नागौर Nagaur: ROB की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त, आए दिन हो रहे हादसे

Nagaur: ROB की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त, आए दिन हो रहे हादसे

Nagaur: ROB की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त, आए दिन हो रहे हादसे

डीडवाना(नागौर): क्षेत्र के लाडनूं रोड़ स्थित रेलवे फाटक पर बने आरओबी (ROB) की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. जिसकी वजह से यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं. नागौर (Nagaur) जिले में सबसे समृद्ध सड़कों के लिए पहचाने जाने वाले डीडवाना (Didwana) में अलग-अलग सड़कों पर तीन आरओबी बने हुए हैं. यह जिले का अकेला शहर है जहां तीन आरओबी बने हुए हैं लेकिन लाडनूं रोड़ पर किशनगढ़-हनुमानगढ़ मेगा हाइवे पर बना आरओबी अब हादसों को न्यौता देता दिखाई दे रहा है. आरओबी बनाने वाली कंपनी का वारंटी पीरियड एक साल पहले ही खत्म हो चुका है लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने इसे किशनगढ़-हनुमानगढ़ हाइवे की देखरेख करने और टोल वसूली वाली कंपनी रिडकोर को यह हैंड ओवर ही नहीं किया.

जिसके चलते यह क्षतिग्रस्त होने के बाद भी ना तो रिडकोर इसपर ध्यान दे रही है और बजट के अभाव में सार्वजनिक निर्माण विभाग भी इसको रिपेयर नहीं करवा पा रहा है. आज मरम्मत करने का सवाल पूछे जाने पर अधिशाषी अभियंता ने आनन फानन में आरओबी रिडकोर को सुपुर्द कर रिपेयर करवाने की बात कही जा रही है. डीडवाना की लाडनूं रोड़ स्थित रेलवे फाटक संख्या सी 64 पर 4 साल पूर्व आरओबी का निर्माण हुआ था. 

इस आरओबी का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किया था. लेकिन मात्र 4 साल में ही ब्रिज कई दफा क्षतिग्रस्त हो चुका है. ब्रिज की सड़क का डामर उखड़ गए है और कंकर-पत्थर निकल आए हैं. जिसके कारण ब्रिज पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. यह गड्ढे ब्रिज पर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहनों के लिए घातक सिद्ध हो रहे हैं. गड्ढों की वजह से कई बार वाहनों के टायर फट चुके हैं और कई वाहनों के पार्ट्स क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.

यह जांच का एक बड़ा विषय है:

दिलचस्प बात तो यह है कि पीडब्ल्यूडी ने पूर्व में भी दो-तीन बार मरम्मत करवाई है लेकिन मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है. आज भी ब्रिज की सड़क पर गड्ढे पड़े हैं जो किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं. अब पीडब्ल्यूडी के अधिकारी रिडकोर से इस आरओबी को जल्द रिपेयर करवाने का दावा कर रहे हैं लेकिन बड़ा सवाल यह भी है कि जब रिडकोर जो हर साल करोड़ों रुपए टोल के रूप में इस हाइवे से वसूल रहे हैं तो वारंटी पीरियड पूरा होने के बाद विभाग ने उन्हें यह हैंड ओवर क्यों नहीं किया और क्यों अपने खर्चे से इसको बार-बार रिपेयर करवाते रहे. यह जांच का एक बड़ा विषय है.

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