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थड़ी-ठेला व्यवसायियों के हितों को लेकर जागी केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार

थड़ी-ठेला व्यवसायियों के हितों को लेकर जागी केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार

जयपुर (अभिषेक श्रीवास्तव)। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को देशभर के लाखों थड़ी-ठेला व्यवसायियों के हितों को लेकर सजग हुई है। केन्द्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि थड़ी-ठेला व्यवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए केन्द्रीय कानून की पालना कराई जाए। खास रिपोर्ट:

केन्द्र की पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के समय स्ट्रीट वेन्डर्स एक्ट 2014 को देशभर में लागू किया गया था। इस एक्ट के तहत थड़ी-ठेला व्यवसायियों को व्यवसाय के लिए कानूनन स्थान उपलब्ध कराने के लिए स्ट्रीट वेंडिग जोन घोषित करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही पुलिस या निकायों की ओर से उन्हें बेवजह बेदखल करने पर प्रतिबंध लगाया गया था। कई राज्यों से केन्द्र सरकार को लगातार थड़ी-ठेला व्यवसायियों के संगठनों की ओर से शिकायतें मिल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले केन्द्र के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को पत्र भेजा गया है। आपको बताते हैं कि स्ट्रीट वेन्डर्स एक्ट की पालना के लिए केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को क्या निर्देश दिए हैं। 

केन्द्र के राज्यों को निर्देश:

—कानून की धारा 3(3) के तहत जब तक सभी व्यवसायियों का सर्वे कर उन्हें स्ट्रीट वेंडिग का प्रमाण पत्र जारी नहीं कर दिया जाता
—तब तक किसी भी व्यवसायी को उसके स्थान से हटाया या स्थानांतरित नहीं किया जा सकता
—कानून की धारा 18 और 19 के अनुसार व्यवसायियों को केवल नोटिस देकर ही किसी स्थान से हटाया या उनका पुनर्वास किया जा सकता है
—कानून के चैप्टर 5 के तहत व्यवसायियों के शिकायतों की सुनवाई के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था बनाना जरूरी है
—कानून के चैप्टर 8 के अनुसार ऐसा व्यवसायी जो प्रमाण पत्र के अनुसार व्यवसाय कर रहा है
—उस व्यवसायी को किसी भी प्रकार से किसी भी कानून के तहत हटाया नहीं जा सकता
—कानून की अवहेलना के कारण बड़ी तादाद में व्यवसायियों ने विभिन्न अदालतों में दावे कर रखे हैं
—इनमें अधिकतर मामले व्यवसायियों को उनके स्थान से जबरन हटाने के हैं।

स्ट्रीट वेन्डर्स एक्ट को लागू करने के पीछे केन्द्र सरकार की मंशा थी कि थड़ी-ठेला व्यवसायियों को बेवजह आए दिन बेदखली की पुलिस या निकायों की कार्रवाई से बचाया जाए। ताकि वे गरिमापूर्ण तरीके से अपनी आजीविका कमा सकें, लेकिन केन्द्र सरकार के राज्यों को दिए गए निर्देश ये बताते हैं कि कई राज्यों में इस कानून की विभिन्न धाराओं की पालना नहीं की जा रही है। 
 

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जयपुर: किसान अध्यादेश के विरोध में कांग्रेस पार्टी आज देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी. आज सभी राज्यों की राजधानी में कृषि बिल मुद्दे पर कांग्रेस के बड़े नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. इसी के चलते आज राजस्थान में भी शाम 5 बजे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश प्रभारी अजय माकन VC के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इस दौरान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद रहेंगे. सीएम गहलोत और पीसीसी चीफ डोटासरा जयपुर से जुड़ेंगे तो वहीं दिल्ली से VC के जरिये प्रदेश प्रभारी अजय माकन रूबरू होंगे. 

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इसके साथ ही कांग्रेस 28 सितंबर को PCC से राजभवन तक पैदल मार्च भी करेगी. हालांकि धारा-144 के मद्देनजर कार्यक्रम में बदलाव भी हो सकता है. पैदल मार्च के बाद राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाएगा. 

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2 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस मनाएगी 'किसान मजदूर दिवस:
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गौरतलब है कि पंजाब और हरियाणा में किसान इन बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. इन राज्यों में कांग्रेस ने पहले ही मोर्चा खोला हुआ है. कांग्रेस का आरोप है कि इन बिलों के जरिए मोदी सरकार किसानों को कॉरपोरेट के चंगुल में फंसा रही है. इससे मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा.


