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जैसलमेर से लंबी दूरी की बसें नहीं, पर्यटन स्थल होने का रोडवेज व रोड़वेज का सैलानियों को कोई फायदा नहीं

जैसलमेर से लंबी दूरी की बसें नहीं, पर्यटन स्थल होने का रोडवेज व रोड़वेज का सैलानियों को कोई फायदा नहीं

जैसलमेर: विश्व पर्यटन के मानचित्र पर एक ऐसी जगह है जहां हर साल लाखों देशी विदेश सैलानी भ्रमण पर आते है. एक बार जैसलमेर आने वाला पर्यटक यहां हर बाने आने की चाहत भी रखता है. लेकिन इस पर्यटन सीजन का रोडवेज को बिलकुल भी फायदा नहीं मिल रहा है. इसके साथ ही साथ लंबी दूरी की बसे नहीं होने से सैलानी भी रोड़वेज का फायदा नहीं उठा पा रहे है. इसके कई कारण भी है लेकिन सबसे बड़ा कारण यह है कि जैसलमेर से राजस्थान के अलावा दूसरे प्रदेश के लिए सिर्फ एक मात्र बस ही है. वह भी सिर्फ अहमदाबाद के लिए. 

रोडवेज को सैलानियों से कोई खास आय नहीं हो रही: 
जैसलमेर में हर साल लाखों सैलानी यहां भ्रमण के लिए आते है लेकिन उसके बावजूद रोडवेज को सैलानियों से कोई खास आय नहीं हो रही है. रोडवेज डिपों को घाटे में उबारने के लिए जैसलमेर को पर्यटन स्थलों से जोड़ते हुए रोडवेज बस सेवा शुरु की जानी चाहिए जिससे आमजन को भी राहत के साथ रोडवेज की आय में भी बढ़ोतरी हो सके. जैसलमेर से पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली फिलहाल एक ही बस है. जो माउंट आबू व जैसलमेर के बीच चलती है. इसके अलावा जैसलमेर को अन्य राज्यों से भी जोड़ने वाली एकमात्र बस अहमदाबाद के लिए ही चलती है. जिसका भी समय सुबह 8.30 बजे है जो रात 8.30 बजे अहमदाबाद पहुंचती है. इसके साथ ही पुष्कर, चितौड़गढ़ व रणथंभौर के लिए कोई भी रोड़वेज बस नहीं है. जिससे पर्यटकों को परेशानी व रोड़वेज को आर्थिक नुकसान हो रहा है. फिलहाल जैसलमेर से जोधपुर, जयपुर, अहमदाबाद, बाड़मेर, अजमेर, आबू रोड, माउंट आबू सहित कुछ जगहों के लिए 29 रूट का संचालन किया जा रहा है. इन जगहों से जैसलमेर के लिए दोनो तरफ से बसों का संचालन किया जाता है. जिसमें ज्यादातर रूट जैसलमेर के आस पास के गांवों के लिए ही चलाए जा रहे है. डिपो द्वारा जैसलमेर से बीकानेर तक चलाई जाने वाली बस को भी फलोदी तक ही सीमित कर दिया है. करीब एक सप्ताह पहले प्रदेश मुख्यालय से आए आदेश के बाद कम लोड फैक्टर के तहत यह फैसला लिया गया है. जिससे अब बीकानेर जाने वाली बस फलोदी तक ही जाएगी. 

रोडवेज को हो रहा है नुकसान: 
- जैसलमेर में अवैध वाहनों पर अंकुश नहीं लगने के कारण रोडवेज को नुकसान हो रहा है.
- राजस्थान लोक परिवहन सेवा आने के बाद रोडवेज का घाटा बढ़ गया.
- राजस्थान लोक परिवहन सेवा की बसों का समय रोडवेज बसों के आस पास होने के कारण लोड फेक्टर का ग्राफ लगातार गिर रहा है.
- रोडवेज की बसों में आमजन को मिलने वाली योजनाओं की पूरी तरह से जानकारी नहीं होने से भी लोग रोडवेज की तरफ आकर्षित नहीं हो पा रहे है. 
- जैसलमेर विस्तृत भू भाग पर फैला जिला है लेकिन इसमें जनसंख्या बहुत ही कम है. जिस पर रोडवेज द्वारा अन्य जिलों की तुलना कर यहां लक्ष्य निर्धारित किया जाता है.  जो जैसलमेर में पूरा कर पाना संभव ही नहीं है.
- रोडवेज के अधिकारियों द्वारा पर्यटन स्थलों को जोड़ने या दूसरे राज्यों के लिए बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है. 

