नई दिल्ली उदयपुर हत्या मामले में एनएआई कट्टरपंथी समूहों की भूमिका की कर रही है जांच 

उदयपुर हत्या मामले में एनएआई कट्टरपंथी समूहों की भूमिका की कर रही है जांच 

उदयपुर हत्या मामले में एनएआई कट्टरपंथी समूहों की भूमिका की कर रही है जांच 

नई दिल्ली: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल नाम के दर्जी की निर्मम हत्या के मामले में ‘‘स्थानीय स्व-कट्टरपंथी’’ समूहों की भूमिका और दो मुख्य आरोपियों से जु़ड़े अन्य तार की जांच कर रहा है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.संघीय एजेंसी रियाज अख्तरी और गौस मोहम्मद की हिरासत मिलने का इंतजार कर रही है ताकि वह उनके खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज मामले में उनसे पूछताछ शुरू कर सके.

एनआईए ने कहा कि दोनों आरोपी इस बर्बर कृत्य के जरिये देशभर में लोगों के बीच आतंक पैदा करना चाहते थे. जांच एजेंसी ने कहा कि दोनों व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डालकर हमले की जिम्मेदारी ली थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी दी थी.अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी स्थानीय स्व-कट्टरपंथी गिरोहों की भूमिका और उनके संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि यहां तक कि शुरूआती जांच से यह पता चलता है कि कन्हैयालाल की हत्या में और भी लोगों की संलिप्तता रही होगी.

अधिकारियों ने बताया कि अख्तरी और गौस को जयपुर ले जाया जा रहा है जहां उन्हें एक विशेष एनआईए अदालत में पेश किया जाएगा.एनआईए अधिकारियों ने बताया कि वे दोनों एक मोबाइल ऐप के जरिये पाकिस्तानी सुन्नी इस्लामी संगठन दावत-ए-इस्लामी का सदस्य बने थे और उनमें से एक पाकिस्तान में कुछ लोगों के संपर्क में था.हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी.एनआईए के 10 कर्मियों की एक टीम जांच को आगे बढ़ाने के लिए उदयपुर में डेरा डाले हुए है. टीम का नेतृत्व (पुलिस) महानिरीक्षक रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं.

कराची के संगठन दावत-ए-इस्लामी की वेबसाइट पर कहा गया है कि यह एक वैश्विक गैर राजनीतिक इस्लामी संगठन है जो विश्व भर में कुरान का प्रचार करता है. संगठन की स्थापना 1981 में की गई थी.राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दर्जी के घर जाकर उसके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि वह चाहते हैं कि एनआईए त्वरित अदालत में यथाशीघ्र आरोपपत्र दाखिल करे, ताकि दोषियों को इस मामले में सजा दिलाई जा सके.(भाषा) 

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