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कितना भी मतभेद हो, कानून और संविधान की मर्यादा में रहें- मोहन भागवत

कितना भी मतभेद हो, कानून और संविधान की मर्यादा में रहें- मोहन भागवत

नागपुर: आज देशभर में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. विजयदशमी के मौके पर नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से पथ संचलन का आयोजन किया गया. इस अवसर पर स्वयंसेवको को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मोदी सरकार की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि यह मजबूत सरकार है जिसने कई साहसिक फैसले लिए हैं. अनुच्छेद 370 को खत्म करने के सरकार के फैसले का उन्होंने स्वागत किया.

हिंसा की प्रवृत्ति समाज में परस्पर संबंधों को नष्ट करती है: 
वहीं मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर मोहन भागवत का कहना है कि कानून व्यवस्था की सीमा का उल्लंघन कर हिंसा की प्रवृत्ति समाज में परस्पर संबंधों को नष्ट कर अपना प्रताप दिखाती है. यह प्रवृत्ति हमारे देश की परंपरा नहीं है, न ही हमारे संविधान में यह है. कितना भी मतभेद हो, कानून और संविधान की मर्यादा में रहें. न्याय व्यवस्था में चलना पड़ेगा.

सरकार में जनता ने विश्वास दिखाया: 
मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस का पहला आंदोलन ही देश में एक विधान और एक परिधान के लिए हुआ था. उन्होंने कहा कि इस सरकार में जनता ने विश्वास दिखाया है. सरकार ने भी कई कड़े फैसले लेकर बताया कि उसे जनभावना की समझ है. नई सरकार को बढ़ी हुई संख्या में फिर से चुनकर लाकर समाज ने उनके पिछले कार्यों की सम्मति दी है. 

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नागौर: जिले से डीडवाना निकलने वाले रोड पर देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में कार सवार तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. जबकि कार सवार एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया है. घायल का उपचार नागौर के जेएलएन अस्पताल में चल रहा है. जबकि मृतकों के शव रोल थाना पुलिस ने राजकीय जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए हैं. 

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कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत: 
जानकारी के अनुसार, रोल और नागौर के बीच एक कार को एक डंपर ने टक्कर मार दी. यह हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया. पुलिस के अनुसार, हादसे में कार सवार वकील गौतम नायक, उसके दोस्त शागिर खान और लक्ष्मण माली की मौत हो गई. जबकि सत्यवीर गंभीर रूप से घायल हुए है जिसका उपचार चल रहा है. 

विवाहिता ने देवर, सास और ससुर पर प्रताड़ना, तो पति पर लगाया देह व्यापार कराने का आरोप

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पादू कलां(नागौर): पति द्वारा सेक्स के नाम पर पत्नी को प्रताड़ित किए जाने और उससे जबरन धंधा करवाने को लेकर मंगलवार को पादू कलां थाने में मैरिटल रेप का अजीबोगरीब मामला सामने आया है. मामले में पत्नी ने अपने पति के खिलाफ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने, यौन हिंसा व अन्य लोगों के साथ गलत सम्बन्ध बना देह व्यापार के लिए दबाव डालने के आरोप में न्यायालय में इस्तगासा पेश कर पादू कलां थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है. इस्तगासे में दी गई रिपोर्ट में महिला ने कहा है कि उसकी शादी करीब 7- 8 वर्ष पहले बारा जिले की किशनगंज तहसील के सिमलोर गांव निवासी एक युवक से सम्‍पन्‍न हुई. दोनों का वैवाहिक जीवन अच्छे से चल रहा था.