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जैसलमेर: राज्य पक्षी गोडावण पर बिजली की तारों का खतरा लगातार मंडरा रहा है. देगराय ओरण में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक मादा गोडावण की मौत हो गई. विभाग को घटना की जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और गोडावण के शव को अपने कब्जे में ले लिया. मौके पर कई वनयजीव प्रेमी पहुंचे इस घटना पर रोष जताया. 

गोडावण संरक्षण के प्रयासों को बड़ा झटका: 
गौरतलब है कि लगातार कम हो रही गोडावण की संख्या के बीच इस तरह की घटनाएं गोडावण संरक्षण के प्रयासों को बड़ा झटका है. जिस जगह यह घटना हुई है वह डीएनपी क्षेत्र नहीं है. इस जगह से करीब 10 किमी दूर रासला में क्लोजर बना हुआ है जहां कई बार गोडावण देखे जा चुके हैं. इस बीच अब खतरा और भी मंडराने लगा है. आसपास के इलाके में हाईटेंशन तारों का जंजाल है और वर्तमान में चारों तरफ हरियाली होने से गोडावण के यहां आने की संभावना बनी रहती है. तारों की चपेट में आने से गोडावण जैसे लुप्त प्राय पक्षी की मौत ने गोडावण संरक्षण के प्रयासों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. पिछले कई चार दशकों से गोडावण संरक्षण को लेकर कई योजनाएं चल रही है और इस बीच गोडावणों की अकाल मौत विशेषज्ञों को चिंतित कर देने वाली साबित हो रही है. 2017 से लेकर अब तक 6 गोडावण तारों की चपेट में आ चुके हैं. जहां एक तरफ लगातार गोडावण की संख्या कम हो रही है वहीं इस बीच इस तरह से गोडावण के काल का ग्रास बनना और भी परेशान कर देने वाला है. 

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जिम्मेदारों की लापरवाही से घटनाएं बढ़ती जा रही:
जानकारी के अनुसार तारों की चपेट में आने से गोडावण के मौत के मामले बढ़ने के बाद से यह चर्चा चल रही है कि या तो हाईटेंशन तारों को अंडरग्राउंड किया जाए या फिर बर्ड डायवर्टर लगाए जाए. लेकिन तीन चार सालों में जिम्मेदार किसी एक पर सहमत नहीं हो पाए हैं.  इस तरह की घटनाएं लगातार होती जा रही है. आखिरकार हाल ही में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि अंडरग्राउंड केबलिंग करना आसान नहीं होगा और साथ ही यह प्रोजेक्ट काफी महंगा साबित होगा. इतनी घटनाएं होने के बावजूद बर्ड डायवर्टर नहीं लगाए गए हैं और एक और गोडावण की मौत हो गई. जिम्मेदारों की लापरवाही से घटनाएं बढ़ती जा रही है. जानकारों के अनुसार समय रहते सभी हाईटेंशन लाइनों पर बर्ड डायवर्टर लगा दिए जाते तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था. 

जैसलमेर: कोरोना के योद्धा टैक्सी ड्राइवर, रोजाना पहुंचा रहा बाड़मेर कोविड सैम्पल

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जैसलमेर: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को चपेट में ले रखा है. दुनिया भर में इस वायरस से संक्रमित होने वालों और जान गंवाने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है. भारत समेत तमाम देशों में लोग लॉकडाउन के दौरान घरों में सुरक्षित हैं. वहीं कोरोना के फ्रंट लाइन वारियर्स हर दिन अपनी जान हथेली पर रख इस वायरस से लड़ रहे हैं. कुछ ने तो अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए इस युद्ध में जान तक न्योछावर कर दी है. कुछ ऐसे लोग है जिनको इस कोरोना काल में सेवा करने का जज्बा है. उन्ही में से एक जैसलमेर एक टैक्सी ड्राइवर रोहिताश जिन्होंने अब कोरोना के 40 हजार से अधिक सैम्पल बाड़मेर पहुंचाए है ताकि कोरोना ली जांच समय पर हो सके.

