केंद्रीय और बिहार स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के खिलाफ होगी जांच, मुजफ्फरपुर CJM ने जारी किए आदेश 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/24 01:07

मुजफ्फरपुर: बिहार में एक्‍यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) से हो रही बच्चों की मौतों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए बिहार सरकार से जवाब मांगा है. वहीं दूसरी और मुजफ्फरपुर के मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट (CJM) सूर्यकांत तिवारी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और बिहार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. दोनों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कराया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से 7 दिन में मांगा जवाब:
बिहार में लगातार चमकी बुखार के चलते मौतों आंकड़ा बढ़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से 7 दिन में रिपोर्ट मांगी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, बिहार सरकार और यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है. अदालत ने सरकारों से तीन मुद्दे पर हलफनामा दायर करने को कहा है जिसमें हेल्थ सर्विस, न्यूट्रिशन और हाइजिन का मामला है. अदालत की तरफ से कहा गया है कि ये मूल अधिकार हैं, जिन्हें मिलना ही चाहिए. 

इंसेफेलाइटिस ने करीब 180 बच्‍चों की मौत:
बता दें कि एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) को दिमागी बुखार और चमकी बुखार के नाम से भी जाना जाता है. बिहार में इंसेफेलाइटिस ने करीब 180 बच्‍चों की जान ली है. अकेले मुजफ्फरपुर में 130 बच्‍चे इस लाइलाज बीमारी के शिकार बने. यहांं के SKMCH अस्‍पताल में एक जनवरी से 110 बच्‍चों की मौत हो चुकी है. वहीं केजरीवाल अस्‍पताल में 1 जून के बाद से अब तक 20 बच्‍चों ने जान गंवाई है.

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