अप्राकृतिक यौन सम्बन्ध बनाने का आरोप:
इस दौरान उसके दो संतान हुई. फिर धीरे- धीरे मेरा पति अत्‍यधिक शराब पीने लग गया व हमेशा मेरे साथ मारपीट करने लग गया. 8 सितम्बर 2020 को उसने मेरे साथ मेरी ईच्‍छा के विरूद्ध अप्राकृतिक यौन सम्बन्ध बनाये व मेरे साथ मारपीट की. इस दौरान विरोध करने पर मुझे नशीली गोलियां खिलाकर दूसरे व्‍यक्‍ति जो पति के शराब ठेके पर शराब पीने आते है, उनको मेरे पास भेजकर उनसे पैसे लेकर मुझे गलत काम करने का दबाव बनाया व मुझे चारदीवारी में कैद कर दिया. इस कृत्य में मेरे सास- ससुर, देवर सभी ने पति का साथ दिया.

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दहेज की मांग को लेकर आये दिन करता था मारपीट:
इसके अलावा उसका पति दहेज की मांग को लेकर उसके साथ आये दिन मारपीट करता है. पीड़िता महिला ने इस्तगासे में बताया की ज्यादा विरोध करने पर पति ने उसे घर से निकाल दिया. तब वो जैसे- तैसे करके अपनी मां के पास पहुंची और सारी बात अपनी मां व सौतेले पिता को बताई. न्यायालय के आदेश पर पादू कलां थाना पुलिस ने इस्तगासे अनुसार आरोपी पति व ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ धारा 498ए, 406, 323, 354, 376, 377 भारतीय दण्‍ड संहिता व धारा 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. अब प्रशिक्षु आरपीएस विकास चौधरी मामले की जांच कर रहे है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए रामकिशोर तिवारी की रिपोर्ट

Durga Ashtami 2020: राजस्थान में यहां देवी ने खुद प्रकट होने की जताई थी इच्छा, आज भी हजारों लोगों को मिल रहा रोजगार

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डीडवाना(नागौर): नवरात्र पर्व का आज अंतिम दिन है बीते नौ दिनों से आदि शक्ति के अलग अलग रूपों की पूजा कर देवी की आराधना कर नवरात्रि पर्व मनाया जा रहा है. नागौर जिले के डीडवाना स्थित नमक झील में बने महिषासुर मर्दिनी के ऐतिहासिक मंदिर में भी देवी मां की बीते नौ दिनों से भक्ति और आराधना चल रही है. डीडवाना के पाढ़ाय माता मंदिर के निर्माण और देवी के प्रकट होने को लेकर आज हम आपको बताएंगे कहानी...

देवी ने यहां खुद प्रकट होने की इच्छा जताई: 
आज से ठीक 1200 वर्ष पूर्व यहां जंगल और मैदान था और यहां एक केर का झाड़ था उसमें देवी मां आठ नौ साल की बच्ची के रूप में रहती थी. शहर के सेठ भैरवलाल सारड़ा की गाए चराने यहां एक ग्वाला गाये चराने आता था देवी मां यहां गायों का दूध पी जाती थी. जब सेठ को पता चला कि एक आठ नौ साल की बच्ची गायों का दूध पी जाती है तो खुद अपना घोड़ा लेकर देखने आए. और देवी स्वरूप बच्ची से संवाद किया तो देवी ने यहां प्रकट होने की इच्छा जताई. किवदंती है कि देवी ने कहा तुम जितनी दूर यहां से अपनी गाय और घोड़ा लेकर दौड़ोगे उतनी दूर में चांदी की खान बन जाएगी लेकिन पीछे मुड़कर मत देखना पीछे से केर से देवी गर्जना के साथ प्रकट हुई तो सेठ ने गर्जना सुनकर डर के मारे पीछे देखा कहा जाता है कि जंगल चांदी की खान में बदल गया.  सेठ ने देवी से प्राथना की कि देवी मां यहां चांदी के लिए दुनिया लड़ लड़ कर मर जाएगी और राजा मुझे जेल में डाल देंगे. सेठ ने कहा कि देवी मा यहां लाखों लोगों को रोजगार मिले ऐसा कोई काम कर दो तो देवी मां ने आशीर्वाद दिया कि कच्ची चांदी के रूप में यहां नमक की खाने बन जाएगी जो आज नमक झील के रूप में विधमान है और हजारों लोग यहां मजदूरी कर अपना पेट पालते हैं. 