सैम्पल एकत्रित करके जांच केंद्र तक पहुंचना बड़ी जिम्मेदारी:  
आपको बता दें कि जैसलमेर में कोरोना की जांच नहीं नहीं होती है. जिस कारण जैसलमेर के चिकित्सा केन्द्रों में कोरोना की जांच की जाती है. जिस तरीके से चिकित्सा विभाग की टीम दिन रात कोरोना के बिना संक्रमण के भय के कोरोना सैम्पल ले रहे हैं उसमे से एक सैम्पल को एकत्रित करके जांच केंद्र तक पहुंचना बड़ी जिम्मेदारी होती है.  जैसलमेर के रोहिताश जैसलमेर के मेडिकल टीम के साथ इस कोरोना काल में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं. 

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करीब छ महीने से रोहिताश सैम्पल क्लेक्ट कर रहे:
जहां कोरोना से लोग भयभीत है वहीं रोहितास को जब पूछा गया की कोरोना के सैम्पल ले जाने है तो उन्होंने एक सैकंड में हां भर दी वहीं करीब छ महीने से जैसलमेर के तमाम केन्द्रों से रोहिताश सैम्पल क्लेक्ट करते है बिना भय के साथ रोज बाड़मेर के लिए कोरोना के सैम्पल ले जाते है. लेकिन बिना भय के साथ वो दिन रात सेवा करने में जुटे हैं.

परीक्षण के दौरान तोप का बैरल फटने से तीन लोग घायल, पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ हादसा

परीक्षण के दौरान तोप का बैरल फटने से तीन लोग घायल, पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ हादसा

जैसलमेर: जिले के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में मेक इन इंडिया के तहत डी.आर.डी.ओ व सेना के विशेषज्ञों व वैज्ञानिकों की देखरेख में इन दिनों 2 अलग-अलग निजी भारतीय कंपनियों द्वारा देश में बनाई गई 155 एम.एम की 52 केलीबर की होवितीजर टाऊड गन के चल रहे अन्तिम यूजर ट्रायल के दौरान इनमे से एक कंपनी की गन में फायरिंग के दौरान बैरल फटने से वहां कार्यकरत चार सिविलयन नागरिक घायल हो गए जिन्हें वायुसेना के आर्मी हॉस्पिटल ले जाया गया. डी.आर.डी.ओ ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रही हैं. 

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक वर्तमान मे चीन व पाकिस्तान से मिल रही चुनौतियों के मुद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेक इन इंडिया पॉलिसी के तहत स्वदेशी हथियार व स्वदेशी गोला बारुद हथियरों के तेजी लाये जाने के संदर्भ में जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में पिछले 3-4 दिनो से डी.आर.डी.ओ व सेना की मौजूदगी में 2 भारतीय कंपनियों द्वारा देश में निर्माण की गई 155 एम.एम की 52 केलीबर होवतीजर टाउड गन के अन्तिम यूजर ट्रायर पिछले 3-4 दिनो से जैसलमेर की पोकरण फायरिंग रेंज में चल रहे हैं, इन दोनों गनों को विभिन्न पेरामीटर पर जांचा परखा जा रहा हैं तथा टार्गेट पर इन गनों द्वारा अचूक निशाने साधे जा रहे हैं.

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सूत्रों ने बताया कि ट्रायल के दौरान एक निजी कंपनी की गन से फायरिंग के दौरान अचानक बैरल में विस्फोट के बाद उसमें ब्लास्ट हो गया तथा उसके कुछ टुकड़े वहां पास खड़े कुछ सिविलियन व्यक्तियों जो इस ट्रायल से जुड़े हुवें थे इनमें से 4 व्यक्तियों को हल्की चोटे आने की जानकारी मिली हैं, उन्हें वायुसेना के अस्पताल लाकर उपचार करवाया गया हैं. मामले की जांच की जा रही हैं. इसके ट्रायल सफल रहने के बाद सेना की आवश्यकताओं को यह गन कई मायने में पूरा करेगी. 

