नई दिल्ली नायडू ने BR Ambedkar को दी श्रद्धांजलि , कहा- वह समाज के वंचितों की आवाज एवं बहुमुखी प्रतिभा का धनी थे

नायडू ने BR Ambedkar को दी श्रद्धांजलि , कहा- वह समाज के वंचितों की आवाज एवं बहुमुखी प्रतिभा का धनी थे

 नायडू ने  BR Ambedkar को दी श्रद्धांजलि , कहा- वह समाज के वंचितों की आवाज एवं बहुमुखी प्रतिभा का धनी थे

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की 131वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि वह समाज के वंचितों की आवाज थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन पिछड़ों के उत्थान में लगा दिया.

एक समतामूलक समाज के लिए आपके जीवन संघर्ष को सादर प्रणाम करता हूं: 

आंबेडकर का जन्म मध्य प्रदेश के महू में 14 अप्रैल 1891 को एक दलित परिवार में हुआ था. पेशे से वकील आंबेडकर एक अर्थशास्त्री भी थे. उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने भेदभाव के खिलाफ और दलितों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान की लड़ाई लड़ी. वह देश के पहले कानून मंत्री थे.

उपराष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक ट्वीट के मुताबिक, नायडू ने कहा कि हमारे संविधान के शिल्पी, विद्वान विचारक और समाज सुधारक, डॉ बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी की जन्मजयंती पर, एक समतामूलक समाज के लिए आपके जीवन संघर्ष को सादर प्रणाम करता हूं. आपकी दृष्टि से ही हमारा संविधान, देश के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय का मार्गदर्शक दस्तावेज बन गया. नायडू ने संसद भवन परिसर में स्थित आंबेडकर की प्रतिमा पर उन्हें पुष्पांजलि भी अर्पित की. उपराष्ट्रपति ने महावीर जयंती के मौके पर भी देशवासियों को बधाई दी.

ये त्यौहार प्रकृति की जीवंतता और समृद्वि के उत्सव के रूप में मनाये जाते हैं :

उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि जैन परम्परा के 24वें तीर्थंकर, भगवान महावीर की जयंती पर श्रद्धालु देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! महावीर स्वामी के दिखाए पंच व्रत समाज और व्यक्ति के जीवन में शांति, संयम, शुचिता और सात्विकता लाते हैं. उन्होंने वैशाखी, विशु, नब वर्ष, पुतान्दु, बोहाग बिहू और ओडिया नव वर्ष के शुभ अवसर पर भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि ये त्यौहार प्रकृति की जीवंतता और समृद्वि के उत्सव के रूप में मनाये जाते हैं और भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता को भी प्रतिबिंबित करते हैं. मेरी कामना है कि ये पर्व हमारे देश में शांति, सौहार्द, समृद्धि और खुशहाली लाएं.  सोर्स-भाषा  

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