जैसलमेर से लंबी दूरी की बसें नहीं, पर्यटन स्थल होने का रोडवेज व रोड़वेज का सैलानियों को कोई फायदा नहीं

Suryaveer Singh Tanwar Published Date 2019/11/14 12:11

जैसलमेर: विश्व पर्यटन के मानचित्र पर एक ऐसी जगह है जहां हर साल लाखों देशी विदेश सैलानी भ्रमण पर आते है. एक बार जैसलमेर आने वाला पर्यटक यहां हर बाने आने की चाहत भी रखता है. लेकिन इस पर्यटन सीजन का रोडवेज को बिलकुल भी फायदा नहीं मिल रहा है. इसके साथ ही साथ लंबी दूरी की बसे नहीं होने से सैलानी भी रोड़वेज का फायदा नहीं उठा पा रहे है. इसके कई कारण भी है लेकिन सबसे बड़ा कारण यह है कि जैसलमेर से राजस्थान के अलावा दूसरे प्रदेश के लिए सिर्फ एक मात्र बस ही है. वह भी सिर्फ अहमदाबाद के लिए. 

रोडवेज को सैलानियों से कोई खास आय नहीं हो रही: 
जैसलमेर में हर साल लाखों सैलानी यहां भ्रमण के लिए आते है लेकिन उसके बावजूद रोडवेज को सैलानियों से कोई खास आय नहीं हो रही है. रोडवेज डिपों को घाटे में उबारने के लिए जैसलमेर को पर्यटन स्थलों से जोड़ते हुए रोडवेज बस सेवा शुरु की जानी चाहिए जिससे आमजन को भी राहत के साथ रोडवेज की आय में भी बढ़ोतरी हो सके. जैसलमेर से पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली फिलहाल एक ही बस है. जो माउंट आबू व जैसलमेर के बीच चलती है. इसके अलावा जैसलमेर को अन्य राज्यों से भी जोड़ने वाली एकमात्र बस अहमदाबाद के लिए ही चलती है. जिसका भी समय सुबह 8.30 बजे है जो रात 8.30 बजे अहमदाबाद पहुंचती है. इसके साथ ही पुष्कर, चितौड़गढ़ व रणथंभौर के लिए कोई भी रोड़वेज बस नहीं है. जिससे पर्यटकों को परेशानी व रोड़वेज को आर्थिक नुकसान हो रहा है. फिलहाल जैसलमेर से जोधपुर, जयपुर, अहमदाबाद, बाड़मेर, अजमेर, आबू रोड, माउंट आबू सहित कुछ जगहों के लिए 29 रूट का संचालन किया जा रहा है. इन जगहों से जैसलमेर के लिए दोनो तरफ से बसों का संचालन किया जाता है. जिसमें ज्यादातर रूट जैसलमेर के आस पास के गांवों के लिए ही चलाए जा रहे है. डिपो द्वारा जैसलमेर से बीकानेर तक चलाई जाने वाली बस को भी फलोदी तक ही सीमित कर दिया है. करीब एक सप्ताह पहले प्रदेश मुख्यालय से आए आदेश के बाद कम लोड फैक्टर के तहत यह फैसला लिया गया है. जिससे अब बीकानेर जाने वाली बस फलोदी तक ही जाएगी. 

रोडवेज को हो रहा है नुकसान: 
- जैसलमेर में अवैध वाहनों पर अंकुश नहीं लगने के कारण रोडवेज को नुकसान हो रहा है.
- राजस्थान लोक परिवहन सेवा आने के बाद रोडवेज का घाटा बढ़ गया.
- राजस्थान लोक परिवहन सेवा की बसों का समय रोडवेज बसों के आस पास होने के कारण लोड फेक्टर का ग्राफ लगातार गिर रहा है.
- रोडवेज की बसों में आमजन को मिलने वाली योजनाओं की पूरी तरह से जानकारी नहीं होने से भी लोग रोडवेज की तरफ आकर्षित नहीं हो पा रहे है. 
- जैसलमेर विस्तृत भू भाग पर फैला जिला है लेकिन इसमें जनसंख्या बहुत ही कम है. जिस पर रोडवेज द्वारा अन्य जिलों की तुलना कर यहां लक्ष्य निर्धारित किया जाता है.  जो जैसलमेर में पूरा कर पाना संभव ही नहीं है.
- रोडवेज के अधिकारियों द्वारा पर्यटन स्थलों को जोड़ने या दूसरे राज्यों के लिए बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है. 

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