Nagaur: प्रदेश की सबसे बड़ी नमक औद्योगिक नगरी नावां में अब लौट आई नमक की चमक

Nagaur: प्रदेश की सबसे बड़ी नमक औद्योगिक नगरी नावां में अब लौट आई नमक की चमक

Nagaur: प्रदेश की सबसे बड़ी नमक औद्योगिक नगरी नावां में अब लौट आई नमक की चमक

नागौर: प्रदेश की सबसे बड़ी नमक औद्योगिक नगरी नावां में अब नमक की चमक लौट आई है. दरअसल, सर्दियों में नमक का उत्पादन कम हो जाता है. लेकिन गर्मियों में चटक धूप आते ही नमक उत्पादन रफ्तार पकड़ लेता है. यहां पारा 37 डिग्री को पार करते ही वीरान पड़ी नमक उत्पादन इकाइयों में अब रौनक दिखाई देने लगी है. श्रमिकों को भी अब रोजगार मिलने लगा है. 

बीती जुलाई-अगस्त में बारिश के बाद मौसम नमक के अनुकूल नहीं रहने के कारण उत्पादन में काफी कमी आ गई थी. सर्दियों में तो यह लगभग बंद हो जाता है. अब इस साल 2500 नमक इकाइयों में करीब 20 लाख मीट्रिक टन नमक उत्पादन की आस है. सर्दियों में 8 लाख क्विंटल का ही उत्पादन होता है. अब नमक उत्पादकों को राहत मिली है. गर्मी बढ़ने के साथ ही नमक का उत्पादन तेज हो जाने से एक ओर नमक श्रमिकों को लंबे समय बाद रोजगार मिलना शुरू हुआ है. अब ट्रैक्टर चालक दिन-रात नमक ढुलाई कार्य में लगे हुए हैं. 

मांग बढ़ने के साथ ही नमक रिफाइनरियों का काम भी बढ़ रहा:
बाजार में मांग बढ़ने के साथ ही नमक रिफाइनरियों का काम भी बढ़ रहा है. अजमेर व नागौर जिले के नमक उत्पादन क्षेत्र में सर्दियों में लगभग 8 लाख क्विंटल नमक का उत्पादन होता है, वहीं गर्मियों में यह उत्पादन पांच गुणा तक बढ़ जाता है. नमक उत्पादन में तेजी आने पर नमक उद्यमियों ने नमक का स्टॉक शुरू कर दिया है. कई नमक उद्यमियों ने स्टॉक के लिए नमक के ढेर लगवाने शुरू कर दिए हैं. अब कुछ दिन बाद नमक औद्योगिक इकाइयों में पहाड़ी की तर्ज पर नमक के ढेर दिखने लग जाएंगे. यह स्टॉक किया नमक बारिश व सर्दियों में काम आएगा. 60 रु . बिकने वाला नमक 180 रु . में बिक रहा था. अब फिर से भाव 100 रु . क्विंटल चल रहे हैं.

...फर्स्ट इंडिया न्यूज के लिए नागौर से संवाददाता नरपत जोया की रिपोर्ट
 

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