नई दिल्ली Delhi: भागीरथ पैलेस बाजार अग्नि हादसे में लगभग 200 दुकानें खाक, FIR दर्ज

Delhi: भागीरथ पैलेस बाजार अग्नि हादसे में लगभग 200 दुकानें खाक, FIR दर्ज

Delhi: भागीरथ पैलेस बाजार अग्नि हादसे में लगभग 200 दुकानें खाक, FIR दर्ज

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में चांदनी चौक के भागीरथ पैलेस बाजार में लगी आग को बुझाने के प्रयास लगातार तीसरे दिन भी जारी रहे जबकि इस घटना में लगभग 200 दुकानें जलकर खाक हो गईं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

       

उन्होंने बताया कि 14 दमकल गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं. व्यापारियों ने दावा किया कि उन्हें 400 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के थोक बाजार में लगी आग की चपेट में आने से आसपास की करीब 200 दुकानें जलकर खाक हो गईं. उन्होंने कहा कि अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 285 (आग या ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) और 336 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

इलेक्ट्रिक उपकरणों की दुकानों में फैल गई:
दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने शनिवार को चांदनी चौक के भागीरथ पैलेस बाजार पहुंचकर हालात का जायजा लिया. अग्निशमन विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार रात नौ बजकर 19 मिनट पर इस घटना की खबर मिली थी. महालक्ष्मी बाजार में एक दुकान में आग लगने के बाद देखते ही देखते यह आसपास स्थित इलेक्ट्रिक उपकरणों की दुकानों में फैल गई.

क्षेत्र में आग लगने की बड़ी आशंका रहती है:
इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार सुबह आग पर काबू पा लिया गया था और स्थान के प्रशीतन की प्रक्रिया चल रही थी. लेकिन शाम को फिर आग भड़क गई और इसने एक बार फिर भयंकर रूप ले लिया. स्थिति का जायजा लेने सुबह इस बाजार में पहुंचे सक्सेना ने कहा कि घटनास्थल के प्रशीतन का काम चल रहा है. उन्होंने ट्वीट किया कि लटकते तारों, अधिक बोझ सह रहे सर्किट, पुराने भवन, पानी की कमी और तंग गलियों के कारण ऐसे क्षेत्र में आग लगने की बड़ी आशंका रहती है.

30 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है:
उन्होंने कहा कि चांदनी चौक, सदर बाजार, पहाड़गंज और अन्य ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों एवं अन्य पक्षों के साथ मिलकर इन मुद्दों के प्रभावी समाधान के तौर-तरीके ढूंढ़ने के लिए एक अंतरविषयक समिति गठित की गई है जिससे 30 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है. अधिकारियों ने कहा कि आग बुझाने के दौरान तंग गलियां और भीड़भाड़ उनके लिए बड़ी चुनौतियां रही हैं. उनका कहना है कि आग की वजह से पांच भवन प्रभावित हुए हैं लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है. दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक अतुल गर्ग ने कहा कि आग की वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है.

घटनास्थल पर नहीं जाने के लिए आलोचना की: 
इस बीच, ‘कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ (कैट) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने एक बयान में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की घटनास्थल पर नहीं जाने के लिए आलोचना की. खंडेलवाल ने कहा कि चार दिसंबर अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए एक ‘घातक तारीख’ है. मुश्किल समय में व्यापारियों की घोर उपेक्षा बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए चार दिसंबर को मतदान होगा और सात दिसंबर को मतगणना होगी. सोर्स-भाषा 
 

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