नई दिल्ली किसान आंदोलन को लेकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- किसानों को सरकार की पेशकश सर्वश्रेष्ठ, उम्मीद है यूनियन इसपर पुनर्विचार करेंगी

किसान आंदोलन को लेकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- किसानों को सरकार की पेशकश सर्वश्रेष्ठ, उम्मीद है यूनियन इसपर पुनर्विचार करेंगी

किसान आंदोलन को लेकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- किसानों को सरकार की पेशकश सर्वश्रेष्ठ, उम्मीद है यूनियन इसपर पुनर्विचार करेंगी

नई दिल्लीः केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को कहा कि नए कृषि कानूनों को एक से डेढ़ साल तक निलंबित रखने का सरकार का प्रस्ताव एक ‘‘सर्वश्रेष्ठ पेशकश’’ है और उन्हें उम्मीद है कि प्रदर्शनकरी किसान संगठन इसपर पुनर्विचार करेंगे तथा अपने फैसले से अवगत कराएंगे.

सरकार और किसानों के बीच 11दौर की वार्ता रही बेनतीजाः 
सरकार और 41 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच 11वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी. दसवें दौर की वार्ता में सरकार ने नए कृषि कानूनों को एक से डेढ़ साल तक निलंबित रखने की पेशकश की थी, लेकिन किसान यूनियनों ने इसे खारिज कर दिया था. सरकार ने यूनियनों से 11वें दौर की वार्ता में प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने और अपने निर्णय से अवगत को कहा था.

कृषि मंत्री को प्रस्ताव पर किसानों के जवाब देने की उम्मीदः 
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पीटीआई-भाषा से कहा कि सरकार ने किसान यूनियनों को सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव दिया है. मुझे उम्मीद है कि वे आपस में चर्चा कर हमें अपने निर्णय से अवगत कराएंगे. एक बार उनके द्वारा इस बारे में अवगत कराए जाने पर हम इसे आगे बढ़ाएंगे. मंत्री ने 11वें दौर की वार्ता के बाद संकेत दिया था कि आगे बात नहीं होगी, लेकिन सरकार की पेशकश पर किसानों के अंतिम फैसले को लेकर वह बैठक करने को तैयार होंगे. यह देखना बाकी है कि 26 जनवरी की अपनी प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के बाद किसान यूनियन सरकार को अपने फैसले से अवगत कराती हैं या नहीं.

पिछले दो महीने से जारी है किसानों के आंदोलनः 
इस बीच, कृषि कानूनों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित की गई समिति का 27 जनवरी को किसानों और किसान संगठनों से दूसरे दौर की चर्चा किए जाने का कार्यक्रम है. दिल्ली की सीमाओं पर डटे हजारों किसानों को प्रदर्शन करते हुए आज 61 दिन हो गए. वहीं, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में उनके समर्थन में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की ट्रैक्टर परेडः 
उल्लेखनीय है कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द करे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसान  26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर परेड निकालने का फैसला किया है. इसी के तहत देश भर से हजारों की तादात में किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर पहुंच चुके हैं.
सोर्स भाषा 

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