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निर्भया केस: पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर बेहोश हुई दोषी अक्षय की पत्नी

निर्भया केस:  पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर बेहोश हुई दोषी अक्षय की पत्नी

नई दिल्ली: निर्भया केस के चारों दोषियों की डेथ वॉरेंट पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब जज लंच के बाद इसपर फैसला सुनाएंगे. इसी बीच पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर दोषी अक्षय कुमार की पत्नी पुनीता देवी का ड्रामा शुरू हो गया.

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पटियाला हाउस कोर्ट परिसर के बाहर एक गिर गई:
कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान परिसर के बाहर पुनीता देवी न रो-रोकर बुरा हाल कर लिया. इस दौरान वह पटियाला हाउस कोर्ट परिसर के बाहर एक गिर गई. एएनआई के खबर के मुताबिक महिला रोते-रोते बेहोश हो गई. वहीं दूसरी ओर दोषी अक्षय की पत्नी ने औरंगाबाद के फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी भी दाखिल की है. अर्जी में उसका कहना है कि वह विधवा बनकर नहीं जी सकती इसलिए उसे तलाक दिया जाए. साथ ही उसने कहा कि इससे उसे पूरी जिंदगी रेपिस्ट की विधवा के रूप में काटनी पड़ेगी. 

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पति को निर्दोष बताया:
वहीं इस अपनी अर्जी में पुनीता देवी ने लिखा कि मेरे पति निर्दोष हैं, ऐसे में मैं उनकी विधवा बनकर नहीं रहना चाहती, मुझे अपने पति से तलाक चाहिए. पुनीता ने अर्जी में लिखा है कि वैसे तो उसका पति निर्दोष है लेकिन न्यायालय के दृष्टिकोण से वो दोषी है. ऐसे में कानून के अनुसार बलात्कारी की पत्नी तलाक ले सकती है क्योंकि वो विधवा के रूप में गुजर-बसर नकरने के लिए तैयार नहीं है. 
 

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श्रीगंगानगर: जिले की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक दौलतपुरा में चक-7 क्यू में एक पाकिस्तानी गुब्बारा मिला है. गुब्बारे पर अंग्रेजी और उर्दू में PIA लिखा हुआ है. किसान की सूचना पर मौके पहुंची मटीली राठान पुलिस ने पाकिस्तानी गुब्बारे को अपने कब्जे में लिया है.  

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गुब्बारा हवाई जहाज के मॉडल जैसा दिखाई दे रहा: 
पुलिस की प्रारंभिक जांच में गुब्बारे के साथ कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है, फिर पुलिस ने इसकी गंभीरता से जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है. पाकिस्तान से आया यह गुब्बारा हवाई जहाज के मॉडल जैसा दिखाई दे रहा है. यह भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय सीमा के गांव दौलतपुरा में एक खेत में मिला है. बता दें कि भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पाकिस्तान से आने वाले गुब्बारे अक्सर मिलते रहते हैं.

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जयपुर: राजस्थान के सियासी घटनाक्रम में एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है. सचिन पायलट कैंप के विधायक आज विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दे सकते हैं. इसको लेकर आज राजस्थान हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर कर सकते हैं. याचिका दायर होने पर राजस्थान हाईकोर्ट में विशेष पीठ का गठन किया जा सकता है. कोरोना के चलते 17 जुलाई तक हाईकोर्ट में कार्य स्थगन है. हालांकि अभी तक इस बारे में आधीकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. 

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विधानसभा स्पीकर ने नोटिस किया जारी:
इससे पहले विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है. नोटिस में विधायकों से 3 दिन में जवाब मांगा है. जवाब नहीं देने पर स्पीकर विधायकों को अयोग्य घोषित कर सकते हैं. स्पीकर 3 माह तक समय ले सकते हैं. हालांकि मौजूदा परिस्थितियों के तहत लगता यही है कि स्पीकर जल्द ही निर्णय लेंगे. 

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उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू:
वहीं दूसरी ओर सूत्रों के मुताबिक 19 बागी कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों में उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू हो गई है. यह फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने लिया. इन सभी क्षेत्रों में उपयुक्त उम्मीदवारों की खोज का काम भी शुरू हो गई है. जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इनकी सदस्यता समाप्त होने की कार्यवाही पूरी होगी. तो वहां उसी दिन से उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इन क्षेत्रों के कुछ भाजपा नेता भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक है. इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ने वालों की लंबी कतार है. 


