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बीजेपी की जंबो सूची में दिग्गज नेताओं के नाम नदारद

बीजेपी की जंबो सूची में दिग्गज नेताओं के नाम नदारद

जयपुर। बीजेपी की जंबो सूची में कुछ मंत्रियों के टिकट कट गये है तो कुछ कद्दावर मंत्रियों के नाम पेंडिग में डाल दिये गये। चौंकाने वाली खबर यही है कि राजे सरकार में नम्बर टू मंत्री कहे जाने वाले यूनुस खान का नाम डीडवाना से तय नहीं हुआ तो वहीं कालीचरण सराफ,राजपाल सिंह शेखावत सरीखे कद्दावर चेहरे नदारद है । 131 की सूची में अभी तक एक भी मुस्लिम को उम्मीदवार नहीं बनाये जाने की वाली बात भी चर्चाओं में है कि आखिर बीजेपी कहीं राजस्थान में हिन्दू कार्ड पर तो काम नहीं कर रही। झालरापाटन से सीएम राजे लड़ेगी विधानसभा का चुनाव। कई दिग्गज विधायकों के भी टिकट काटे गये है । मौटे तौर पर सूची पर वसुंधरा राजे का प्रभाव साफ नजर आता है। 
राजस्थान विधानसभा चुनावों के समर में उतरने के लिये बीजेपी ने अपनी जंबो सूची मैदान में उतार दी है । अधिकांश पुराने चेहरों पर विश्वास जताय़ा है तो वहीं कई कद्दावरों के टिकट काट दिये गये है। इनमें मंत्री भी शुमार है , पहले बात करते है उन कद्दावर चेहरों की जिनके टिकट काट दिय़े गये...

इन दिग्गजों के कटे टिकट
मंत्रीपरिषद के कुछ प्रमुख सदस्यों के कटे टिकट
--जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल का जैतारण से टिकट कटा
--जनजाति विकास मंत्री नंदलाल मीना को प्रतापगढ़ से टिकट नहीं
--नंदलाल की जगह उनके पुत्र हेमन्त को दिया टिकट

वो दिग्गज मंत्री जिनका नाम सूची में नहीं है
-डीडवाना से यूनुस खान
-मालवीयनगर से कालीचरण सराफ
-रतनगढ़ से राजकुमार रिणवां
-करणपुर से सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी
-के पाटन से बाबू लाल वर्मा
-बांसवाड़ा से धन सिंह रावत
-झोटवाड़ा से राजपाल सिंह शेखावत
-बहरोड से जसवंत यादव
-थानागाजी से हेम सिंह भड़ाना

वो मंत्री और संसदीय सचिव जिन्हें फिर मिला टिकट
-झालरापाटन से वसुंधरा राजे
-राजस्थान की मुख्यमंत्री है राजे
-हनुमानगढ़ से डॉ रामप्रताप(जल संसाधन मंत्री)
-चूरु से राजेन्द्र राठौड़ (ग्रामीण विकास पंचायती राज मंत्री)
-खंडेला से बंशीधर बाजिया (चिकित्सा व स्वास्थय राज्य मंत्री)
-सिविल लाइंस से अरुण चतुर्वेदी(सामाजिक न्याय आधिकारिता मंत्री)
-अजमेर उत्तर से वासुदेव देवनानी(शिक्षा राज्य मंत्री)
-अजमेर दक्षिण से अनिता भदेल(महिला बाल विकास मंत्री)
-डेगाना से अजय सिंह किलक(सहकारिता मंत्री)
-बाली से पुष्पेन्द्र सिंह(ऊर्जा राज्य मंत्री)
-लोहावट से गजेन्द्र सिंह खींवसर(खेल मंत्री)
-भोपालगढ़ से कमसा मेघवाल(राज्य मंत्री)
-पचपदरा से अमराराम चौधरी(राजस्व मंत्री)
-उदयपुर शहर से गुलाब चंद कटारिया(गृह मंत्री)
-चौरासी से सुशील कटारा(राज्य मंत्री)
-निम्बाहेड़ा से श्रीचंद कृपलानी(यूडीएच मंत्री)
-राजसमंद से किरण माहेश्वरी(उच्च शिक्षा मंत्री)
-अंता से प्रभुलाल सैनी (कृषि मंत्री)
-सिरोही से ओटाराम देवासी(देवस्थान मंत्री)

