चंडीगढ़ नवजोत सिंह सिद्धू बोले, सुरक्षा में चूक का आरोप अन्य चुनाव वाले राज्यों में राजनीतिक लाभ लेने के लिए 

नवजोत सिंह सिद्धू बोले, सुरक्षा में चूक का आरोप अन्य चुनाव वाले राज्यों में राजनीतिक लाभ लेने के लिए 

नवजोत सिंह सिद्धू बोले, सुरक्षा में चूक का आरोप अन्य चुनाव वाले राज्यों में राजनीतिक लाभ लेने के लिए 

चंडीगढ़: कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर शुक्रवार को निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के वक्त सुरक्षा चूक को लेकर हंगामा, अन्य चुनाव वाले राज्यों में राजनीतिक लाभ लेने के लिए किया जा रहा है. सिद्धू ने दावा किया कि सुरक्षा चूक को लेकर इतना हल्ला भाजपा नेताओं ने खुद को अपमानित होने से बचाने के लिए भी किया है, क्योंकि मोदी की जनसभा में महज 500 लोग जुटे जबकि व्यवस्था 70,000 लोगों को जुटाने के लिए की गई थी. भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी ने प्रधानमंत्री को शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रची. सिद्धू ने इन्हीं आरोपों पर कांग्रेस नेता अल्का लांबा के साथ मिलकर पलटवार किया.

क्रिकेटर से नेता बने सिद्धू ने आरोप लगाया कि पंजाब को बदनाम कर, भाजपा के नेता उन राज्यों में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, जहां आने वाले दिनों में चुनाव होने हैं. प्रधानमंत्री का काफिला बुधवार को पंजाब के फिरोजपुर में प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क मार्ग को अवरूद्ध कर देने की वजह से एक फ्लाईओवर पर काफी देर तक फंसा रह गया था, जिसके बाद वह रैली सहित अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लिए बिना ही राज्य से लौट गए थे. पंजाब में भी इसी साल चुनाव होने हैं.

पंजाब सरकार इस रुख पर कायम है कि सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई लेकिन घटना में जांच के आदेश दे दिए हैं. सिद्धू ने कहा कि यह खुद को फजीहत से बचाने की कोशिश है, क्योंकि ऐसा कभी नहीं हुआ होगा कि किसी प्रधानमंत्री को 500 लोगों को संबोधित करना पड़े, जब 70,000 कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी (बुधवार को भाजपा की फिरोजपुर रैली के लिए).

उन्होंने कहा कि यह क्या दिखाता है और वह भी प्रधानमंत्री के किसी कार्यक्रम में? वे (भाजपा नेता) बेनकाब हो गए हैं. यह पूरी तरह साफ हो गया है कि उन्हें राज्य में किसी तरह का समर्थन नहीं है. उन्होंने कहा कि मोदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य पुलिस पर थोपना सही नहीं है, क्योंकि एसपीजी, रॉ, आसूचना ब्यूरो (आईबी) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों सहित प्रधानमंत्री की सुरक्षा में 10,000 लोग शामिल होते हैं और राज्य पुलिस उनसे निर्देश लेती है.

सिद्धू ने पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर भी निशाना साधा, जिन्होंने मोदी की यात्रा के दौरान सुरक्षा चूक के बाद पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की. पंजाब चुनावों के लिए कांग्रेस की मीडिया प्रभारी लांबा ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं, तो 130 करोड़ से अधिक लोगों का देश जो उनके अधीन है, वह कैसे सुरक्षित महसूस करेगा. उन्होंने भाजपा नेताओं से यह भी जानना चाहा कि जब प्रधानमंत्री के नोएडा दौरे के वक्त सुरक्षा में चूक हुई थी तो उन्होंने तब मुद्दा क्यों नहीं बनाया. लांबा ने कहा कि लेकिन पंजाब में, प्रधानमंत्री बठिंडा में अधिकारियों से कहते हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहिए कि वह उस स्थिति से जीवित बचकर निकल आए. उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक नाटक खेला जा रहा है और वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है.(भाषा) 

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