जयपुर Video: राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 9 सितम्बर से हो सकता है आहुत, राज्य सरकार ने दिए संकेत 

Video: राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 9 सितम्बर से हो सकता है आहुत, राज्य सरकार ने दिए संकेत 

जयपुर: पिछले विधानसभा सत्र के हंगामेदार रहने के बाद विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत होने जा रही है. 16 वीं विधानसभा का अगला सत्र 9 सितम्बर से शुरू हो सकता है. ऐसे में राज्य सरकार ने इस बारे में संकेत दे दिए है. बस अब राजभवन से अधिकारिक पुष्टी होने के बाद तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा. राज्यपाल की मंज़ूरी के बाद मानसून सत्र में जनप्रतिनिधि विधानसभा में नज़र आएगें. कार्य सलाहकार समिति की बैठक में विधानसभा के कामकाज की रूपरेखा तैयार की जाएगी. लोकसभा के मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के बाद विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत हो सकती है. 

सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना:
बजट सत्र के बाद मानसून सत्र में विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष फिर से आमने सामने होंगे. इस सत्र के भी हंगामेदार रहने की संभावना है. जहां विपक्षी दल और कांग्रेस इस सत्र में पेगासस, प्रदेश में कानून व्यवस्था और किसान आंदोलन को लेकर आमने सामने हो सकते है.  पूरा मानसून सत्र तकरीबन एक हफते तक चल सकता है. सरकर कुछ महत्म्वपूर्ण बिंदूओं पर सत्र में चर्चा करेगी. हालांकि मानसून सत्र में देरी जरूर हुई है. ये बात भी सामने आ रही है कि कुछ ही समय में राजभवन से भी अधिकृत अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. 

मानसून सत्र को लेकर ये लगभग लगभग साफ हो गया है कि अगले महिने यानी  9 सीतंबर को मानसून सत्र आहुत किया जा सकता है. दोनो मुख्य राजनीतिक पार्टियों कांग्रेस और BJP ने अपनी- अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है ऐसे में कयास ये भी लगाए जा रहे है कि सत्र के दौरान पेगासस मामले पर भी बहस हो सकती है. ऐसे में पंचायती राज चुनवों के परिणाम का असर भी पडेगा. राष्ट्रीय मुद्दों को कांग्रेस पूरजोर तरीके से उठाएगी और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विपक्ष से जवाब लेगी. वही यदि मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की बात करे तो वो राज्य सरकार को लॉ एंड ऑर्डर (कानून व्यवस्था) पर घेर सकती है. जनहीत के मुद्दों को लेकर भी बीजेपी पक्ष को घेरेगी. वही पर सता पक्ष किसान आंदोलन, पेट्रोल, डीजल की किमतों में हुई बढोतरी को लेकर भी केंद्र को घेरने की तैयारी में है. इतने दिनों के बाद सत्र के आहुत होने पर वललभनगर और प्रतापगढ के धरीयावाद के उपचुनावों की तारीख की घोषणा हो सकती है. सेंटर ऑफ अट्रेक्शन भी बड़ा मुद्दा हो सकता है. राज्य में कांग्रेस की कलह को लेकर भी बीजेपी के आरोप है कि कांग्रेस में अभी भी दो गुट बने हुए है. बीजेपी की रणनीति मुख्य विपक्ष नेता गुलाब चंद कटारिया, सतीश पूनीयां और राजेंद्र सिंह राठोड मिलकर बनाएंगे, वही पर सत्ता पक्ष में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अन्य सदन के पदाधिकारियों के साथ विपक्ष और केंद्र को घेरने की रणनीति तैयार करेंगे. इस से ये साफ है कि इस बार राजस्थान की विधानसभा का सत्र हंगामेदार हो सकता है.

 

अपकों बता दे कि राजस्थान में तीन चरणों में 6 जिलों में पंचायती राज चुनाव होने है. पहले ये कयास लगाए जा रहे थे कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में मानसून सत्र की शुरूआत हो सकती है किंतु अब राज्य सरकार ने संकेत दे दिए है.  
 

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