 

निर्वाचित सरपंच की आयु 15 साल से कम होने पर राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती, कोर्ट ने कहा- क्यों ना निर्वाचन निरस्त किया जाए

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जयपुर: धौलपुर की पिपरौन ग्राम पंचायत की निर्वाचित सरपंच की उम्र 14 साल ही है. हाल ही में स्थानीय निवासी भूपेन्द्र कुमार ने आरटीआई के तहत जुटायी दस्तावेजों से ये जानकारी सामने आयी है. जिसके बाद अब भुपेन्द्र कुमार ने सरपंच रेखा देवी के निर्वाचन को राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है. जस्टिस अशोक गौड़ की एकलपीठ ने याचिका पर सुनवाई के बाद भरतपुर संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर धौलपुर, निर्वाचित सरपंच रेखा देवी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. कोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों ना सरपंच का निर्वाचन निरस्त कर दिया जाए. 

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क्या है मामला: 
जनवरी में हुए पंचायत चुनावों में पिपरौन ग्राम पंचायत से रेखादेवी निर्वाचित हुई. स्थानीय निवासी भुपेन्द्र कुमार ने रेखा देवी से संबंधित सरकारी स्कूल से सूचना के अधिकार कानून के तहत सूचना मांगी. आरटीआई के तहत मिले दस्तावेजों में रेखा देवी की जन्म तिथि 20 जून 2005 दर्शायी गयी थी. इन दस्तावेजों के अनुसार चुनाव के समय सरपंच की उम्र करीब 14 साल छह माह ही होती है. याचिका में कहा गया कि रेखादेवी ने अधिकारियों से मिलीभगत कर अपने आप को 21 साल की उम्र का बताकर मतदाता कार्ड हासिल किया और उसके आधार पर सरपंच पद पर नामाकंन पत्र भरा था. इसी वजह से रेखा देवी के सरपंच पद पर निर्वाचन को रद्द करने के साथ कार्रवाई होनी चाहिए.  

600 से ज्यादा संविदा कर्मियों को हटाने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, राष्ट्रीय पोषण अभियान में कार्यरत है ये संविदा कर्मी

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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत विभिन्न पदों पर कार्यरत 600 से ज्यादा संविदाकर्मियों के हटाने पर रोक लगा दी. इसके साथ ही कोर्ट ने संविदाकर्मियों को वर्तमान पद पर कार्य करते रहने की छूट दी है. बुद्धिप्रकाश व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ये आदेश दिये है. 

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600 से ज्यादा कर्मचारी विभिन्न पदों पर 2018 से काम कर रहे: 
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत प्रदेंशभर में 600 से ज्यादा कर्मचारी विभिन्न पदों पर 2018 से काम कर रहे हैं. विभाग की ओर से लगातार उनकी कार्य अवधि को बढ़ाया जा रहा है. लेकिन अब पुरानी प्लेसमेंट एजेंसी का कार्यकाल समाप्त होने के चलते नई प्लेसमेंट एजेंसी उनको हटाकर नए संविदाकर्मियों की भर्ती कर रही है. नई प्लेसमेंट एजेंसी ने 28 अगस्त 2020 से उनको सेवामुक्त करने का आदेश दिया है. जिस पर अदालत ने नए एजेंसी के जरिए संविदाकर्मियो की ही भर्ती करने और वर्तमान में कार्यरत कार्मिकों को हटाने पर नाराजगी जताते हुए ये आदेश दिये है. 
 

पायलट समर्थक विधायकों की याचिका खारिज करने को लेकर प्रार्थना पत्र

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जयपुर: कांग्रेस की अंदरूनी कलह के चलते बागी हुए विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी किये गये नोटिस को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी. अब दोनों ही गुटों के बीच राजनैतिक समझौता होने का आधार बताते हुए पायलट समर्थक विधायकों की याचिकाओं को भारी जुर्माने के साथ खारिज करने की मांग की गयी है. 