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गुर्जर प्रतिहार कालीन शैली का बना हुआ ऐतिहासिक मंदिर: 
यहां निर्मित मंदिर गुर्जर प्रतिहार कालीन शैली का बना हुआ ऐतिहासिक मंदिर है. जो पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित भी किया गया है. यह गुर्जर प्रतिहारों के शांतिकाल में बना हुआ मंदिर है मुख्य द्वार पर भगवान विष्णु की शयन मुद्रा में मूर्ति विराजित है. मंदिर के दक्षिण भाग में नृत्य गणेश की मूर्ति लगी हुई है. मंदिर परिक्रमा के पूर्व भाग में भगवान नटराज की नृत्य मुद्रा में विशाल प्रतिमा लगी हुई है. तो दक्षिण भाग में देवी माँ महिषासुर मर्दिनी की मूर्ति लगी हुई है. मंदिर की मूर्तियां सब शांतिकाल और प्रसन्न मुद्रा की होने से यही कहा जाता है कि मंदिर शांतिकाल में बना हुआ है लेकिन औरंगजेब सहित कई आक्रांताओं ने यहां मन्दिर को तोड़ने का असफल प्रयास भी किया गया उसके निशान आज भी मंदिर की बाहरी मूर्तियों पर दिखाई देते है कई मूर्तियों को खंडित किया गया था. 

कोविड गाइडलाइन की पालना में आयोजन रद्द: 
मंदिर में सालभर में तरह तरह के आयोजन होते रहते हैं उनमें नवरात्र भी एक है. नवरात्र में यहां विशेष आयोजन होते रहते है. लेकिन इस बार कोविड की वजह से गाइडलाइन की पालना में आयोजन रद्द किए गए है. एक एक श्रद्धालु को ही अंदर दर्शन के लिए प्रवेश दिया जा रहा है.

...फर्स्ट इंडिया न्यूज के लिए डीडवाना (नागौर) से संवाददाता नरपत ज़ोया की रिपोर्ट

प्रेमी युगल के जान के दुश्मन बने अपने, एसपी के समक्ष प्रेमी युगल ने मांगी सुरक्षा

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नागौर: बालिक होने के बाद कानूनी रूप से शादी की इजाजत मिलने के बाद भी अभी प्रेमी युगलों को कानून का संरक्षण नहीं मिल पा रहा है. यहीं वजह की नागौर जिले का एक प्रेमी युगल इन दिनों जान बचाने को लेकर दर-दर भटक रहा है. नागौर के एसपी श्वेता धनखड़ से भी आज मुलाकात कर उन्होंने सुरक्षा की गुहार लगाई है. 

जानकारी के मुताबिक 7 सितंबर को प्रेमी युगल ने घर से भागकर यूपी में शादी कर ली, लेकिन जब वापस लौटा तब युवती के परिजनों ने हंगामा खड़ा करते हुए युवती को अपने साथ जबरन गांव ले गए, फिर उसके साथ मारपीट की गई. इसके बाद शिकायत के बाद पुलिस ने युवतियों को दस्तायब किया है. वह इस पूरे मामले में प्रेमी युगल ने नागौर के एसपी धनकड को बताया कि युवती के परिजन स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे है.

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इसके साथ ही कानूनी रूप से हुए उनकी शादी को भी मानने से इनकार करते हुए दोनों को अलग करने पर तुले हैं. वह इस पूरे मामले में नागौर के श्वेता धनखड़ ने आगे युवक और युवती दोनों अगर बालिक है तो पुलिस के द्वारा उन्हें पूरा संरक्षण मिलेगा. इसके साथ ही धमकी देने वाले आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.SP कार्यलय पर अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है.

