मोटर व्हीकल एक्ट: 33 में से 17 अपराधों में जुर्माना कम करने का फैसला

Naresh Sharma Published Date 2019/09/04 08:42

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यातायात नियमों के उल्लंघन के विषय में केन्द्रीय मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन के अनुरूप प्रस्तावित बढ़ी हुई कम्पाउंडिंग फीस को प्रदेश में शुरूआत में कम रखने का अहम फैसला ले लिया है.

17 अपराधों में कम कम्पाउंडिंग फीस रखने का निर्णय: 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री कार्यालय में इस बारे में अहम बैठक ली. बैठक में परिवहन मंत्री  प्रतापसिंह खाचरियावास, अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन राजीव स्वरूप, परिवहन आयुक्त राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. मोटर वाहन अधिनियम में हुए संशोधन के अनुसार यातायात नियम में उल्लंघन से जुड़े जिन 33 अपराधों में बढ़ी हुई जुर्माना राशि प्रस्तावित की गई है. मुख्यमंत्री ने इनमें से शुरूआत में 17 अपराधों में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए कम कम्पाउंडिंग फीस रखने का निर्णय लिया है. लेकिन गंभीर प्रकृति के 16 मामलों में फीस अधिनियम में वर्णित जुर्माना राशि के बराबर रखी जाएगी. गहलोत ने बैठक में कहा कि आम जनता को पहले यातायात नियमों के बारे में शिक्षित और जागरूक बनाकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास होगा. इसके बाद भी यदि सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं आई और प्रावधानित संशोधन के उदेश्य पूरे नहीं हुए, तो कम्पाउंडिंग फीस को अधिनियम के अनुरूप अधिकतम सीमा तक बढ़ाया जा सकता है. 

स्कूलों में रोड सेफ्टी की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी: 
उच्चस्तरीय बैठक में फैसला किया गया कि राजस्थान नॉलेज कॉरपोरेशन तथा राजस्थान राज्य आजीविका विकास निगम में प्रशिक्षण लेने वाले और विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 7 लाख युवाओं को सड़क सुरक्षा एवं ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति जागरूक करने के लिए लघु फिल्म एवं स्लाईड्स दिखाने जैसी पहल की जाएगी. इसके अलावा प्रदेश के सभी स्कूलों में रोड सेफ्टी की जानकारी देनी वाली पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी.  

सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष करीब 10 हजार व्यक्तियों की मृत्यु: 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष करीब 10 हजार व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है, जिसमें ज्यादातर युवा होते हैं. यह चिंता का विषय है और ऐसे में यह अत्यावश्यक है कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाने से पहले आम लोगों को ट्रैफिक नियमों की पालना के बारे में शिक्षित एवं जागरूक किया जाए. इसके लिए राज्य सरकार नियमों और जुर्माना राशि के बारे में अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करेगी और अपेक्षा की जाएगी कि वाहन चालक स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को सुरक्षित रखें. मुख्यमंत्री ने तो अपनी तरफ से बड़ा फैसला करते हुए फिलहाल युवाओं को विशेष राहत दी है, लेकिन अब युवाओ की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे यातायात नियमों का पालन करे. 

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