कोरोना संकट के बीच किसानों के लिए राहत की खबर, 16 अप्रैल से शुरू होगा फसली ऋण का वितरण

कोरोना संकट के बीच किसानों के लिए राहत की खबर, 16 अप्रैल से शुरू होगा फसली ऋण का वितरण

कोरोना संकट के बीच किसानों के लिए राहत की खबर, 16 अप्रैल से शुरू होगा फसली ऋण का वितरण

जयपुर: कोरोना संकट के बीच प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर प्रदेश के 25 लाख किसानों को चालू वित्त वर्ष में 16 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण का वितरण किया जायेगा. खरीफ सीजन में ऋण वितरण की शुरूआत 16 अप्रैल से शुरू की जाएगी.

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किसानों को खरीफ फसली ऋण 25 प्रतिशत तक बढ़ाकर दिया जाएगा:
प्रदेश में इस बार किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण के तौर पर 10 हजार करोड़ रुपये खरीफ सीजन में तथा 6 हजार करोड़ रुपये रबी सीजन में वितरित किया जाएंगे. इस वर्ष किसानों को खरीफ फसली ऋण के तहत 25 प्रतिशत तक फसली ऋण बढ़ाकर दिया जायेगा. सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि इस वर्ष भी 3 लाख नए किसानों को फसली ऋण से जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  कोरोना महामारी के दौरान लाकडाउन के चलते किसानों को उनके कृषि कार्यो मे कम से कम परेशानी हो इसके लिए उनके हित में निरन्तर फैसले ले रहे है.

ऋण वितरण 16 अप्रैल से प्रारंभ किया जायेगा:
सहकारिता मंत्री ने बताया कि केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा वितरित होने वाला अल्पकालीन फसली ऋण खरीफ सीजन में 1 अप्रैल से 31 अगस्त तक तथा रबी सीजन में 1 सितम्बर से 31 मार्च तक किसानों को वितरित किया जाता है. लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते देश भर में 14 अप्रैल तक लाकडाउन होने के कारण ऋण वितरण 16 अप्रैल से प्रारंभ किया जायेगा. फसली ऋण वितरण के दौरान यथासम्भव पैक्स/लैम्पस स्तर पर ही कार्य संपादित करने के निर्देश सीसीबी के प्रबंध निदेशकों को दे दिए गए है. इसी प्रकार सभी पैक्स/लैम्पस को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि बैंक शाखाओं एवं पैक्स/लैम्पस  में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की जाए.

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जिलेवार जाने ऋण की राशि:
उन्होंने बताया कि16 अप्रैल से वितरित हो रहे फसली ऋण के लिए 15 अप्रैल से ही सीबीएस एवं आईएफएस सिस्टम शुरू हो जाएगा. खरीफ सीजन में केन्द्रीय सहकारी बैंक श्रीगंगानगर सर्वाधिक 700 करोड़ रुपये का  ऋण वितरित करेगा जबकि हनुमानगढ़ 630 करोड़ रुपये, बाड़मेर 600 करोड़ रुपये, जयपुर 570 करोड़ रुपये, पाली 500 करोड़ रुपये, सीकर 470 करोड़ रुपये, जोधपुर एवं चित्तौड़गढ़ 460-460 करोड़ रुपये, जालोर 450 करोड़ रुपये, भीलवाड़ा 430 करोड़ रुपये, झालावाड़ 410 करोड़ रुपये, झुन्झुनूं 350 करोड़ रुपये, नागौर एवं कोटा 340-340 करोड़ रुपये, अलवर 330 करोड़ रुपये, अजमेर 310 करोड़ रुपये तथा भरतपुर 300 करोड़ रुपये का अल्पकालीन ऋण वितरण सदस्य कृषकों को करेगा. इसी प्रकार से केन्द्रीय सहकारी बैंक सवाईमाधोपुर 290 करोड़ रुपये, बीकानेर एवं चुरू 240-240 करोड़ रुपये, दौसा, उदयपुर एवं बूंदी 220-220 करोड़ रुपये, बारां 200 करोड़ रुपये, जैसलमेर 180 करोड़ रुपये, सिरोही 170 करोड़ रुपये, बांसवाड़ा 150 करोड़ रुपये, डूंगरपुर 120 करोड़ रुपये तथा टोंक 100 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त सहकारी फसली ऋण देगा.
 

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