सहकारिता क्षेत्र में करीब 200 करोड़ रुपए से अधिक के गबन घोटाले आए सामने

Nirmal Tiwari Published Date 2019/05/29 11:49

जयपुर: लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच राज्य सरकार पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए गबन घोटालों की जांच में जुटी हुई है. इनमें सबसे ज्यादा मामले सहकारिता क्षेत्र के हैं जहां पिछले 4 महीने में कोई 15 जांच में 200 करोड़ रुपए से अधिक के गबन घोटाले सामने आए हैं. सीएमओ से निर्देश के बाद सभी मामलों में एफ आई आर दर्ज कराई गई है. 

सहकारिता विभाग से संबंधित मामलों में किसान कर्ज माफी, आवासन ऋण, सहकार किसान कल्याण योजना, फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद और फसली ऋण वितरण और वसूली में गबन घोटाले के दर्जनों मामले सामने आए हैं. ऐसे मामलों में अब विभाग एफआईआर दर्ज करवाने के साथ ही रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर चुका है. सबसे ज्यादा मामले भाजपा सरकार के दौरान हुई कर्ज माफी योजना के हैं. रजिस्ट्रार नीरज के पवन के निर्देश पर अभी तक 9 जिलों के केंद्रीय सहकारी बैंकों की जांच में 40425 प्रकरण ऐसे मिले हैं. जिनमें नियमों को ताक पर रख करीब 100 करोड़ से ज्यादा की कर्ज माफी की जा रही थी, लेकिन जिलों के केंद्रीय सहकारी बैंक और निचले स्तर के बैंकों ने इनके खातों में पैसा ट्रांसफर होने से पहले ही रोक लगा दी. अब इस रकम को वापस केंद्रीय सहकारी बैंक और अन्य बैंकों से राज्य स्तर के अपेक्स बैंक के खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

दोषी कर्मचारियों को किया गाय है निलंबित
अपेक्स बैंक के एमडी इंद्रराज सिंह ने बताया कि जहां इस तरह के प्रकरण सामने आ रहे हैं वहां तुरंत एफ आई आर दर्ज करवाने के आदेश निकाले हैं. अब तक जिन जिलों में कर्ज माफी के फर्जी मामले सामने आए हैं उनमें डूंगरपुर, बाड़मेर, चूरू, बांसवाड़ा, जैसलमेर, सवाई माधोपुर, झुंझुनू, सीकर और भरतपुर जिले शामिल हैं. इसके अलावा अलवर, जयपुर, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़ के केंद्रीय सहकारी बैंकों में बैंक कर्मी व ठेका कर्मियों की मिलीभगत से करीब 12 करोड़ रुपए के फंड ट्रांसफर कर लिए गए हैं. इसमें अलवर में पांच आरोपियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई गई है. अब दोषी कर्मचारियों को निलंबित किया गया है अब तक इनसे सवा दो करोड़ रुपए की रिकवरी भी की जा चुकी है. जयपुर में ठेका कर्मचारी ने मैनेजर की आईडी चुराकर 28 लाख रुपए के फर्जी फंड ट्रांसफर कर लिया इस मामले में दो के खिलाफ एफआईआर करवाई गई है.

सीकर की जांच रिपोर्ट में 11 करोड़ रुपए का गबन आया सामने 
3 जिलों में फर्जी लोन बांटने और सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक की जांच रिपोर्ट में 11 करोड़ से ज्यादा के गबन के मामले सामने आए हैं. सीकर, पाली और गंगानगर में फर्जी तरीके से ऋण वितरण किया गया इनमें सीकर की जांच रिपोर्ट में 11 करोड रुपए का गबन सामने आया. अब विभाग ने इसमें एफ आई आर दर्ज करवाई है. शाखा प्रबंधक से 2 करोड रुपए की रिकवरी भी कर ली गई है पाली में 36 करोड से से ज्यादा का गबन हुआ. जांच रिपोर्ट में पता चला है कि कर्मचारियों ने फर्जी तरीके से आईडी तैयार कर हाउसिंग लोन वितरण किया. गंगानगर में 6 करोड़ का  फर्जी एग्रीकल्चर लोन घोटाला पकड़ा गया है. इसमें लक्ष्य से कई गुना ज्यादा का वितरण किया गया. इस मामले की जांच जारी है. कुल मिलाकर कर्ज माफी योजना में 4 महीने में कुल में अब तक 200 करोड़ से ज्यादा के घोटाले सामने आए हैं. खुद रजिस्ट्रार नीरज के पवन पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और सीएमओ को हर सप्ताह रिपोर्ट दी जा रही है. 

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