 

लुप्तप्राय पक्षी गोडावण को लेकर अनदेखी, तीन साल से नहीं हुई गणना

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जैसलमेर: गोडावण लुप्त प्राय पक्षी है. इसके संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर अब तक करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं. लेकिन गोडावण को बचाने के प्रयास विफल होते जा रहे हैं. गोडावण की वास्तविक संख्या कितनी है यह जिम्मेदारों को भी पता नहीं है. हालांकि तीन साल पहले वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ने इसकी गणना की थी, लेकिन गणना के आंकड़ों को हमेशा छिपाया जाता है. हकीकत में कितने गोडावण है वह गोडावण संरक्षण में लगे जिम्मेदारों को भी पता नहीं है. ऐसे में विलुप्त प्राय राज्य पक्षी को लेकर बरती जा रही लापरवाही समझ से परे है. जानकारों के अनुसार जहां गोडावण की गणना साल में दो बार होनी चाहिए वहीं यहां तो तीन साल होने जा रहे हैं और गणना ही नहीं की गई. यह कैसा संरक्षण का प्रयास है. 

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इस बार भी गणना को लेकर संशय बरकरार: 
बताया जा रहा है कि मार्च 2017 में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून की ओर से गोडावण की गणना की गई थी. उसके बाद आज तक गणना नहीं हुई है. इस बार भी गणना को लेकर संशय बरकरार है. सूत्रों के अनुसार वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट की ओर से इस बार भी गणना नहीं की जाएगी. एक तरफ गोडावण संरक्षण को लेकर जोर शोर से प्रयास करने की बात की जा रही है तो दूसरी तरफ गणना को लेकर जिम्मेदार पीछे हट रहे हैं. गोडावण का प्रजनन काल अप्रैल से सितंबर माह तक रहता है. गत वर्ष इस दौरान 25 मादा गोडावण ने प्रजनन किया था. इसमें से प्रजनन केन्द्र के लिए 9 अंडे उठाए गए थे.

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इस बार प्रजनन कम होने की आशंका:
इस बार अप्रैल से लेकर अब तक तीन नन्हें गोडावण ही नजर आए हैं. ऐसे में इस बार प्रजनन कम होने की आशंका है. गोडावण संरक्षण के प्रयास देश विदेश के विशेषज्ञ भी कर रहे हैं. करोड़ों रुपए खर्च भी किए गए हैं. लेकिन अभी तक जानकार गोडावण की संख्या को लेकर भी क्लियर नहीं है. इसके आंकड़ों के मकड़जाल में फंसे हुए हैं. वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट की गणना में स्पष्ट संख्या नहीं बताई जाती है. जब तक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी तब तक बेहतर तरीके से संरक्षण के प्रयास नहीं हो सकेंगे. 

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नई दिल्ली: दुनियाभर के साथ भारत में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. देश में संक्रमित मरीजों की संख्या 10 लाख के करीब पहुंच गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 32,695 नए मामले सामने आए हैं और 606 लोगों की मौत हुई है. इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 9,68,876 हो गई है. जिनमें से 3,31,146 सक्रिय मामले हैं, 6,12,815 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब तक 24,915 लोगों की मौत हो चुकी है. 

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देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में: 
देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. महाराष्ट्र में एक लाख से ज्यादा संक्रमितों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है. इसके बाद दूसरे नंबर पर तमिलनाडु, तीसरे नंबर पर दिल्ली, चौथे नंबर पर गुजरात और पांचवे नंबर पर पश्चिम बंगाल है. इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं. 

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भारत दुनिया का तीसरा सबसे प्रभावित देश:
कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया का तीसरा सबसे प्रभावित देश है. अमेरिका, ब्राजील के बाद कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित भारत है. भारत, अमेरिका, ब्राजील और रूस में कुल मिलाकर इस समय 72 लाख से अधिक केस हैं. यह दुनिया के कुल केस का 53% से ज्यादा है. सबसे ज्यादा 35.80 लाख केस अमेरिका में हैं. ब्राजील में बुधवार देर रात तक 19.40 लाख केस हो चुके थे. भारत 9.68 लाख और रूस 7.46 लाख केस के साथ क्रमश: तीसरे और चौथे नंबर पर हैं. पेरू 3.33 लाख केस के साथ पांचवें नंबर पर है. दुनिया में अब तक 1.36 करोड़ केस आ चुके हैं. 


