कोरोना में राहत की खबर: भारतीयों के लिए स्पूतनिक-V को मिली हरी झंडी, जानें कोविशील्ड और कोवैक्‍सीन से क‍ितनी महंगी सस्ती है

कोरोना में राहत की खबर: भारतीयों के लिए स्पूतनिक-V को मिली हरी झंडी, जानें कोविशील्ड और कोवैक्‍सीन से क‍ितनी महंगी सस्ती है

कोरोना में राहत की खबर: भारतीयों के लिए स्पूतनिक-V को मिली हरी झंडी, जानें कोविशील्ड और कोवैक्‍सीन से क‍ितनी महंगी सस्ती है

नई दिल्ली: कोरोना कहर (Covid Havoc) के बीच रूस में बनी स्पूतनिक वैक्सीन (Sputnik Vaccine) को भारत में हरी झंडी (Green Signal) मिल गई है. भारत में रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-V के दाम आखिरकार तय कर लिए गए हैं. आयात की गई वैक्सीन की कीमत 948 रुपये प्रति डोज रखी गई है. हालांकि, इस कीमत में 5 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर यानि GST (Goods And Services Tax) अलग अलग से लगाया जाएगा. इस बात की जानकारी डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरीज (Doctor Reddys Laboratories) ने दी है. संभावना जताई जा रही है कि स्थानीय सप्लाई शुरू होने के बाद वैक्सीन की दरों में कमी आ सकती है.  

Central Drugs Laboratory ने दी मंजूरी:
हैदराबाद में स्पूतनिक-V के शुक्रवार को पहले डोज दिए गए हैं. डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरीज की तरफ से जानकारी दी गई है कि स्पूतनिक-V की पहली खेप (First Shipment) भारत में 1 मई को आई थी. इसे 13 मई को हिमाचल प्रदेश (Himachal Pardesh) के कसौली में स्थित सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी (Central Drugs Laboratory) ने मंजूरी दे दी है. कहा जा रहा है कि इस वैक्सीन की प्रभावकारिता दर 91.6 प्रतिशत है.

अगले हफ्ते तक बाजार में आने की संभावना:
गुरुवार को केंद्र ने जानकारी दी थी कि यह वैक्सीन अगले सप्ताह से बाजार में आ सकती है. डॉक्टर रेड्डीज ने कहा कि वैक्सीन को ज्यादा से ज्यादा उपलब्ध कराने के लिए वे निजी सेक्टर (Private Sector) और सरकार में अंशधारकों (Shareholders) के साथ नजदीक से मिलकर काम करेंगे. 

सरकार ने अपने रोडमैप में स्पूतनिक-V का नाम शामिल किया था:
गुरुवार को कोविड टास्क फोर्स (Covid Task Force) के प्रमुख डॉक्टर विनोद कुमार पॉल (Vinod Kumar Paul) ने दिसंबर तक सभी नागरिकों को टीका लगाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि साल के अंत तक देश के पास पर्याप्त वैक्सीन होगी. उन्होंने अगस्त से दिसंबर के बीच 216 करोड़ डोज (216 Million Doses) तैयार होने की जानकारी दी थी. सरकार ने अपने रोडमैप (Roadmap) में स्पूतनिक-V का नाम शामिल किया था.

नॉन-रेप्लिकेटिंग वायरल वेक्टर वैक्सीन में दो इंसानी एडेनोवायरस का इस्तेमाल किया गया है:
स्पूतनिक-V में नॉन-रेप्लिकेटिंग वायरल वेक्टर वैक्सीन (Non Replicating Viral Vector Vaccine) में दो इंसानी एडेनोवायरस (Human Adenovirus)- Ad5 और Ad6 का इस्तेमाल किया गया है. एडेनोवायरस कोशिकाओं (Adenovirus Cells) से टकराते हैं और उनकी सतह पर मौजूद प्रोटीन पर पकड़ बना लेते हैं. एक बार शरीर में इंजेक्ट होने के बाद, ये वैक्सीन वायरस हमारी कोशिकाओं को संक्रमित करना शुरू कर देते हैं. इसके बाद इंसानी सेल एंटीजन (Human Cell Antigen) ऐसे तैयार करना शुरू कर देता है, जैसे वह उसका अपना ही प्रोटीन है.

और पढ़ें