Navratri Special: प्राचीन काली माता मंदिर में आज भी आते है राजा भर्तुहरी, अखाड़े में निकलता है घी और भभूत

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डीडवाना(नागौर): डीडवाना के प्राचीन और ऐतिहासिक शक्तिपीठ काली माता मंदिर अखाड़ा में इन दिनों नवरात्रि के विशेष आयोजन चल रहे काली माता मंदिर की मान्यता ऐसे है कि यहां आज भी राजा भर्तुहरी यहां मां काली के दर्शन कर यहां पूजा अर्चना करने आते है. मान्यता ऐसी भी है कि यह मंदिर भी 2 हजार वर्ष पहले यहां राजा भर्तुहरी ने तपस्या करने के लिए बनाया था. मंदिर की आस्था इसी वजह से और ज्यादा बढ़ जाती है और यहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन करने आते है. इस बार कोविड गाइडलाइन्स की पालना का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. 

राजा भर्तुहरी ने सन्यास लेकर की थी तपस्या:
किवदंतियां है कि डीडवाना के आसपास के क्षेत्र से निकलने वाली सरस्वती नदी के नजदीक घना जंगल हुआ करता था और यहां उज्जैन के राजा भर्तुहरी ने सन्यास लेकर जब तपस्या करने के लिए यहां आकर अपना डेरा जमाया और यहां पर मां काली का आज से 2000 वर्ष पहले छोटा सा मन्दिर बनाकर यहां तपस्या करने लगे, मंदिर में लगी मूर्ति की कार्बन डेटिंग से भी मूर्ति की उम्र 2000 से 2100 वर्ष पहले की सामने आई है. मंदिर में लगी मूर्ति भद्रकाली महिषासुर का मर्दन करते हुए है, मान्यता है कि यहां मंदिर में लगी काली माता की मूर्ति से विशेष रेज एक विशेष ओरा में निकलती रहती है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मानसिक शारीरिक और दैहिक बीमारीयो से मुक्ति मिलती है.

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ये हैं घी और भभूत निकलने के पीछे मान्यता:
मंदिर परिसर में आज भी घी और भभूत निकलता रहता है. घी और भभूत निकलने के पीछे मान्यता ऐसी भी है कि जब राजा भर्तुहरी ने यहां तपस्या की तो मंदिर के आसपास कई बड़े बड़े यज्ञ और हवन कुंड बनाये हुए थे और उनके आसपास बड़े बड़े मिट्टी के घड़ों में घी भरा रहता था और यहां वर्षभर योगियों और ऋषि मुनियों द्वारा यहां यज्ञ और हवन किये जाते रहते थे और यही वजह है कि यहां प्राचीन काल मे यज्ञ हवन कुंडों के साथ राजा भर्तुहरी का धुणा बनाया हुआ था उसका घी आज भी मार्बल के फर्श के बीच जगह जगह निकलता रहता है मान्यता है कि इस घी के स्पर्श से असाध्य रोगों का यहाँ फर्श पर  चलने और स्पर्श मात्र से इलाज हो जाता है.

श्रद्धालु आते हैं श्रद्धा से शीश नवाने:
भारत धर्म और आस्थाओं वाला देश है यहां तरह तरह की धार्मिक मान्यताएं है और लोगो की आस्था और श्रद्धा के हिसाब से मंदिर और मठ बने हुए है. जहां लोग श्रद्धा से शीश नवाने आते है. और दर्शन करने भगवान से अपना साक्षात करवाते है. डीडवाना के काली माता मंदिर की आस्था भी कुछ इसी तरह की है. जंहा लोग खिंचे चले आते है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए नरपत ज़ोया की रिपोर्ट

नागौर: गोली लगने से युवक की मौत के मामले में आया नया मोड़, आत्महत्या की गुत्थी और उलझी

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नागौर: जिले के कुचामन थाना इलाके के लिचाणा गांव में गोली लगने से युवक की मौत मामले में नया मोड़ आ गया है. पहले जहां भांवता निवासी महेंद्र गालवा नाम के युवक द्वारा लीचाणा में खुद पर ही पिस्टल से फायर कर खुदकुशी कर लेने की बात कही जा रही थी, वहीं अब मृतक महेंद्र के परिजनों की ओर से कुचामन पुलिस थाने में धारा 302 के तहत एक मुकदमा दर्ज कराया गया है.