 

मध्यप्रदेश: गुना में किसान दंपति को पीटने का वीडियो आया सामने, कमलनाथ ने शिवराज सरकार को घेरा

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भोपाल: अतिक्रमण हटाने गई पुलिस ने मध्य प्रदेश के गुना में मंगलवार को किसान दंपति की लाठियों से पिटाई कर दी. इसके बाद दंपति ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना जिले के कलेक्टर और एसपी को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. 

घटना का वीडियो देखकर व्यथित हूं:
वहीं सूबे के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना का वीडियो जारी करते हुए कहा कि गुना के कैंट थाना क्षेत्र की घटना का वीडियो देखकर व्यथित हूं. इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. भोपाल से जांच दल मौके पर जाकर पूरी घटना की जांच करेगा. इसके बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई करेंगे. 

कमलनाथ ने शिवराज सरकार को घेरा: 
दूसरी ओर इस घटना पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि शिवराज सरकार प्रदेश को कहां ले जा रही है? ये कैसा जंगल राज है? गुना में कैंट थाना क्षेत्र में एक दलित किसान दंपत्ति पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों द्वारा इस तरह बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज. 

उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित युवक का जमीन संबंधी कोई शासकीय विवाद है, तो भी उसे कानूनन हल किया जा सकता है, लेकिन इस तरह कानून हाथ में लेकर उसकी, उसकी पत्नी की, परिजनों की और मासूम बच्चों तक की इतनी बेरहमी से पिटाई, यह कहां का न्याय है? क्या यह सब इसलिए कि वो एक दलित परिवार से है, गरीब किसान है?

कमलनाथ ने सवाल करते हुए कहा कि क्या ऐसी हिम्मत इन क्षेत्रों में तथाकथित जनसेवकों व रसूख़दारों द्वारा क़ब्ज़ा की गयी हज़ारों एकड़ शासकीय भूमि को छुड़ाने के लिये भी शिवराज सरकार दिखायेगी ? ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती है.  इसके दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्यवाही हो, अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी. 

यह है मामला: 
गुना में मॉडल कॉलेज के निर्माण के लिए शासकीय कॉलेज प्रबंधन को जगनपुर चक क्षेत्र में 20 बीघा जमीन आवंटित की गई थी. इस जमीन पर लंबे समय से गब्बू पारदी नाम के व्यक्ति का कब्जा था. कुछ समय पहले राजस्व और पुलिस की टीम ने मिलकर अतिक्रमण हटवा दिया था. हालांकि विभाग की लापरवाही के चलते जमीन पर निर्माण नहीं हो सका. इसकी वजह से अतिक्रमणकारियों ने दोबारा जमीन को घेरना शुरू दिया था. 


 

Rajasthan Political Crisis: बीजेपी को सचिन पायलट के खुले तौर पर फैसला लेने का इंतजार, बनाई रणनीति

जयपुर: वर्तमान के तमाम राजनीतिक घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी को इंतजार है कि सचिन पायलट खुले तौर पर क्या फैसला लेते हैं. उसके बाद भारतीय जनता पार्टी अपना मंतव्य साफ करेंगी. पायलट कैंप के 19 विधायकों को नोटिस दिए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई रणनीति बनाई है. 

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हाउस के बाहर व्हीप लागू नहीं होती:
सचिन पायलट ने खुले तौर पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर इंकार कर दिया है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने सचिन पायलट कैंप के 19 विधायकों को नोटिस दिए जाने के मामले पर कांग्रेस को फिर से आड़े हाथ लिया है. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर का कहना है कि विधानसभा के अंदर ही व्हीप लागू होती है. हाउस के बाहर व्हीप लागू नहीं होती. सीपी जोशी समझदार है, उन्हें पता होना चाहिए कि संसदीय परंपराओं का उन लोगों ने अपमान किया है. फर्स्ट इंडिया न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान ओम प्रकाश माथुर ने कहा कि कोई भी विधायक दल की बैठक करें. उसमें कोई आए या ना आए. उस आधार पर नोटिस देना नियम प्रक्रियाओं में नहीं आता है. व्हीप का फैसला तब होता जब हाउस चल रहा हो. माथुर ने दलील दी कि बहुत से लोग उस बैठक में नहीं गए, उन्हें नोटिस नहीं दिया लेकिन 19 विधायकों को ही नोटिस दिया गया.

