नई दिल्ली एनजीटी ने HSIIDC को औद्योगिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करने के दिए निर्देश

एनजीटी ने HSIIDC को औद्योगिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करने के दिए निर्देश

एनजीटी ने HSIIDC को औद्योगिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करने के दिए निर्देश

नई दिल्ली: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने हरियाणा राज्य औद्योगिक और आधारभूत संरचना विकास निगम (HSIIDC) को फरीदाबाद में औद्योगिक कचरे का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. सही से निपटारा नहीं होने के कारण यह अपशिष्ट सीधे यमुना नदी में जाता है. 

पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने से स्वास्थय को नुकसान संभव:
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन करते हुए औद्योगिक कचरे और अपशिष्ट को खुले में फेंकने या बहाने से सार्वजनिक स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है. अधिकरण ने कहा कि पानी में उच्च रासायनिक ऑक्सीजन और जैव रासायनिक ऑक्सीजन का स्तर बताता है कि यह अत्यधिक दूषित है और खतरा हो सकता है. पीठ ने कहा कि हम एचएसआईआईडीसी को भूखंडों के आवंटियों के साथ-साथ स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए तरल, ठोस, औद्योगिक या घरेलू कचरे का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करने का निर्देश देते हैं. यह कदम भी उठाने का निर्देश दिया जाता है कि भविष्य में खुले में कचरे का निपटारा ना किया जाए. अगर आवश्यक हो तो आवंटित भूखंडों की घेराबंदी की जाए. 

PCB प्रस्तुत करे सटीक रिपोर्ट:
एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) के अधिकारियों और फरीदाबाद के उपायुक्त वाली एक समिति को एक महीने के बाद स्थान का निरीक्षण करने और आगे के कदमों के लिए राज्य पीसीबी के अध्यक्ष को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. एनजीटी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, झारसेंतली द्वारा फरीदाबाद के सेक्टर 58 के झारसेंतली गांव में भूखंड संख्या 1083 और 1084 पर पेड़ काटने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था. सोर्स-भाषा 
 

और पढ़ें