याचिका पर अब सुनवाई का कोई उद्देश्य नहीं रहा:  
याचिका में आम व्यक्ति के रूप में पक्षकार बने मोहनलाल नामा ने राजस्थान हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर याचिका खारिज करने की गुहार लगायी है. प्रार्थना पत्र में कहा गया कि अब दोनों गुटों के बीच राजनीतिक समझौता हो गया है. विधानसभा का सत्र भी आहुत हो चुका है और दोनों पक्षों ने एक साथ कार्रवाई में हिस्सा लिया है. ऐसे में याचिका पर अब सुनवाई का कोई उद्देश्य नहीं रहा है. प्रार्थना पत्र में पायलट समर्थक विधायकों पर भारी जुर्माना लगाने की मांग करते हुए याचिका को खारिज करने की गुहार की गयी है.

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19 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दी थी:
गौरतलब है कि हाईकोर्ट में सचिन पायलट सहित ग्रुप के 19 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दी थी. विधायक पीआर मीना एवं अन्य की इस याचिका पर हाईकोर्ट में कई दिनों तक सुनवाई करने के बाद 24 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस की पालना पर यथास्थिति के आदेश दिए थे. कोर्ट ने 13 कानूनी बिंदूओं पर विचार करते हुए तीन बिंदूओं सुनवाई का फैसला किया था. कोर्ट ने सभी पक्षों को कागजी कार्रवाई होने के बाद जल्द सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल करने की छूट दी थी. इसी मामले में पांच नंबर के पक्षकार मोहनलाल नामा ने बुधवार को हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया है. 

Horoscope Today, 24 September 2020: आज इन राशिवालों को मिल सकता है मुनाफा, करे ये उपाय

Horoscope Today, 24 September 2020: आज इन राशिवालों को मिल सकता है मुनाफा, करे ये उपाय

जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. 

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मेष( Aries): आज धन कमाने के कई  प्रपोसल आपको मिल सकते है लेकिन पार्टनरशिप के काम से बचे लेकिन अगर अपने ही बलबूते पर आगे पैर बढ़ाना चाहते हैं तो कमर कस लीजिये क्यूंकि आगे बहुत मेहनत करनी है. आज के दिन की सफलता के लिए हल्दी की गांठ अपने पास रखें.  

वृष( Taurus): काफी लंबे अर्से के बाद आज का दिन सुख प्रदान करने वाला रहेगा, आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. उलझे हुए मैटर्स आज सुलझ सकते हैं. भविष्य की प्लानिंग कर के रखें. आज के दिन के सफलता के लिए माता पिता की परिक्रमा करके घर से निकले. 

मिथुन( Gemini): आज अपने आपको समय के हवाले कर दे, जो होता है, जैसा होता है उसे स्वीकार करते जाये उसी में आज आपकी भलाई है. कोई ऐसा काम करने को मिल सकता है  जिससे आपको यश, सम्मान प्राप्त हो सकता है. आज के दिन के सफलता के लिए बेसनले लड्डू बच्चो में बांटे. 

कर्क( Cancer): आज किसी भी तरह का एक्स्पेरीमेंट, प्रयोग करते से बचे. ज़्यादा जल्दबाजी, उतावलापन,जोख़िम उठाने की प्रवत्ति, ओवर कॉन्फिडेंस से अपने आप को दूर रखने का प्रयास करे. आज के दिन के सफलता के लिए विष्णु मंदिर में इत्र का दान करे. 

सिंह( Leo): आज के दिन आप अपने आपको सर्वगुण संपन्न स्वतंत्र और खुशहाल महसूस करेंगे. आज के दिन जिस काम में आप को  हाथ डालेंगे उसी कार्य में  प्राप्त होगी. सर्दी जुखाम से बचे. आज के दिन के सफलता के लिए अपने पितरों के तस्वीर के समक्ष देशी घी का दीपक जलाये. 

कन्या( Virgo): आज का दिन आज कल करने में नहीं बिताये. कुछ अच्छा करने की प्लानिंग करे. आज के दिन आप दबाव रहित होकर अपने रचनात्मक और मौलिक काम को अमल में लाने के लिए भरसक प्रयास करे. आज के दिन की सफलता के लिए हल्दी मिश्रित दूध का सेवन अवश्य करे. 

तुला( Libra): आज पिछले दिनों किये गए प्रयासों के कारण पेंडिंग पड़े सभी मसले एक-एक करके हल होते नजर आएंगे. किसी भी तरह के विवाद में पड़ने से बचे क्यूंकि आज कोई बात आपके लिए एक नया सिरदर्द बन सकती है. आज के दिन की सफलता के लिए गौ माता की सेवा करे. 