कांग्रेस को डर है कि कहीं फ्लोर टेस्ट में फेल ना हो जाए:
सचिन को मनाने की कोशिश की जा रही थी. जब सचिन इतना खुलकर बाहर आ चुके तो इतना मनाने की जरूरत क्या है? कांग्रेस को डर है कि कहीं फ्लोर टेस्ट में फेल ना हो जाए. सचिन ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मिलने की कोशिश की थी. नहीं मिल पाए तब जाकर यह नौबत आई. जिन विधायकों को नोटिस दिया गया है, उन्हें कानूनी सलाह लेनी चाहिए. माथुर ने सचिन के बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर घुमा फिरा कर जवाब देते हुए कहा कि परेशानी है तो वह यहां आ सकते हैं. उनके घर का कलह है एक बड़ा वर्ग आना चाहता है. निर्णय सचिन को करना है. पहले वह निर्णय करें. कांग्रेस अपने घर को नहीं संभाल पाई. अब उन्हें मनाने का प्रयत्न कर रही है. 

यह सरकार ज्यादा नहीं चलने वाली:
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने नोटिस के मामले पर कहा कि प्रतिपक्ष के नाते हमारी भूमिका क्या हो, इस विषय पर हम लोग चर्चा कर रहे हैं. आज नहीं तो कल रूबरू होना है. लेकिन यह सरकार ज्यादा नहीं चलने वाली. कांग्रेस की पहली नैतिक हार है और तोहमत हम पर लगाई जा रही है. वर्तमान मौजूदा सरकार अल्पमत में है. बहुमत खो चुकी है. 107 में से 20 या 22 लोग सचिन के पास है. निर्दलीय बीटीपी और अन्य 13 में से तीन वापस चले गए. सौ का आंकड़ा भी इन लोगों के पास नहीं है. बीटीपी के विधायको के पीछे पुलिस पड़ी हुई है. नोटिस बेहद हास्यास्पद है. हमारा नोटिस से संबंध नहीं लेकिन लड़ाई लंबी चलेगी. एसओजी का भी काफी दिखाकर विधानसभा नोटिस देकर डरा रहे हैं. इन्हें डिश क्वालीफाई करने की प्लानिंग है. आगे कानूनी व संविधानिक रास्ते खुले हुए हैं. नियमानुसार नोटिस नहीं दिए गए. इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों की राय ली गई है. नियमों का अध्ययन करवाया गया है. फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर पूनिया ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई मांग नहीं है. 

विधान सभा सचिवालय का नोटिस भेजने का कोई क्षेत्राधिकार बनता ही नहीं: 
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की दलील है कि विधान सभा सचिवालय का नोटिस भेजने का कोई क्षेत्राधिकार बनता ही नहीं है. पार्टी में बैठक में कौन आया कौन नहीं आया विधान सभा सचिवालय का यह क्षेत्र अधिकार नहीं है. व्हीप की श्रेणी में यह पूरा मामला आएगा ही नहीं. उन्होंने कहा कि जिस किसी राज्य में ऐसे नोटिस का प्रयोग किया गया वह कोर्ट में जाकर स्ट्रक डाउन हुआ. विधानसभा का तब अधिकार बनेगा जब विधानसभा चल रही हो. 

बीजेपी देख रही है सारे दृश्य को:
सचिन पायलट के बीजेपी ज्वाइन करने के सवाल पर कटारिया ने कहा कि हमने नहीं कहा था कि आप बीजेपी ज्वाइन करो. इनका आपस में जो चल रहा है उसमें वर्टिकल डिवीजन हो चुका है. हम बात कर रहे हैं कि आज की सरकार को बहुमत है या नहीं बीजेपी का काम इतना ही है कि बीजेपी देख रही है सारे दृश्य को. इस दौरान कटारिया ने कहा कि जैसे ही सचिन पायलट की कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी कोई रिएक्शन आएगा तब हम मिलकर बैठकर बात करेंगे और वसुंधरा राजे भी बैठक में शामिल होंगी. फिलहाल नेता प्रतिपक्ष की तरफ से विधायक दल के सभी विधायकों को अलर्ट रहने के लिए सूचना भी भेज दी गई है जरूरत पड़ेगी तो उन्हें बुलाया जाएगा. 