संसदीय सचिव जिन्हें फिर अवसर
-ओसियां से भैंराराम सियोल
-कुशलगढ़ से भीमा भाई डामोर
-गुढ़ा मालानी से लादू राम विश्नोई
-खंडार से जितेन्द्र गोठवाल
-खाजू वाला से संसदीय सचिव विश्वनाथ मेघवाल

वो संसदीय सचिव जिनके टिकट अटके
-महुवा से ओम प्रकाश हुड़ला
-बगरु से कैलाश वर्मा
-केकडी से संसदीय सचिव शत्रुघ्न गौतम  

विधानसभा के कद्दावरों को टिकट
-विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल को शाहपुरा(भीलवाड़ा) से टिकट
-विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह को शाहपुरा(जयपुर) से टिकट
-विधानसभा के मुख्य सचेतक कालू लाल गुर्जर को मांडल से टिकट
-हालांकि उप मुख्य सचेतक मदन राठौड़ का टिकट अटका

वो विधायक जिनके कटे टिकट
-सूरतगढ़ से राजे्द्र भादू का टिकट कटा
-भादू की जगह रामप्रताप कासनिया को टिकट
-पूर्व मंत्री-पूर्व विधायक है रामप्रताप
-सादुलशहर से गुरंजट सिंह
-हालांकि गुरंजट के पौत्र को टिकट
-पीलबंगा से द्रोपती मेघवाल का टिकट कटा
-पूर्व विधायक धर्मेन्द्र मोची को मिला टिकट
-अलवर शहर से बनवारी लाल सिंघल का कटा टिकट
-संजय शर्मा को मिला अलवर शहर से टिकट
-बयाना से बच्चू बंशीवाल का कटा टिकट
-ऋतु बनावत को बंशीवाल की जगह टिकट कटा
-किशनगढ़ से भागीरथ चौधरी का टिकट कटा
-भागीरथ की जगह युवा चेहरे विकास चौधरी को टिकट
-मेडता से सुखराम का टिकट कटा
-सुखराम की जगह भंवराराम रिठारिया को टिकट
-सोजत से संजना आगरी का टिकट कटा
-आगरी के स्थान पर शोभा चौहान को टिकट
-आर एस एस अधिकारी राजेश चौहान की पत्नी है शोभा
-जालोर से अमृता मेघवाल का कटा टिकट
-अमृता के स्थान पर जोगेश्वर गर्ग को मिला अवसर
-घाटोल से नवनीत लाल नीनामा का कटा टिकट
-घाटोल से दिया गया हरेन्द्र नीनामा को टिकट
-बड़ी सादड़ी से गौतम कुमार दक का टिकट कटा
-गौतम के स्थान पर ललित कुमार ओस्तवाल को दिया टिकट
-सागवाड़ा से अनिता कटारा का टिकट कटा
-अनिता की जगह शंकर लाल डेचा को टिकट
-खेरवाड़ा से नाना लाल अहारी का टिकट कटा
-नाना लाल की जगह दिया गया शंकर लाल खराड़ी
-मावली से दलीचंद डांगी की जगह धर्मनारायण जोशी
-डूंगरपुर से देवेन्द्र कटारा के स्थान पर माधव लाल वराहत
-रामगंज मंडी से चंद्रकांता मेघवाल का टिकट कटा
-चंद्रकांता की जगह चुनाव लड़ेंगे मदन दिलावर
-मनोहर थाना से कटा कंवर लाल का टिकट
-मनोहर थाना से गोविंद रानीपुरिया को मिला टिकट
-सहाड़ा से डॉ बी आर जाट का टिकट कटा
-सहाड़ा से रुपलाल जाट होंगे उम्मीदवार
-पिलानी से काका सुंदरलाल की जगह उनके पुत्र कैलाश को टिकट
-अलवर शहर से बनवारी लाल सिंघल की जगह संजय शर्मा
-नागौर से हबीबुर्रहमान का टिकट कटा,मोहन राम को मिला टिकट
-सोजत से संजना आगरी की जगह शोभा चौहान
-जोधपुर से कैलाश भंसाली की जगह उनके भतीजे अतुल भंसाली
-आहोर से शंकर सिंह राजपुरोहित की जगह छगन सिंह
-प्रतापगढ़ से नंदलाल मीना की जगह उनके पुत्र हेमन्त

