जयपुर VIDEO: पंजीयन एवं मुद्रण विभाग से धनवर्षा, जनवरी तक मिल चुका 5142.21 करोड़ का रेवेन्यू, देखिए ये रिपोर्ट

VIDEO: पंजीयन एवं मुद्रण विभाग से धनवर्षा, जनवरी तक मिल चुका 5142.21 करोड़ का रेवेन्यू, देखिए ये रिपोर्ट

जयपुर: कोरोना की तीसरी लहर में भले ही लोगों के नौकरी, बिजनेस प्रभावित हो गए हो, लेकिन रियल एस्टेट कारोबार पर का ग्राफ गिरने के बजाए बढ़ा है. मौज़ूदा वित्तीय वर्ष में सरकार को रजिस्ट्रियों के जरिये रिकॉर्ड राजस्व मिला है. कोरोना काल में जहां एक तरफ लोगों की इनकम गिर रही थी, वहीं सरकार और रियल एस्टेट कारोबारियों की चांदी हो रही थी. लॉकडाउन में जहां सभी लोगों के कारोबार बंद थे, तब भी घर, प्राेपर्टी की जमकर खरीद-फरोख्त हुई. ये हम नहीं कह रहे बल्कि पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क विभाग में हुई कमाई के आंकड़े दर्शा रहे है. विभाग की ओर से वित्त वर्ष 2021-22 के जनवरी तक की कमाई के आंकड़े देखे तो यह पिछले 5 साल में हुई कमाई के सभी आंकड़ों को बहुत ज्यादा है. जबकि अभी मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के 2 महीने बाकी है.

पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क विभाग से मिली रिपोर्ट देखे तो वित्त वर्ष 2021-22 में पिछले 10 महीने (अप्रैल 2021 से जनवरी 2022) तक सरकार को रजिस्ट्री एवं स्टाम्प फीस से 5142.21 करोड़ का रेवेन्यू मिल चुका है. जबकि साल 2020-21 में इन्ही 10 महीने के दौरान यह रेवेन्यू 4118.62 रुपए था. मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 में जब कोरोना की दूसरी लहर आई थी तब 19 अप्रैल से 30 मई तक प्रदेश में लॉकडाउन था. मौज़ूदा वित्तीय वर्ष के 2 महीने अभी भी बाकी हैं,ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि लंबे समय के बाद यह विभाग अपने राजस्व टारगेट को पूरा कर लेगा. पिछले 5 साल से 100 फीसदी टारगेट पूरा नहीं हुआ है. ऐसे में अगर कोरोना के माहौल में टारगेट पूरा होता है तो इसे बड़ी उपलब्धि माना जाएगा.

सरकार हर साल रजिस्ट्री और स्टाम्प ड्यूटी से रेवेन्यू का टारगेट रखती है, लेकिन पिछले 5 साल में कभी भी सरकार का टारगेट पूरा नहीं हुआ. कोरोनाकाल में साल 2020-21 में कुल टारगेट का 95.45 फीसदी रेवेन्यू जुटाया था, जो पिछले 5 साल में सर्वाधिक रेवेन्यू का रिकॉर्ड है. इस साल सरकार ने 5550 करोड़ का टारगेट का था, जिसमें से सरकार को 5297.27 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी.

6100 करोड़ का टारगेट, जो इस बार पूरा होने के करीब:

राजस्थान सरकार ने रजिस्ट्री और स्टाम्प फीस के पेटे इस बार कुल 6100 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का टारगेट वित्त वर्ष 2021-22 में रखा है. जनवरी तक 5142.21 करोड़ का रेवेन्यू मिल चुका है. इस वित्त वर्ष के शुरूआती दो महीने अप्रैल, मई को छोड़ दे तो 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की रेवेन्यू हर महीने लगातार हो रही है. इस हिसाब से अनुमान है कि इस बार रेवेन्यू का जो टारगेट रखा है, वह 100 फीसदी पूरा होगा. रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी से मिले राजस्व के इन आंकड़ों से प्रॉपर्टी बाजार में भी उत्साह का माहौल है क्योंकि एक समय ऐसा माना जा रहा था कि प्रॉपर्टी बाजार को कोरोना से उबरने में लंबा समय लगेगा लेकिन तमाम चुनौतियों के बाद प्रॉपर्टी बाजार ने कम समय में ही अच्छी स्पीड पकड़ ली है. जो की प्रॉपर्टी बाजार के लिए एक शुभ संकेत है.पंजीयन और मुद्रण विभाग से सरकार पर हुई धनवर्षा सरकार के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाकी विभाग उम्मीद के मुताबिक राजस्व अर्जन नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में सरकार की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए यह आंकड़े काफी उत्साहजनक है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट 

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