जयपुर VIDEO: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे विकास की नई इबारत, जानिए Expressway की खूबियां, देखिए खास रिपोर्ट

VIDEO: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे विकास की नई इबारत, जानिए Expressway की खूबियां, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुर: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे विकास की नई इबारत लिखने जा रहा है. इस एक्सप्रेस वे का हरियाणा का कुछ हिस्सा छोड़ कर दिल्ली से दौसा तक का काम लगभग पूरा हो चुका है. एनएचएआई मार्च से इस एक्सप्रेस वे पर दिल्ली से दौसा तक यातायात शुरू करने पर विचार कर रहा है. वैसे दिल्ली से मुंबई तक के इस प्रोजेक्ट पर जनवरी 2023 से यातायात शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. एक लाख करोड रुपए की लागत से बन रहे 1250 किलोमीटर लंबा दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे बनेगा. इसका 374 किलोमीटर लंबा हिस्सा राजस्थान के 7 जिलों से होकर निकल रहा है. 

एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस वे पर राजस्थान में करीब 17000 करोड़ रुपए खर्च होंगे. जनवरी 2023 तक यह प्रोजेक्ट पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है. चीन का बीजिंग से उरमची के बीच 2800 किमी लंबे एक्सप्रेस वे के बाद यह विश्व का दूसरा सबसे लंबा 1250 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बताया जा रहा है. इसका 87 किमी हिस्सा दौसा जिले से गुजरने से क्षेत्र में रोजगार के आयाम भी स्थापित होंगे. फिलहाल दौसा से दिल्ली जाने के दो मार्ग हैं. वाया बांदीकुई-अलवर के रास्ते 284 किमी का सफर करीब 5 घंटे 08 मिनट और वाया जयपुर 302 किमी का सफर करीब 5 घंटे 52 मिनट में तय होता है. इस एक्सप्रेस-वे के बनने से 10 किमी की दूरी व समय घटकर 2 घंटे 10 मिनट रह जाएगा. यानी करीब 3 घंटे कम हो जाएंगे. 

इस एक्सप्रेस वे के बनने से हर साल 32 करोड़ लीटर ईंधन बचेगा. देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से देश की व्यावसायिक राजधानी मुंबई के बीच की दूरी घटेगी, समय बचेगा, प्रदूषण भी कम होगा. गाड़ियों की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे रहेगी. दिल्ली-मुंबई के बीच 150 किमी की दूरी घटेगी. दिल्ली से मुंबई को जोड़ने वाले एनएच-8 पर वाहनों का दबाब कम होगा. इस पर रोज चलने वाले एक लाख वाहन इस एक्सप्रेस-वे पर शिफ्ट होंगे. दिल्ली-मेवात, कोटा, रतलाम, दाहोद, गोधरा, वडोदरा, सूरत, मुंबई रूट होगा. मुंबई से दिल्ली तक का सफर 25 घंटे के बजाय आधा यानी करीब 13 घंटे में पूरा होगा. 

एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी एवं मुख्य महाप्रबंधक पवन कुमार ने बताया कि हर वर्ष 32 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होगी. कई अन्य विकास कार्यों का सर्वे चल रहा है. इस एक्सप्रेस-वे पर दौसा जिले में 3 इंटर चेंज प्वाइंट बनाए गए हैं.जिले में 87 किमी लंबे इस राजमार्ग पर तीन पैकेज में कुल 2757 करोड़ की निर्माण लागत आने की संभावना जता रहे हैं. जिले की सीमा में तीन जगह इंटर चेंज प्वाइंट भांडारेज मोड़ के पास, डूंगरपुर व बडकापाड़ा में बनाए गए हैं. दोसा क्षेत्र के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सहीराम ने बताया कि इस एक्सप्रेस-वे की खूबियां बात करें तो यह देश का इकलौता राजमार्ग है जो 6 राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली चेंज में से होकर निकला है. 

एक्सप्रेस वे जनवरी 2023 में तैयार होगा कि दिल्ली से दौसा तक 284 किमी मार्ग फरवरी 2022 में ही पूरा होने की उम्मीद है. राज्य के 7 जिले दौसा, अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी यहां भांडारेज मोड़ के पास इंटरचेंजसकेल का सितंबर में अवलोकन कर चुके है. इस पर रेन वाटर हावेस्टिंग, सोलर एनर्जी लाइट का कार्य पूरा हो चुका है. रेस्ट एरिया डेवलपमेंट भी अगले महीने पूर्ण हो जाएगा. केवल एंट्री-एग्जिट पर ही टोल लगेगा जबकि कहीं ट्रैफिक सिग्नल नहीं होगा. हर 100 किमी पर ट्रॉमा सेंटर, एक्सीडेंट होने पर त्वरित एंबुलेंस की सुविधा - यह एक्सप्रेस वे 8 लेन का है. 4 लेन और बनाई जाएंगी. इसमें आने-जाने की 2-2 लेन सिर्फ इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स के लिए होंगी, जो देश का पहला डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक व्हीकल फोरलेन होगा. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे विकास की नई इबारत लिखेगा.

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