VIDEO: बड़बोले नेताजी के विवादित बोल ! इस बार कटारिया ने भगवान को भी नहीं छोड़ा

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/07 09:05

उदयपुर: लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं लेकिन कुछ विवादित और बडबोले बोल बोलने के आदी हो चुके नेताओं की बीमारी अभी भी जाने का नाम नही ले रही हैं. मजे की बात तो यह है कि भाजपा के सबसे बडे और कद्दावर नेता खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने भाषण में पार्टी के नेताओं को मर्यादाओं में रहने की हिदायत दे चुके हैं लेकिन बावजूद इसके नेता हैं कि मानने का नाम नही लेते हैं. कुछ ऐसा ही विवादित बयान आज नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया नें भी दे डाला. उदयपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में कटारिया नें अपने बदजुबानी से भगवान को भी नहीं बख्शा. 

कटारिया ने भावनाओं में बहकर भगवान को दी गाली
प्रचंड बहुमत से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद सेंट्रल हॉल में भारतीय जनता पार्टी के सांसदों को संबोधित करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हिदायतों को भले ही अभी भी आम जनता नहीं भूली हैं लेकिन लगता हैं उनके भुलक्कड अनुयायी ज्यादा बक बक नही करने की हिदायत को भूल चुके हैं. कुछ ऐसा ही उदाहरण आज उदयपुर में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पेश किया. लोकसभा चुनाव की जीत की खुशी में रखे गये स्नेहभोज और कार्यकर्ताओं के सम्मेलन के दौरान गुलाबचंद कटारिया कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावनाओं में इतना बह गये कि भगवान को भी गाली देने लगे. कटारिया नें कार्यकर्ताओं को देश के प्रति निष्ठा का पाठ पढ़ाते पढ़ाते भगवान को गाली देने में भी कोताही नहीं बरती. 

कटारिया सम्मेलन आयोजन के मूल मकसद से ही भटक गये
इस पूरे कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष के बडबोले पन का आलम यह रहा कि कटारिया सम्मेलन आयोजन के मूल मकसद से ही भटक गये. इस कार्यकर्ता सम्मेलन का मकसद जहां कार्यकर्ताओं का लोकसभा चुनावों की शानदार जीत के लिए धन्यवाद ज्ञापित करना था लेकिन कटारिया नें साफ कर दिया कि लोकसभा चुनावों की जीत सिर्फ और सिर्फ नरेन्द्र मोदी के फोटो के आधार पर मिली. उन्होनें कार्यकर्ताओं को भी कहा कि चुनाव के कार्यो के दौरान कार्यकर्ता तो समोसा खाने में व्यस्त थे और जनता मोदी के फोटो को देखकर वोट डालकर गई. 

विवादित बयानो के चलते आचार संहिता में चुनाव आयोग ने भी दिया था नोटिस
बहरहाल यह पहला मौका नही हैं जब गुलाबचंद कटारिया नें मर्यादाओं की सीमाओं को लांधा हो. चुनावों की आचार संहिता के दौरान भी कटारिया नें कई बार अपने बडबोलेपन और विवादित बयानों के लिए चुनाव आयोग के नोटिसों का सामना किया लेकिन अब तो मसला कटारिया का सीधे भगवान से दो दो हाथ पर आ गया हैं. ऐसे में अब सोचना पार्टी के हुक्मरानों को होगा कि ऐसे विवादित बयान देने वाले नेताओं का क्या किया जाए. 

...रवि कुमार शर्मा,फस्ट इंडिया न्यूज, उदयपुर

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