युवती के परिजनों के खिलाफ कुचामन पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया: 
परिजनों के मुताबिक महेंद्र का लिचाणा गांव की युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था और बाद में युवती ने उसे प्रेमजाल में फंसकर लव मैरिज भी की थी. परिजनों का आरोप है कि रविवार शाम को महेंद्र को लिचाणा बुलाया गया और उसको मार दिया गया. परिजनों ने इसके आधार पर युवती के परिजनों के खिलाफ कुचामन पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. 

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मामले की जानकारी जुटाकर जांच शुरू:
इस मामले में जानकारी देते हुए कुचामन वृत्ताधिकारी मोटाराम बेनीवाल ने बताया की पुलिस को जैसे ही लिचाणा में एक युवक का शव मिलने की बात पता चली तो थानाधिकारी रामवीर जाखड़ पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे थे और मामले की जानकारी जुटाई थी. इसके बाद सीओ मोटाराम बेनीवाल और नागौर पुलिस अधीक्षक श्वेता धनखड़ भी मौके पर पहुंचे थे. इसी के साथ नागौर से एफएसएल और एमओबी की टीमें भी बुलाई गई. बाद में महेंद्र का शव कुचामन अस्पताल की मोर्चरी में लाया गया जहां आज मेडिकल बोर्ड से उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा. वृत्ताधिकारी बेनीवाल ने बताया की महेंद्र के परिजनों की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है.   
 

राजस्थान में एक ऐसा मंदिर जहां माता रानी को लगता है ढाई प्याला शराब का भोग

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नागौर: जिले के ऐतिहासिक भंवाल माता मंदिर में इन दिनों हर वक़्त भक्तों का भारी जमावड़ा लगा है. लोग दूर दूर से माता के दरबार में मन्नत मांगने आते हैं लेकिन इस बार कोविड 19 की वजह से भक्तों में थोड़ा सा डर है लेकिन आस्था है कि श्रद्धालुओं को यहां खींच कर ले आती है. नवरात्र के दिनों में मन्दिर मे मेले सा माहौल नजर आता है. भारत के साथ-साथ विदेश से आये सैलानियों में भी मशहूर काली माता के इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां माता को भक्तों द्वारा शराब का भोग लगाया जाना है. माता एक भक्त से ढाई प्याला शराब का भोग लगाती है. खास बात ये है कि माता उसी भक्त की शराब का भोग लगाती है जिसकी मनोकामना या मन्नत पूरी होनी होती है. नवरात्रा में लोग विशेष तौर पर इस मंदिर में आते हैं.

मंदिर निर्माण को 800 से ज्यादा साल हो चुके: 
राजस्थान के नागौर जिले की मेड़ता तहसील के भंवाल गांव में काली माता का मंदिर है जिसके निर्माण को 800 से ज्यादा साल हो चुके हैं. बाकि सब जगहों से हटकर भंवाल गांव के कालीमाता मंदिर की खास बात ये है कि यहां पर काली माता को भक्त प्रसाद के रूप में शराब का भोग लगाते हैं. खास बात यह है कि माता भी सभी भक्तों की शराब स्वीकार नहीं करती. केवल उसी भक्त की शराब कबूल की जाती है जिसकी मन्नत पूरी की जानी होती है. नवरात्र के मौके पर भक्त विशेष तौर पर अपनी फरियाद लेकर माता के दरबार मे आते हैं और भारी तादाद में इन दिनों माता के भक्त मंदिर में देखे जा रहे हैं.