राजस्थान विधानसभा की गरिमा को ठेस लगी:  
वहीं दूसरी तरफ उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि विधान सभा के सचिवालय ने जो भी नोटिस जारी किए हैं. वह संवैधानिक रूप से ना केवल अवैधानिक है बल्कि कानूनी प्रक्रिया को भी धता बताया गया है और यह नोटिस जारी कर दिए हैं. संसदीय प्रक्रियाओं में इस प्रकार के नोटिस उस कृत्य के लिए जारी करना जो सदन के अंदर हुआ ही नहीं यह इतिहास में पहली बार हुआ है. राजस्थान विधानसभा की गरिमा को ठेस लगी है ऐसे लगता है कि विधानसभा का सचिवालय सरकार की कठपुतली बन गया है. जबकि विधानसभा का सचिवालय हमेशा निर्विवाद और निष्पक्ष रहता आया है. यह घटना संसदीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाती है. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि अशोक गहलोत के तमाम बयान गुंडों से भरे हैं और अपनी पार्टी का गठन देखकर बहादुरी दिखाई जा रही है. 

जनता सरकार की विदाई के दिन गिन रही: 
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सचिन पायलट को अभी उप मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ के पद से हटाया गया है. लेकिन अभी तो उन्हें कांग्रेस से बाहर करने तक लड़ाई लड़ी जा रही है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ताजा बयान उसका स्पष्ट संकेत है. केंद्रीय मंत्री ने गहलोत सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जनता सरकार की विदाई के दिन गिन रही है वो दिन कितने होंगे, ये तो आना वाला समय ही बताएगा. सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के सवाल पर शेखावत ने कहा कि समय आने दीजिए, वो भी हो जाएगा. इसमें किसी को कोई अंदेशा नहीं होना चाहिए. लेकिन, प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या के प्रयास हो रहे हैं. एक-एक आवाज को न मानने और विरोध की कीमत चुकानी पड़ रही है. वो हम सब देख रहे हैं. सचिन ने भी कहा है कि मेरा विरोध किसी व्यक्ति से नहीं है, मेरा आग्रह सिर्फ इतना है कि जनता से जो हमने वादे किए थे, वो पूरे होने चाहिए. अब उन वादों को याद दिलाने की सजा अगर ऐसी होती है तो विश्वास जनता का भी टूटा है, उनके अंदर के साथियों का भी टूटेगा. कुछ लोग शायद अंदर उस बाड़े में डरे हुए हो सकते हैं, क्योंकि ये विकास की नहीं, बाड़ेबंदी की सरकार है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डंडे के जोर से विधायकों को बांधकर रखा गया है. मुझे आश्चर्य हो रहा है कि इस 21वीं शताब्दी में विधायकों को जबर्दस्ती अगवा करके पुलिस के माध्यम से कैंप में डाला जा रहा है. इससे शर्मनाक शायद कुछ हो नहीं सकता है.

सबूतों को क्यों छिपाकर रखा गया:
मुख्यमंत्री के ताजा बयान पर कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या ये जानकारी का सूर्य आज ही उदय हुआ या ये सबूत जिनकी चर्चा की जा रही है, ये आज ही बाहर आए हैं. इतने दिन तक उन सबूतों को क्यों छिपाकर रखा गया. कौन-कौन और लोग इसमें लिप्त हैं. किन-किन लोगों के माध्यम से ये किया गया. इस सब की जानकारी आपको पहले से थी तो आपने पहले खुलासा क्यों नहीं किया. ये किसके साथ शेयर किया था, आपको अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए. 

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19 विधायक उच्चतम न्यायालय की शरण में जा सकते हैं:
कुल मिलाकर एक बात लगभग तय मानी जा रही है कि आगामी दिनों में यह 19 विधायक उच्चतम न्यायालय की शरण में जा सकते हैं ऐसे में भारतीय जनता पार्टी भले ही खुलेआम स्वीकार नहीं करें लेकिन विधायकों को मोरल सपोर्ट अवश्य देगी. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

ट्विटर्स पर हैकर्स का सबसे बड़ा हमला, ओबामा, बिल गेट्स, जेफ बेजोस समेत कई बड़ी हस्तियों अकाउंट हुआ हैक

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नई दिल्ली: ट्विटर के लिए बुधवार की रात पूरी तरह से भयावह रही जब नामी गिरामी लोगों ने इसमे सेंध लगने की शिकायत की. बराक ओबामा, एमेजन सीईओ जेफ बेजोस, वारेन बफेट, बिल गेट्स और एलन मस्क समेत दुनिया के कई दिग्गजों के ट्विटर अकाउंट को हैक कर लिया गया, जिसके बाद कई घंटों तक ट्विटर ने ब्लू टिक वाले सभी अकाउंट को बंद कर दिया. ट्विटर के इतिहास में ये अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा में सेंध मानी जा रही है.

