Live News »

यहां नाग— नागिन का डांस देखने के लिए दूध लेकर पहुंच रहे हैं लोग

यहां नाग— नागिन का डांस देखने के लिए दूध लेकर पहुंच रहे हैं लोग

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शाकम्भरी सिद्ध पीठ क्षेत्र के चंडी गांव के शिव मंदिर में तीन दिन से नाग-नागिन का एक जाेड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। यह जाेड़ा मंदिर परिसर के एक बिटाेड़े में रह रहा है। गांव वाले जैसे ही यहां दूध लेकर पहुंचते हैं ताे नाग-नागिन का यह जाेड़ा बिटाेड़े से बाहर आकर नाचने लगता है आैर फिर दूध पीने के बाद वापस चला जाता है। मंदिर में नाग-नागिन को इस रूप में देख सैकड़ों लोग दंग रह गए, हर कोई इस जोड़े को नाग देवता बता रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि शिव मंदिर में इस नाग-नागिन के जाेड़े का निकलना अपने आप यह बात साबित करता है कि इनका भगवान शिव से नाता है आैर यही कारण है कि नाग-नागिन का यह जाेड़ा किसी काे भी कुछ नहीं करता आैर दूध पीने के बाद दाेबारा अपने स्थान काे चला जाता है। नाग-नागिन के डांस की चर्चा अब बेहट क्षेत्र के अलावा आस-पास के इलाकाें में भी फैल गई है। यही कारण है कि हर राेज यहां नाग-नगिन काे देखने वालें काे संख्या में बढ़ाेतरी हाे रही है आैर चंडी गांव के अलावा अब आस-पास के गांव से भी लाेग यह नजारा देखने के लिए चांडी गांव पहुंच रहे है।

निर्माणाधीन है शिव मंदिर

जिस मंदिर के परिसर में बने बिटाेड़े में नाग-नागिन का यह जाेड़ा रह रहा है, वह निर्माणाधीन मंदिर है। पिछले करीब डेढ़ साल से यहां निर्माण चल रहा है। अब इस नाग-नागिन के बाद क्षेत्रीय लाेगाें का ध्यान इस मंदिर की आेर भी आकर्षित हाे रहा है। गांव के लाेग इस नाग-नागिन के जाेड़े काे नाग देवता बता रहे हैं। ग्रामीणें का कहना है कि दूध बिटाेड़े के पास रख देने से नाग-नागिन का यह जाेड़ा दूध पी लेता है आैर इसी उम्मीद के साथ ग्रामीण यहां दूध लेकर पहुंच रहे हैं।


 

और पढ़ें

Most Related Stories

फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी, अब तक कर चुका है हजारों ऑपरेशन

फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी, अब तक कर चुका है हजारों ऑपरेशन

यूपी के सहारनपुर में एक फ़िल्मी वाक़या सामने आया है फिल्म मुन्नाभाई और थ्री इडियट्स की तर्ज़ पर 10 सालों से प्रैक्टिस कर रहे फर्जी डॉक्टर को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है.सहारनपुर (ग्रामीण) के एसपी विद्यासागर मिश्र के अनुसार, 'देवबंद में ओमपाल (50) नामक शख्स यहां के लोकल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में फर्जी डिग्री और फर्जी रजिस्ट्रेशन के आधार पर खुद को डॉक्टर राजेश आर के तौर पर दर्शा कर प्रैक्टिस कर रहा था. वह एक नर्सिंग होम भी चला रहा था। आरोपी अभी तक हजारों ऑपरेशन कर चुका था.इस शख्स ने मैसूरु यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले एक डॉक्टर के नाम से फर्जी डिग्री बनवा ली.

वह  सहारनपुर में सीएचसी में कॉन्ट्रैक्ट पर जुड़ा हुआ था. आरोपी के फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब फिरौती से जुड़ी एक कॉल के बाद वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराने गया.एसपी ने बताया, 'आरोपी पहले मंगलुरु में एयर फोर्स बेस हॉस्पिटल में बतौर पैरामेडिक कार्यरत था, जिसकी पेंशन उसे अभी भी मिलती है. उसके साथ राजेश आर नामक एक डॉक्टर भी काम करते थे, जिसके बाद वह विदेश चले गए.राजेश के विदेश जाने के बाद ओमपाल ने उसकी एमबीबीएस की डिग्री पर अपनी तस्वीर लगाकर फर्जीवाड़ा कर लिया.

आरोपी का खेल तब खत्म हुआ, जब उसे किसी अज्ञात शख्स ने फोन कर असली पहचान का खुलासा करने के एवज में 40 लाख रुपयों की डिमांड की. इसकी शिकायत करने वह पुलिस के पास गया, जहां पर उसकी पोल खुल गई.डिग्री के आधार पर ही उसे सीएचसी में सर्जन की नौकरी मिली और उसने सर्जरी के कई सारे डिप्लोमा और सर्टिफिकेट बनवा लिए.

Open Covid-19