सिकन्दरा स्टोन कारोबार पर संकट के चलते दौसा में नये आंदोलन का उदय ! 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/07 07:29

दौसा: दौसा के सिकन्दरा मे़ प्रशासन द्वारा एलआर एक्ट 90ए के तहत दिए गये बेदखली नोटिस ने स्टोन काबारियों में खलबली मच गई. इस नोटिस के बाद करीब 500 पत्थर युनिट संकट में आ जाएगी. इस आदेश के खिलाफ सिकन्दरा क्षेत्र के पत्थर कारोबारी लामबंद हो गये हैं. सैकडों लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं और कहा है कि मर जाएगें, लेकिन कारोबार नहीं उजड़ने देगें. 

हाईवे 21 के समीप जमे सैकडों पत्थर व्यवसायी:
दरअसल विरोध में कारोबारियों ने आज ईकाई बंद कर लामबंद होकर प्रशासन की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया है. साथ ही एलान किया कि जब तक प्रशासन कार्यवाही को आगे नहीं बढाता तब तक अनिश्चितकालीन धरना देते रहेगें. इधर कारोबारियों का आरोप है कि जब सरकार बीस साल से इस उद्योग को सींच रही थी तो फिर प्रशासन इसे तबाह करना क्यों चाहता है. प्रशासन की नियत पर सवाल उठाते कारोबारियों ने अनिश्चितकालीन धरना देने का एलान करते दो टूक कहा है कि चाहे मर जाएं, लेकिन बेदखली नहीं होने देंगें. सरकार व प्रशासन कारोबारियों को समय देने व भूरूपान्तर के लिए शिविर लगाए. कारोबारी नियमों की पालना को तैयार है, लेकिन प्रशासन जो खुद के बचाव में जल्दबाजी कर रहा है वो गलत है. 

करोडों रूपये फाइनेंस:
आप को बतादें कि एनजीटी के निर्देश के बाद प्रशासन ने ये कार्रवाई शुरू की है. सिकन्दरा की करीब 500 स्टोन युनिट स्थापित है, उन में 90 प्रतिशत युनिट 20 साल से कृषि भूमि पर संचालित है. सरकार व दौसा प्रशासन ने इस कृषि भुमि पर विद्युत कनेक्शन व उद्योग युनिट के लिए अधिकृत कर रखी है. कई बैंको ने इन युनिटों पर करोडों रूपये फाइनेंस कर रखा है. 

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