जैसलमेर में भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत, 6 लोग घायल 

जैसलमेर में भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत, 6 लोग घायल 

जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले के सांगड थाना क्षेत्र के देवीकोट गांव के केर फकीरी ढाणी के पास भीषण सड़क हादसे में 3 लोगो की दर्दनाक मौत हो गई, कुल छह लोग घायल हो गए. जानकारी के अनुसार गुजरात से जैसलमेर आ रहे सैलानियों की गाडी टैक्टर की ट्रॉली से जा भिड़ी जिससे भीषण सड़क हादसे में मोके पर तीन लोगों की मौत हो गई.

घायलों को किया जैसलमेर रैफर:
बताया जा रहा है गुजराती रामदेवरा दर्शन करने आए हुए थे जैसलमेर आ रहे थे. अलसुबह का समय होने के चलते गाडी टैक्टर की ट्रॉली में जा भिड़ी जिसमें गाडी में सवार 2 लोगो की मौत हो गई वही एक ट्रैक्टर में किसान मजदुर की मौत हो गई. घायलों में 4 गुजराती सैलानी व 2 बाड़मेर के किसान है जो अपने खेती के कार्य के लिए मुरब्बे जा रहे थे. जिनका देवीकोट अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जैसलमेर के राजकीय अस्पताल में रैफर किया गया.

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कोतवाली पुलिस पहुंची मौके पर:
जहां उनका उपचार जारी है. पुलिस के जानकारी के अनुसार गुजरात के अमरावाणी से जिगर भाई पटेल, रमेश भाई की मौत हो गई. वही एक बाड़मेर के निवासी की मौत हो गई मृतकों के शव को जैसलमेर के मोर्चरी में रखवाया गया है. उनके परिजनों को बाड़मेर और गुजरात में सूचित कर दिया है. घटना की जानकारी मिलते ही सांगड पुलिस और कोतवाली पुलिस मोके पर पहुंची मामले की जांच में जुट गई है.

मोहनगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई : एक क्विंटल 10 किलो डोडा व 400 ग्राम अवैध अफीम दूध के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

मोहनगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई : एक क्विंटल 10 किलो डोडा व 400 ग्राम अवैध अफीम दूध के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

जैसलमेर: जिले के मोहनगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 110 किलो अवैध डोडा पोस्त व 400 ग्राम अवैध अफीम का दूध जब्त करने के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. एसपी डॉ अजयसिंह के आदेशानुसार एएसपी राकेश बैरवा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मोहनगढ़ थानाधिकारी मय टीम ने कार्रवाई की.

हनुमान से 1 क्विंटल 10 किलो डोडा व मानाराम से 400 ग्राम अफीम का दूध बरामद:  
हनुमान पुत्र बिरधाराम निवासी माडपुरा नागाणा बाड़मेर हाल 1 तुली जवाहर नगर मोहनगढ़ व मानाराम पुत्र राणाराम विश्नोई निवासी सोढ़ादडा बाप जोधपुर को गिरफ्तार किया. हनुमान से 1 क्विंटल 10 किलो डोडा व मानाराम से 400 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया. मोहनगढ़ थानाधिकारी माणकराम विश्नोई टीम ने मुकदमे में वांछित अपराधी की तलाश में सुथारमण्डी के पास तुली नहर के पास एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो पुलिस को देखकर भागने लगी. जिस पर पीछा करने पर हनुमान गाड़ी छोड़कर भागने लगा तो उसे पकड़ लिया.

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मुखबीर से मिली सूचना पर पुलिस ने दी दबिश:
इससे पहले हनुमान ने पुलिस से दूरी होने पर उसे चक 1 एसबीएस में श्रवणराम के मुरबे में डोडा पोस्त एक कट्‌टे में शिफ्ट कर दिए. पुलिस को देखकर अभियुक्त श्रवणराम प्रजापत व नारणाराम स्कार्पियों लेकर तथा सत्ताराम डोडा पोस्त के कट्‌टे को ट्रेक्टर ट्रॉली में रखकर भागने लगे. पुलिस ने सत्ताराम पुत्र राजूराम निवासी डाबलीपुरा चवा के कब्जे से 5 कट्‌टों में 110 किलो अवैध डोडा पोस्ट बरामद किए गए. वहीं थानाधिकारी पुलिस थाना मोहनगढ़ माणकराम विश्नाई को मुखबीर से मिली सूचना पर चक 3 बीडी 6 आरडी में एक खेत में दबिश देकर मानाराम पुत्र राणाराम विश्नोई निवासी सोढादडा बाप जिला जोधपुर के कब्जे से उसकी रहवासी ढाणी से 400 ग्राम अफीम का दूध जब्त किया. 