वृश्चिक( Scorpio): बिजनस फील्ड में अच्छा रहेगा, कोई बड़ा कॉन्ट्रैक्ट धन कमाने का स्रोत बन सकता है. यदि आप कार्यक्षेत्र में ज्यादा उलझनें महसूस कर रहे हों तो उसके लिए भी आपका रास्ता साफ होने जा रहा है. आज के दिन की सफलता के लिए ॐ हरये नमः मन्त्र का जाप करे. 

धनु( Sagittarius): कुछ बढ़ते हुए काम का बोझ आपको आज सारे दिन बिजी रखेगा लेकिन धैर्य और सुकून बनाए रखें और अपने आर्थिक नियोजन को पूरी तरह इस्तेमाल करके खजाने को मजबूत बनाएं. आज के दिन की सफलता के लिए केले के पौधे की पूजा परिक्रमा करे. 

मकर( Capricorn): आज के दिन किसी मांगलिक कार्य की शुरूआत आप कर सकते हैं. पिछले कई महीनों से आप तनावग्रस्त और परेशानी के माहौल में रहने के कारण आपकी हिम्मत फ्रीज हो गई थी, लेकिन आज का दिन इन सबके दबाव से मुक्त रहेगा. आज के दिन की सफलता के लिए चनेकी दाल का सेवन करे. 

कुंभ(Aquarius): आज अपने कारोबार से प्रॉफिट बटोरने का दिन है. सुबह से ही अच्छे मेसेज और फोनकाल आपके लिए और भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं. शाम का समय पार्टी दावत में गुजर सकता है. आज के दिन की सफलता के लिए विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.  

मीन( Pisces): कुछ जद्दोजहद और परेशानी से भरा दिन रह सकता है लेकिन आपकी सकरात्मक सोच आज आपकी मदद करती रहेगी. कुछ ऐसे अवसर आपको मिल सकते है जो आपकी महत्वाकांक्षा को साकार कर सकते है. आज के दिन की सफ़लता के लिए विष्णु मंदिर में कमल का पुष्प अर्पण करे.  

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

24 सितंबर 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

24 सितंबर 2020:  पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल... 

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शुभ मास- प्रथम आश्विनी (अधिक) शुक्ल पक्ष  
शुभ तिथि अष्टमी जया संज्ञक तिथि सांय 7 बज कर 2 मिनट तक तत्पश्चात नवमी तिथि आरम्भ. अष्टमी तिथि मे यथा आवश्यक विवाह आदी, मनोरंजन, लेखन, प्रवेश इत्यादि कार्य शुभ रहते हैं. अष्टमी तिथि मे जन्मे पुत्र या पुत्री धनवान, गुणवान, पराक्रमी होते हैं. अष्टमी तिथि को मास मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए.  

शुभ नक्षत्र  मूल "तीक्ष्ण व अधोमुख "नक्षत्र सांय 6 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. मूल नक्षत्र मे विद्या आरम्भ ,बोरिंग, विवाह कर्म, वास्तु शांति, कृषि कार्य इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं. मूल नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारों वाला, कठोर मेहनत करने वाला, क्रोधी स्वाभाव वाला, दानी, धनवान, बुद्धिमान होता है. गंड मूल नक्षत्र होने के कारण मूल नक्षत्र मे जन्मे जातको को जन्म के 27 दिन बाद मूल अरिष्ट शांति हवन करवा लेना चाहिए. 

चन्द्रमा - सम्पूर्ण दिन धनु राशि में संचार करेगा 

व्रतोत्सव -  दुर्गा अष्टमी

राहुकाल - दोपहर 1.30 बजे से 3 बजे तक                              

दिशाशूल - गुरुवार को दक्षिण दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दही खा कर निकले. 