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बह्माणी माता को चढ़ता है मीठा प्रसाद: 
मंदिर में दो माता की मूर्तियां हैं पहली बह्माणी माता जिन्हे मीठा प्रसाद चढ़ाते हैं दूसरी काली माता की जिनको शराब चढ़ाई जाती हैं. हजारों भक्त भंवाल में अपनी मुरादें लेकर आते हैं. ऐसा नहीं है कि भक्त सिर्फ मन्नत मांगने के लिए ही माता के दरबार में आते हैं बल्कि जिन भक्तों की मुराद पूरी हो जाती है वे भी फिर से माता का शुकराना अदा करने भंवाल आते हैं.

अगर माता को भक्त की शराब मंजूर हो तो शराब का प्याला खाली हो जाता है: 
मंदिर में भक्तों को इस बात का भी खास ध्यान रखना होता है कि वो चमड़े से बनी कोई चीज इस वक्त ना पहना हो जब इसकी शराब को भोग लगाया जा रहा हो. अगर भक्त चमड़े से बनी कोई चीज पहने होता है तो माता उसकी भेंट स्वीकार नहीं करती. पूजारी जब शराब का प्याला माता को चढ़ाता है तो अगर माता को भक्त की शराब मंजूर हो तो शराब का प्याला खाली हो जाता है इस तरह करके माता ढाई प्याला शराब ग्रहण करती है. 

भारत आस्था प्रधान देश:
भारत आस्था प्रधान देश है यहां आस्था पहले होती है और विज्ञान बाद में, भंवाल माता के प्रति भक्तों की आस्था भी कुछ ऐसी ही है. जिस शराब को आमतौर पर समाज में अच्छा नहीं माना जाता वहीं शराब यहां पवित्र मानी जाती है और हर उम्र के भक्तों के हाथ मे देखी जा सकती है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए डीडवाना, नागौर से नरपत जोया की रिपोर्ट
 

बीएसएफ के जवान का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

बीएसएफ के जवान का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

नागौर: मकराना उपखंड के ग्राम मामडोली के निवासी बीएसएफ के जवान सुगनाराम प्रजापत को आज नम आंखों से उनके पैतृक ग्राम में अंतिम विदाई दी गई. आपको बता दें कि कश्मीर के कुकवाड़ा पोस्ट पर 102 बटालियन में हवलदार के पद पर ग्राम मामडोली के निवासी सुगनाराम प्रजापत बीएसएफ में तैनात थे. जिसका 2 दिन पूर्व हृदयाघात हो जाने से आकस्मिक निधन हो गया था. 

पार्थिव शरीर बीती देर रात वायु मार्ग के माध्यम से जयपुर पहुंचा था: 
इसके बाद कल श्रीनगर से दिल्ली होते हुए उनका पार्थिव शरीर बीती देर रात वायु मार्ग के माध्यम से जयपुर पहुंचा था. जहां से पार्थिव शरीर सड़क मार्ग के माध्यम से अल सुबह परबतसर पहुंचा. जहां से बोरावड सबलपुर होते हुए पैतृक ग्राम मामडोली लगभग सुबह 10 बजे के करीब पहुंचा. जहां पर परिवार सहित ग्रामीण लोगों ने सुगनाराम के अंतिम दर्शन करते हुए उन्हें नम आंखों से विदाई दी.

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जवान सुगनाराम के पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी:
इस दौरान मकराना विधायक रूपाराम मुरावतिया, पूर्व विधायक जाकिर हुसैन गैसावत, पूर्व विधायक श्रीराम भींचर सहित मकराना विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए ग्रामीणों ने उन्हें पुष्प चक्र अर्पित करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए. गांव के एक खेत में भारत माता की जय कारे के साथ अंत्येष्टि पहुंची. जहां पर हिंदू रीति रिवाज के अनुसार सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान जवान सुगनाराम के पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी. इस अवसर पर ग्राम का माहौल पूरी तरह से गमगीन था और लोग भारत माता की जय कारे के नारे लगा रहे थे.