सेना के वाहन और बोलेरो कैम्‍पर में हुई भीषण भिड़ंत, बाड़मेर के पांच लोगों की दर्दनाक मौत

सेना के वाहन और बोलेरो कैम्‍पर में हुई भीषण भिड़ंत, बाड़मेर के पांच लोगों की दर्दनाक मौत

जैसलमेर: जिले के मोहनगढ़ थानांतर्गत नहरी क्षेत्र सुल्ताना के पास बुधवार को सेना के ट्रक और बोलेरों वाहन के बीच हुई भीषण भिड़ंत के कारण पांच लोगों की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार सेना के एक ट्रक और बोलरों कैम्पर गाड़ी की मोकला-सुल्ताना रोड़ पर इतनी भीषण टक्कर हुई कि बोलेरों पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गयी जिससे बोलेरों में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी और एक गंभीर घायल को जिला मुख्यालय स्थित राजकीय जवाहर चिकित्सालय में उपचार के लिए लाया गया जिसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.  

पनराजसर फांटा के पास हुआ हादसा: 
प्राप्त जानकारी के अनुसार सेना का वाहन जैसलमेर से सुल्ताना की से आगे की ओर सीमावर्ती क्षेत्र के लिए तथा बोलेरों गाड़ी नहरी क्षेत्र से जैसलमेर की तरफ आ रही थी कि सुल्ताना गांव से कुछ दूरी पर बुइली रोड पर पनराजसर फांटा के पास यह भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें बाड़मेर के आदर्श चवा गांव के पांच लोगों की मौत हो गयी है. 

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जेसीबी मशीन की सहायता से फंसे हुए दोनों वाहनों को अलग किया: 
घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे जिन्होंने सेना के जवानों के साथ मिलकर जेसीबी मशीन की सहायता से फंसे हुए दोनों वाहनों को अलग किया. हादसे की सूचना पर मोहनगढ़ थानाधिकारी माणकराम मय जाब्ता मौके पर पहुंचा है और घटना की जानकारी में जुटाई साथ ही घायल युवक को जैसलमेर रैफर किया. हादसे के दौरान मूलाराम पुत्र उदाराम, केशराराम पुत्र नगाराम, खेताराम पुत्र माधुराम और सताराम पुत्र बालाराम की मौके पर ही मौत हो गयी. वहीं एक अन्य 16 वर्षीय युवक लालाराम पुत्र ईशराराम की उपचार के दौरान मौत हो गई. मृतकों के शवों को राजकीय जवाहर चिकित्सालय स्थित मोर्चरी रखवाया गया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किये गए.

फ़िलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चला: 
जानकारी के अनुसार बाड़मेर निवासी मृतक जैसलमेर के नहरी क्षेत्र में मुरब्बों पर कृषि करते थे और किसी काम से जैसलमेर आ रहे थे. वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश बैरवा पुलिस अधिकारियों के साथ घटना स्थल पहुंचे और दुर्घटना की जानकारी ली. फ़िलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चला की भीषण भिड़ंत का क्या कारण रहा. 

6 माह बाद बाबा रामदेव समाधि स्थल के द्वार खुलने पर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु

6 माह बाद बाबा रामदेव समाधि स्थल के द्वार खुलने पर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु

रामदेवरा(जैसलमेर): लोक देवता बाबा रामदेव समाधि के द्वार 6 माह सोमवार सुबह श्रद्धालुओं के लिये खोले गये. मंगला आरती के बाद सुबह श्रद्धालुओं को कोरोना गाइड की व्यवस्था का पालन करवाते हुए समाधि स्थल में प्रवेश करवाया गया. इस दौरान कोरोना गाइड लाइन से सभी व्यवस्था चौक चौबंद रही. वहीं पुलिस प्रशासन भी अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से देता नज़र आया.  

