नई दिल्ली अगले लोकसभा चुनाव में कम से कम 75 प्रतिशत मतदान होना चाहिए: नायडू

अगले लोकसभा चुनाव में कम से कम 75 प्रतिशत मतदान होना चाहिए: नायडू

अगले लोकसभा चुनाव में कम से कम 75 प्रतिशत मतदान होना चाहिए: नायडू

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में कम से कम 75 प्रतिशत मतदान होना चाहिए.देश के 12वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अपने संदेश में नायडू ने कहा कि एक देश के रूप में हमें संघीय व्यवस्था के तीनों स्तरों के चुनाव एक साथ कराने के बारे में विचार करना चाहिए और सहमति पर पहुंचना चाहिए तथा लोगों के चौतरफा विकास पर ध्यान केंद्रित कर बेहतर शासन की दिशा में बढ़ना चाहिए.

नायडू समारोह के मुख्य अतिथि थे, लेकिन वह इसमें शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वह कोविड-19 से ग्रस्त होने के बाद हैदराबाद में अपने घर पर पृथकवास में हैं. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि हमारी आजादी के 75वें वर्ष में हमें संकल्प लेना चाहिए कि कोई मतदाता पीछे नहीं रह जाए और आगामी लोकसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत कम से कम 75 प्रतिशत करने का उद्देश्य होना चाहिए. सभी को मानना होगा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है.

समारोह में उपराष्ट्रपति के संदेश को हिंदी और अंग्रेजी में पढ़ा गया. उन्होंने कहा कि देश 1952 के पहले आम चुनाव से बहुत आगे निकल आया है, जब केवल 44.87 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान में भाग लिया था. नायडू ने कहा कि 2019 में पिछले लोकसभा चुनाव में 67.40 प्रतिशत या दो-तिहाई से अधिक पात्र मतदाताओं ने वोट डाला. नायडू ने कहा कि आज यह खुशी की बात है कि हम दुनिया के उच्च मतदान वाले देशों में शामिल हैं और 70 साल में हमारे यहां मतदान प्रतिशत में 50 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है.

निर्वाचन आयोग की स्थापना 25 जनवरी, 1950 को हुई थी. पिछले 12 साल से देश में इस दिन ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ मनाया जाता है. नायडू ने कहा कि मुझे खुशी है कि 2019 के आम चुनाव में और पहली बार महिला मतदाताओं ने पुरुषों की तुलना में 0.17 प्रतिशत अधिक मतदान किया. उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले साल पांच राज्यों के विधानसभा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कोविड प्रोटोकॉल के तहत हुए और इनमें 74 से 84 प्रतिशत के बीच उच्च मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने चुनावों को अधिक समावेशी, सुलभ और सहभागी बनाने के लिए आयोग के दृढ़ संकल्प को दोहराया.इस कार्यक्रम में कानून मंत्री किरेन रिजिजू और तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया.

इस मौके पर, आयोग ने विभिन्न क्षेत्रों में चुनाव के संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अधिकारियों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए. इसके अलावा, मतदाता जागरूकता के लिए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सरकारी विभागों और मीडिया घरानों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए. प्रत्येक वोट के महत्व को दोहराने के लिए एक राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता प्रतियोगिता-मेरा वोट मेरा भविष्य है- एक वोट की ताकत भी शुरू की गई. (भाषा) 

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