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ट्वीट कर बिटक्वाइन के रूप में पैसा मांगा जा रहा था:
अकाउंट हैक करने के बाद सभी अकाउंट्स से ट्वीट कर बिटक्वाइन के रूप में पैसा मांगा जा रहा था, हालांकि अभी फौरी तौर पर इस मुश्किल को दूर कर लिया गया है. हालांकि ट्विटर ने कहा है कि यह उसके लिए एक कठिन दिन है और वह इस समस्या को जल्द ही सुधारने के लिए काम कर रही है.

आप मुझे एक हज़ार डॉलर भेजिए मैं आपको दो हज़ार डॉलर वापस भेजूंगा:
बिल गेट्स के अकाउंट से किए गए ट्वीट में कहा गया कि हर कोई मुझसे समाज को वापस लौटाने के लिए कहता रहा है, अब वो समय आ गया है. आप मुझे एक हज़ार डॉलर भेजिए मैं आपको दो हज़ार डॉलर वापस भेजूंगा. कई अन्य लोगों ने भी इसी से मिलती जुलती शिकायत की.

कुछ ही मिनट बाद डिलीट हो गए:
इन मशहूर हस्तियों के अकाउंट से पोस्ट किए गए यह ट्वीट कुछ ही मिनट बाद डिलीट हो गए. परंतु इसके बाद तो जैसे एक लहर सी चल पड़ी और कई अन्य प्रमुख लोगों के अकाउंट धड़ाधड़ हैक होने लगे. 

रणदीप सुरजेवाला बोले, भाजपा का षड्यंत्र औंधे मुंह गिर गया, साजिश हो गई फेल 

बिटक्वाइन क्या है?
आपको बता दें कि रुपये और डॉलर बिटक्वाइन एक डिजिटल करेंसी है, जिसे डिजिटिल बैंक में ही रखा जा सकता है. अभी इसे कुछ ही देशों में लागू किया गया है और हर जगह एक बिटक्वाइन की कीमत काफी अधिक है. इन्वेस्टमेंट के हिसाब से लोगों को ये काफी लुभावना लगता है.
 

VIDEO: हमारे यहां सरकार के खिलाफ डिप्टी सीएम खुद डील कर रहे थे- मुख्यमंत्री गहलोत

जयपुर: राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में लोकतंत्र खत्म करने वाली सरकार बैठी है. राजनीति में खरीद-फरोक्त ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार गिराने के षडयंत्र में डिप्टी सीएम भी शामिल थे, हमारे यहां डिप्टी सीएम ही डील कर रहा था. जो हमारे साथ नहीं है वो पैसे ले चुके हैं. षड्यंत्र में शामिल होने वाले लोग खुद सफाई दे रहे हैं. 

क्या सचिन पायलट से अब भी सुलह की कोशिश? विधायक चेतन डूडी के बयान ने दिए संकेत 

केन्द्र सरकार से मीडिया फाइनेंस हो रहा:  
इसके साथ ही सीएम गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार से मीडिया फाइनेंस हो रहा है. ऐसे में मीडिया ईमानदारी का साथ दे, लोकतंत्र को अखंड रखना है. अब जो लोग देश में शासन कर रहे वे लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं. कांग्रेस ने 76 साल तक लोकतंत्र को बचाए रखा. राजनीति में खरीद-फरोख्त ठीक नहीं है. सरकार गिराने का प्रयास करने वालों के पास धन और बल की कमी नहीं है. 

विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने 19 विधायकों को जारी किए नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब 

हमारे कुछ साथी बीजेपी के जाल में फंस गए: 
मीडिया से वार्ता करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश में एक मजबूत सरकार बनी थी. हमारे कुछ साथी बीजेपी के जाल में फंस गए. राजनीति में विचारधारा की लड़ाई होती है. लेकिन अब हॉर्स ट्रेडिंग कर सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही है. राष्ट्रीय मीडिया सच्चाई का साथ दे, लोकतंत्र के लिए आवाज उठाए. आज मीडिया उल्टा काम कर रहा है. हमारे पास हॉर्स ट्रेडिंग करने का प्रूफ है. 


 

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