बाबा रामदेव को एक ओर बड़ा झटका, सहयोगी निम्स ने लिया दवा को लेकर यूटर्न

जयपुर: बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि की ओर से कोविड-19 से लड़ने के लिए बनाई गई दवा कोरोनिल टैबलेट को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कडी में गुरुवार को राजस्थान में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले चैनल फर्स्ट इंडिया पर दवाई बनाने वाले रामदेव के सहयोगी निम्स के डायरेक्टर के द्वारा बडा खुलासा करते हुए दवा बनाने में अपनी भा​गीदारी से इनकार कर दिया. आपको बता दें कि दवा कोरोनिल पर चौतरफा विवाद होते देख उन्होंने यूटर्न ले लिया. फर्स्ट इंडिया पर प्रसारित बिग फाइट शो में निम्स डायरेक्टर ने कहा कि उनका दवा कोरोनिल से कोई लेना देना नहीं है.    

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पतंजलि और निम्स ने मिलकर तैयार की दवा
23 जून को योगगुरू बाबा रामदेव ने पतंजलि आयुर्वेद द्वारा 'दिव्य कोरोनिल टैबलेट के नाम से कोरोना की दवा लांच करते हुए दावा किया था कि, यह 100 प्रतिशत कोरोना मरीजों को फायदा पहुंचा रही है. इस दवा को पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (निम्स) यूनिवर्सिटी, जयपुर ने मिलकर तैयार किया है. इसका 280 मरीजों पर क्लिनिकल ट्रायल भी किया गया था, जिसमें 3 दिन के अंदर 69 प्रतिशत और सात दिन के अंदर शत प्रतिशत मरीज ठीक हो गए. सभी मरीजों की रिपोर्ट पॉजीटिव से निगेटिव आई है.

राजस्थान सरकार ने लगाई कोरोनिल की बिक्री पर रोक:
राजस्थान सरकार द्वारा भी कोरोना की दवा कोरोनिल टेबलेट की बिक्री पर रोक लगा दी है. दरअसल, राजस्थान सरकार ने अपने आदेश में साफ ये बात कही कि केन्द्रीय आयुष मंत्रालय की स्वीकृति के बिना कोविड-19 महामारी की दवा के रूप में किसी भी आयुर्वेदिक औषधी का विक्रय नहीं किया जा सकता.  इतना ही नहीं कोरोना की दवा कोरोनिल लांच होते ही विवादों में घिर गई, यहां तक की केन्द्रीय आयुष मंत्रालय ने भी कोरोनिल के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाते हुए पतंजलि से इस दवा के निर्माण से संबंधित तमाम जानकारियां साझा करने को कहा है. 

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