क्या इस बार चुनावों में उड़नखटोले में नहीं उड़ेंगे नेताजी !

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/17 10:16

जयपुर (काशीराम चौधरी)। प्रदेश में चुनाव की चाैसर बिछ चुकी है। अगले महीने नामांकन और फिर 7 दिसंबर को मतदान होगा। लेकिन अभी जयपुर एयरपोर्ट पर माहौल देखकर नहीं लगता कि प्रदेश में चुनावी रंग चढ़ चुका है। न तो जयपुर एयरपोर्ट पर चार्टर्ड विमानों का मूवमेंट बढ़ा है और न ही चुनावी सभाओं के लिए हैलीकॉप्टर लिए जा रहे हैं। क्याें हो रहा है ऐसा, और क्या आने वाले दिनों में बदलेंगे हालात, एक खास रिपोर्ट। 

राजस्थान विधानसभा चुनावों में इन दिनों टिकटार्थियों की भागदौड़ और आलाकमान के दौरे जारी हैं। लेकिन जयपुर एयरपोर्ट पर फिलहाल ऐसा माहौल नहीं दिख रहा, जिससे कहा जाए कि राजस्थान में चुनावी रंग चढ़ चुका है। दरअसल राज्य में चुनावी रैलियों के लिए चार्टर्ड विमानों का इस्तेमाल करना आम बात रहा है। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कई बड़े नेताओं ने चार्टर्ड विमानों और हैलीकॉप्टर्स का उपयोग किया था। खासतौर पर राजपा के प्रमुख रहे और वर्तमान में भाजपा का दामन थाम चुके किरोड़ीलाल मीणा ने स्थाई रूप से हैलीकॉप्टर किराए पर लेकर रैलियां की थी। नेताओं की बढ़ती मांग को देखते हुए दो विमानन कंपनियों ने स्थाई रूप से 2 हैलीकॉप्टर जयपुर एयरपोर्ट रखे थे। 2 हैलीकॉप्टर्स के अलावा कई चार्टर्ड विमानन कंपनियों ने भी विमान किराए पर दिए थे। दरअसल बड़े हवाई अड्डों, जिनमें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर, कोटा, बीकानेर और किशनगढ़ शामिल हैं, वहां पर चार्टर्ड विमान उतारे जा सकते हैं। जबकि चुनावी स्थलों पर हैलीकॉप्टर को आसानी से उतारा जा सकता है। लेकिन इस बार चार्टर्ड विमानों या हैलीकॉप्टर्स के इस्तेमाल को लेकर माहौल पूरी तरह से बदला हुआ है।

जयपुर एयरपोर्ट पर अभी नहीं चढ़ा चुनावी रंग !

- पिछले चुनाव में 2 कंपनियों ने लगाए थे हैलीकॉप्टर
- लेकिन इस बार दोनों ही कंपनियों की अभी कोई तैयारी नहीं
- केलव बड़े नेता आवागमन के लिए उपयोग में ले रहे चार्टर्ड विमान
- 2 कंपनियों के चार्टर्ड विमान लिए जा रहे उपयोग में
- अमित शाह और सचिन पायलट ने एक ही कंपनी के विमान उपयोग में लिए
- क्लब वन एयर कंपनी का चार्टर्ड विमान ले रहे दोनों दिग्गज
- सीएम राजे उपयोग में लेती रही हैं एक निजी कंपनी का हैलीकॉप्टर
- राहुल गांधी, प्रकाश जावड़ेकर ने भी उपयोग किए चार्टर्ड विमान

जयपुर एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी इंडोथाई के मैनेजर जिमी जोस कहते हैं कि पिछले चुनाव में हमारी कंपनी ने स्थाई रूप से एक हैलीकॉप्टर को जयपुर एयरपोर्ट पर लगाया था। पिछले चुनावों में हैलीकॉप्टर का अच्छा इस्तेमाल हुआ, लेकिन इस बार अभी तक हमें किसी भी राजनीतिक दल या फिर इंडिविजुअल नेता की तरफ से डिमांड नहीं मिली है। इस कारण स्थाई रूप से एक भी हैलीकॉप्टर यहां पर नहीं लगाया गया है। चुनावी जानकारों की मानें तो पिछले चुनावों में चूंकि किरोड़ीलाल मीणा राजपा को लेकर काफी सक्रिय थे, उन्होंने हैलीकॉप्टर से बड़ी संख्या में दौरे किए थे। इस कारण भाजपा और कांग्रेस नेताओं को भी हवाई दौरे बढ़ाने पड़े थे। लेकिन इस बार केवल दो पार्टियों की टक्कर होने से हवाई दौरे सीमित हो गए हैं।

जयपुर में बेस बने तो कम होगी लागत

- अभी जयपुर एयरपोर्ट पर एक भी विमानन कंपनी का बेस नहीं
- राज्य सरकार के साथ सुप्रीम एयरलाइंस का है करार
- लेकिन 1 विमान क्षतिग्रस्त होने से कंपनी के पास विमान उपलब्ध नहीं
- अभी दिल्ली से मंगाए जा रहे एयर चार्टर्ड और क्लब वन एयर कंपनियों के विमान
- प्रति घंटे डेढ से 2 लाख रुपए चार्ज करती हैं कंपनियां
- दिल्ली से मंगवाने पर 3 से 4 लाख रुपए अतिरिक्त बढ़ जाते हैं
- जयपुर में बेस बनेगा तो 3 से 4 लाख रुपए की होगी बचत
- हैलीकाॅप्टर का चार्ज चार्टर्ड विमान की तुलना में रहता है थोड़ा कम
- हैलीकॉप्टर 5 सीटर, जबकि चार्टर्ड विमान आ रहे 10 सीटर तक

हैलीकॉप्टर दौरे कम होने के पीछे चुनावी खर्च को लेकर निर्वाचन विभाग की तीखी नजर को भी जिम्मेदार माना जा सकता है। निर्वाचन विभाग की सख्ती से प्रत्येक दौरे का खर्च उम्मीद्वार के चुनाव खर्च में जोड़ा जाता है। ऐसे में चुनावी खर्च ज्यादा दिखने पर नामांकन रद्द होने की आशंका भी बन जाती है। कुलमिलाकर इस बार चुनावों में उड़नखटोलों का इस्तेमाल पिछले चुनावों की तुलना में कम ही रहने की संभावना है।

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