आज के शुभ चौघड़िये - सूर्योदय से प्रातः 7.50 मिनट तक शुभ का, प्रातः 10.49 से दोपहर 3.18 मिनट तक चर, लाभ, अमृत का और सायं 4.48 से सूर्यास्त तक शुभ का चौघड़िया

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री 

सीएम गहलोत ने किया हाइफा हीरो मेजर दलपत सिंह के नाम से बनाए गए रावणा राजपूत छात्रावास का लोकार्पण

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाइफा हीरो मेजर दलपत सिंह के नाम से बनाए गए रावणा राजपूत छात्रावास का लोकार्पण किया. जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में दो करोड़ रुपए की लागत से यह छात्रावास बना है. 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में गहलोत ने ही छात्रावास के लिए जमीन दी थी. मेजर दलपत सिंह का आज 102 वां बलिदान दिवस है. दलपत सिंह को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हाइफा को मुक्त करवाने के लिए याद किया जाता है.  

हाइफा की लड़ाई 23 सितंबर 1918 को लड़ी गयी थी: 
हाइफा की लड़ाई 23 सितंबर 1918 को लड़ी गयी थी, जिसमें राजपूताने की सेना का नेतृत्व दलपत सिंह ने किया था. दलपत सिंह का जन्म वर्तमान पाली जिले के देवली गांव में हुआ था. प्रथम विश्व युद्ध में अंग्रेजो की ओर से जोधपुर रियासत की सेना ने भी हिस्सा लिया था. कहा जाता है कि तब तोपों के सामने तलवारों से भिड़े थे दलपत सिंह. 

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छात्रावास समाज के लिए बड़ी उपलब्धि:
मुख्यमंत्री आवास पर वीसी के माध्यम से हुए कार्यक्रम में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, विधायक मनीषा पंवार, विधायक जब्बर सिंह सांखला, रणजीत सिंह सोडाला, रणजीत सिंह पंवार, मोहन सिंह हाथोज शामिल थे. वहीं विद्याधर नगर छात्रावास से मुख्य सचेतक महेश जोशी वीसी के माध्यम से जुड़े. उधर, दिल्ली से पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह भी कार्यक्रम से जुड़े थे. इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि छात्रावास समाज के लिए बड़ी उपलब्धि होती है और मुझे उम्मीद है कि युवा पीढ़ी मेजर दलपत सिंह से प्रेरणा लेगी. कार्यक्रम को लालंचद कटारिया, भंवर जितेंद्र सिंह व महेश जोशी ने भी संबोधित किया. 
 

राजस्थान में प्राणवायु 'ऑक्सीजन' का एडवांस प्लान ! कोरोना में बढ़ी डिमाण्ड पर राज्य सरकार अलर्ट

जयपुर: प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही एकाएक बढ़ी प्राणवायु ऑक्सीजन की जरूरत के प्रति राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है. भविष्य की जरूरत और कोरोना महामारी को देखते हुए प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पताल और सोसायटी से जुडे़ कॉलेजों के अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन के लिए अलग-अलग तरह के ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद शुरू हो गई है. आइए आपको बताते है राजस्थान में कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन का क्या है गणित और सरकार की कैसी है तैयारी....

गंभीर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही: 
प्रदेश में हर दिन बढ़ते कोरोना मरीजों के बीच अब चिंता की बात ये है कि इसमें गंभीर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. सरकारी आंकड़ों को देखते हो अगस्त की तुलना में सितम्बर में ऐसे मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी. नतीजन, ऑक्सीजन की डिमांड भी एकाएक बढ़ गई है. अब हालात ये हो गए है कि न केवल निजी अस्पतालों को बल्कि सरकार और चिकित्सा विभाग को भी ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है. हालांकि सरकार का दावा है कि अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर्स की व्यवस्था है, लेकिन आगामी दिनों में बढ़ती दिक्कतों को देखते हुए गहलोत सरकार ने एडवांस प्लान पर काम शुरू कर दिया है. इसके लिए बकायदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 65 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है. जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट और सोसायटी से जुडे़ कॉलेजों के अस्पतालों में जनरेशन प्लांट लगाए जाने है.  

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(आखिर सरकार के एडवांस प्लान के पीछे की वजह क्या ?)

- राजस्थान में हर रोज 12000 ऑक्सीजन सिलेंडर्स की आपूर्ति किया जाना संभव है.

- जून माह तक इन 12000 ऑक्सीजन सिलेंडर्स में से 4200 सिलेंडर्स अस्पतालों में और शेष इंडस्ट्री में जा रहे थे.

- लेकिन अगस्त माह में A सिम्टोमेटी मरीजों में भी सांस की दिक्कतों के सामने आने लगे मामले.