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600 साल में कोरोना सक्रमण के चलते पहली बार 6 महीने तक बन्द रहे लोक देवता बाबा रामदेव की समाधि के द्वार सोमवार को श्रद्धालुओं के लिये खुल गये. समाधि समिति की तरफ से कोरोना की गाइड लाइन को लेकर राज्य सरकार के दारा जो निर्देश जारी किये थे उसी की पालना करते हुए थर्मल स्क्रीनिंग, सेनेटाइजर व्यवस्था, और सामाजिक दूरी के तहत व्यवस्था की गई. वहीं समाधि स्थल के भीतर फूल ओर प्रसाद के ऊपर पूरी तरह से रोक होने से श्रद्धालुओं को समाधि स्थल के भीतर फूल व प्रसाद नहीं ले जाने दिया गया.

दर्शन को आये श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला: 
रामदेवरा थाना अधिकारी दलपतसिंह चौधरी ने सभी व्यवस्था की निगरानी करने के साथ श्रद्धालुओं को समाधि के बाहर भी सामाजिक दूरी का पालन करवाते हुए मास्क लगाकर ही समाधि के दर्शन के लिये जाने दिया गया. वहीं बाबा रामदेव समाधि के दर्शन को आये श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला. 6 महीने बाद समाधि स्थल खुलने पर श्रद्धालुओं ने समाधि समिति की व्यवस्थाओ को काफी सराहा.  

जैसलमेर में पानी की डिग्गी में डूबने पर तीन बच्चों की मौत, एक बच्चे को निकाला सुरक्षित बाहर

जैसलमेर में पानी की डिग्गी में डूबने पर तीन बच्चों की मौत, एक बच्चे को निकाला सुरक्षित बाहर

जैसलमेर: प्रदेश के जैसलमेर जिले के नाचना थाना अन्तर्गत शनिवार शाम को एक दुखद घटना में एक खेत में बनी हुई पानी की डिग्गी में पैर फिसलने के दौरान 4 मासूम बच्चे डूब गए, जिनमें 1 बच्चे को जिन्दा पानी से बाहर निकाल लिया.  जबकि बाकी 3 मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई. तीनों सगे भाई बहन थे, इस घटना के बाद उस क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. पुलिस को घटना की जानकारी मिलने पर बच्चों को चिकित्सालय पहुंचाया, जहां पर चिकित्सकों ने उन्हे से मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने जरुरी कार्रवाई के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया.

एक बच्चे को सुरक्षित निकाला बाहर:
नाचना थानाधिकारी रमेश ढाका ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि नाचना से करीब 10 किलोमीटर दूर 10 डब्लू.डी.चक पर स्थित मदन लाल सोनी के खेत पर पिछले 3 सालों से मगा राम भील निवासी रामपुर थाना समदड़ी बाड़मेर खेती का कार्य करता था, इस खेत में पानी की डिग्गी बनी हुई थी जिसपर मगाराम के चारों बच्चे रमेश उम्र 4 साल, सुगना उम्र 6 साल, श्रवण उम्र 7 साल और एक अन्य खेल रहे थे, इसी दौरान वहां पर पैर फिसलने से एक बच्चा डिग्गी में गिर गया जिसे बचाने के लिए एक के बाद एक बाकी बच्चे भी डिग्गी में गिर गए, डिग्गी में गिरने के बाद बच्चों की चीख पुकार सुनकर पास में स्थित आसपड़ोस के लोगों ने एक बच्चे को सुरक्षित डिग्गी से जिन्दा बाहर निकाल दिया.

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मंत्री सालेह मोहम्मद ने किया शोक व्यक्त:
घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण और पुलिस भी मौके पर पहुंची और पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से डिग्गी में गिरे हुए तीनों बच्चों रमेश, सुगना और श्रवण को डिग्गी से बाहर निकाल कर नाचना की पीएचसी ले गए, वहां पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. पुलिस ने जरुरी कार्रवाई के बाद शवों को परिजनों को सुपुर्द कर दिया. उधर इस दुखद घटना के संदर्भ में विधायक रुपाराम मेघवाल और कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद ने शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को संवेदना प्रकट की हैं.

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