथुर ने कहा कि गवर्नर के सामने विधायकों की परेड करते हस्ताक्षर देते. एक-एक विधायक के बयान करवाते, लेकिन राजभवन में नारेबाजी करवाना ठीक नहीं है. 14 अगस्त से विधानसभा सत्र को लेकर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमारा विधायक दल पूरी तैयारी में है. बहुत सारे विषय इकट्ठा हैं, बहुत जल्दी विधायक दल की बैठक भी होनी है. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष, वसुंधरा राजे, उपनेता प्रतिपक्ष, सतीश पूनिया और प्रदेश सारे बड़े नेता लगातार संपर्क में है. ऐसे में निश्चित रूप से हर विषय पर हाउस में कांग्रेस को घेरा जाएगा. विपक्ष द्वारा सत्ता पक्ष पर भयंकर आक्रमण किया जाएगा. राज्य सरकार को टिड्डी, कोरोना और लॉ एंड ऑर्डर की स्थितियों पर घेरा जाएगा. वहीं बसपा के मुद्दे पर बोलते हुए माथुर ने कहा कि पहले रहे जब भी बसपा के सहारे थे अब भी बसपा के सहारे से हैं. कोर्ट के नोटिस का जवाब 11 अगस्त तक देना है. कोर्ट सही न्याय करेगा ऐसा भरोसा है. 

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जयपुर: कांग्रेस विधायकों की जैसलमेर में बाड़ेबंदी की जा रही है. इसी कड़ी में जयपुर बचे हुए 2 विधायकों को आज सुबह चार्टर विमान से जैसलमेर भेजा गया. विधायक अमित चाचण और जगदीशचंद्र जांगिड़ चार्टर विमान से जैसलमेर के लिए रवाना हुए. 

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कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं: 
इनके साथ कांग्रेस नेता संदीप चौधरी, अरुण कुमावत और दिल्ली यूथ कांग्रेस से जुड़े अमित मलिक भी रवाना हुए. 7 सीटर छोटे चार्टर विमान में ये सभी नेता रवाना हुए. सभी ने एकसुर में कहा कि सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं है.

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विधानसभा सत्र की सियासी तैयारियों में जुटी BJP, नेता प्रतिपक्ष ने कहा -आवश्यकता हुई तो अविश्वास प्रस्ताव भी लेकर आएंगे

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जयपुर: नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि आवश्यकता हुई तो भाजपा सदन में अविश्वास प्रस्ताव भी लेकर आएगी. कटारिया ने 14 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर कहा कि फिलहाल हम कांग्रेस की हर रणनीति के लिहाज से हमारी भी तैयारियों में जुटे हुए हैं.

गुलाबचंद कटारिया ने किया सरकार पर कटाक्ष:
इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मैंने शुरू में ही कहा था कि कांग्रेस राज्यपाल को बाध्य नहीं कर सकती. नियम और प्रक्रिया के लिहाज से जब इन्होंने राज्यपाल के सामने डिमांड रखी तो राज्यपाल ने भी विधानसभा सत्र की स्वीकृति दे दी.

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बीजेपी को जबरदस्ती घसीट रहे सरकार के लोग:
इस दौरान फर्स्ट इंडिया से खास बातचीत में कटारिया ने कहा कि कांग्रेस के दोनों खेमों में चल रही बाड़ेबंदी और आपसी टूट में भारतीय जनता पार्टी को सरकार के लोग जबरदस्ती घसीट रहे हैं. इस दौरान उन्होंने बसपा से कांग्रेस में गए विधायकों के मुद्दे पर की हाई कोर्ट पर विश्वास जताया और कहा कि किसी भी राष्ट्रीय दल का इस तरीके से विलय नहीं हो सकता. जो वर्तमान में सरकार ने बसपा के 6 विधायकों का करवाया है.

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