- जैसे ही इस तरह के मरीजों की तादात अस्पताल में बढ़ी तो एकाएक ऑक्सीजन की डिमाण्ड में भी हुआ इजाफा.

- जुलाई माह में अस्पतालों की डिमांड बढ़कर 5500 और अगस्त-सितम्बर में यह बढ़कर 8000 तक पहुंच गई है.

- विभागीय अधिकारियों की माने तो मरीजों की हर दिन की बढ़ती संख्या को देखते हुए अक्टूबर के अंत तक यह डिमांड बढ़कर लगभग 12000 तक पहुंच जाएगी.

- ऐसे में अलर्ट मोड पर आई सरकार ने निजी ऑक्सीजन प्लांट के अधिग्रहण के साथ ही नए प्लांट लगाने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है.

(सरकार की ये है जिलों से लेकर मेडिकल कॉलेजों के लिए तैयारी):-

- वैसे तो सेन्ट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम विकसित करने के लिए सरकार पहले ही विचार बना रही थी. 

- लेकिन कोरोना महामारी के दौरान अगस्त सितम्बर में एकाएक ऑक्सीजन बैड की जरूरत बढ़ी तो इस दिशा में तेजी से काम शुरू किया गया है. 

- जिला अस्पतालों में जहां सेन्ट्रलाइज्ड पाइप लाइन डालने का काम किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 14 कॉलेजों के लिए भी 65 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए है. 

- इस राशि से सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में 20 केएल क्षमता के लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट और सोसायटी से जुडे़ कॉलेजों के अस्पतालों में जनरेशन प्लांट लगाए जाने है. 

- जयपुर में चार, जोधपुर बीकानेर में 2-2 लगेंगे लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट, जबकि शेष मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में एक-एक लगेगा प्लांट. 

सरकार की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ऑक्सीजन प्लांट को लगाने के लिए फर्मों को फीक्स टाइम दिया गया है. चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया का कहना है कि पांच जगहों पर प्लांट इसी माह लगा दिए जाएंगे,जबकि शेष बची जगहों पर अक्टूबर माह तक ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे. इसके बाद काफी हद तक ऑक्सीजन की दिक्कतों को दूर किया जा सकेगा.  

एसएमएस अस्पताल होगा ऑक्सीजन सिलेण्डर फ्री !

- प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल को लेकर सरकार का एक्शन प्लान

- एसएमएस अस्पताल में लगाए जाएंगे 20-20 KL क्षमता के दो लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट

- 20KL क्षमता के एक प्लांट से सामान्य परिस्थिति में एक हजार बैड को सप्लाई हो सकती है

- आमदिनों में एसएमएस में दो हजार से आसपास बैड पर मरीज होते है भर्ती

- ऐसे में दोनों प्लांट से काफी हद तक ऑक्सीजन की सप्लाई की डिमाण्ड होगी पूरी

- इसके साथ ही दो ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट हाल ही में हो चुके है अस्पताल में शुरू

- खुद चिकित्सा शिक्षा सचिव का दावा, जब अस्पताल में दोनों लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट हो जाएंगे शुरू

- तो काफी हद तक छोटे सिलेण्डर से ऑक्सीजन की निर्भरता होगी खत्म

- सिर्फ विशेष परिस्थिति के लिए ही मंगवाए जाएंगे ऑक्सीजन के छोटे सिलेण्डर

सरकार का दावा है कि अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर्स की व्यवस्था है और आने वाले दिनों में बढ़ती डिमांड को देखते हुए हर तरह के विकल्प तैयार किए जा रहे हैं. हालांकि ऑक्सीजन प्लांट के लिए अक्टूबर अंत तक की डेडलाइन भी निर्धारित की गई है. लेकिन यदि इस टाइम लाइन के प्रति गंभीरता नहीं रखी गई तो हालात बिगडने में देरी नहीं लगेगी. क्योंकि जिस गति से गंभीर रोगियों की संख्या बढ़ रही है, उस हिसाब से अक्टूबर अंत या नवम्बर माह में सरकार के लिए बड़ी चुनौती देखी जा रही है. ऐसे में उम्मीद ये है कि सरकार की मंशा के अनुरूप फील्ड में काम होगा ताकि जरूरतमंद मरीजों का प्राणवायु ऑक्सीजन के लिए दर दर भटकना नहीं पड़े.