बीजेपी ने मेराथन बैठकों के दौर के बाद सूची को अंतिम रुप दिया है । 200 विधानसभा सीटों में से अब 69 सीटों पर उम्मीदवार घोषित होना शेष । संभावना है कि कांग्रेस की सूची देखकर बीजेपी अपनी दूसरी सूची पर निर्णय करे । वर्तमान सूची में बीजेपी ने अपने मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का मान भी रखा । मदन दिलावर,जोगेश्वर गर्ग सरीखे संघनिष्ठ चेहरों की वापसी हुई । सतीश पूनिया भी संघनिष्ठ चेहरे है । वहीं नये संघनिष्ठ चेहरों के तौर पर ऋतु बनावत,विकास चौधरी सरीखे एबीवीपी से निकले युवा चेहरों पर दांव खेला है । वसुंधरा राजे ने 100 से पुराने विधायकों पर दांव खेला है । फर्स्ट इंडिया के लिये भरत के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की बिछी चौसर, तीन सीटों पर चार उम्मीदवार मैदान में 

जयपुर: राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की चौसर बिछ गई है.3 सीटों पर 4 उम्मीदवार चुनावी समर में उतरे है, दो भाजपा से और दो कांग्रेस से.तीसरी सीट के लिये रोमांचक जंग के आसार है. वोटों का गणित कांग्रेस के पक्ष में है,करीब 122 से 125 वोट कांग्रेस खेमे में माने जा रहे ,बीजेपी को उम्मीद है सेंध लगाने की.  

पूरे 200 विधायकों के वोट हैं मान्य: 
राज्यसभा चुनाव की गणित की बात करे तो एक सीट को जीतने के लिए कितने वोट चाहिए?  दरअसल, प्रदेश की तीन सीटों पर हो रहे चुनाव को लेकर पूरे 200 विधायकों के मान्य वोट हैं. प्रदेश की इन तीनों सीटों की बात करें तो हर एक सीट को जीतने के लिए प्रथम वरीयता के लिए 51 वोट चाहिए. कांग्रेस ने दोनों उम्मीदवारों को बराबरी का वोट दिलाने की रणनीति बना ली थी.

सत्ताधारी दल के पास वोटों की गणित की बात करे तो
कांग्रेस - 107
निर्दलीय - 13
बीटीपी-2
आरएलडी-1
सीपीएम - 2
कांग्रेस +=125 

बीजेपी +
72 वोट
RLP - 2
कुल वोट-74

कांग्रेस को दो सीट जीतने के लिए चाहिए 102 वोट:
तय फॉर्मूले के अनुसार कांग्रेस को दो सीट जीतने के लिए 102 वोट चाहिए जो कि पर्याप्त रूप से उसके पास हैं. वहीं बात करते है कि भाजपा के पास सदन में 72 विधायक हैं, ऐसे में प्रथम वरीयता के 51 वोट चाहिए लिहाजा भाजपा के खाते में भी एक सीट आने वाली है. दो सीटों पर बीजेपी की जीत की संभावना तभी है जब निर्दलियों और कांग्रेस कैम्प में सेंध लगे.

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बीजेपी की रणनीति
-असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों का समर्थन जुटाना
-लेकिन वोट दिखाकर देना होगा
-कांग्रेस विधायक दल के व्हीप का पालन करना अनिवार्य होगा
-क्रास वोट, अनुपस्थित और पेन/स्याही की गलती करने पर ही बीजेपी को लाभ
-निर्दलीय विधायकों का वोट गोपनीय होता है दिखाकर और नहीं दिखाकर दोनों तरीके से वोट दे सकते है
-बीजेपी की कोशिश निर्दलियों के वोट में सेंध लगे, हालांकि कार्य आसान नहीं है

बहरहाल चुनाव तो चुनाव ही है.लॉक डाउन के कारण रिसोर्ट राजनीति भले ही नजर ना आये लेकिन खेमेबंदी साफ नजर आने वाली है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट 

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19 जून को होंगे राज्यसभा चुनाव, 7 राज्यों की 18 सीटों पर होने हैं राज्यसभा चुनाव

जयपुर: राज्य सभा की 18 सीटों के लिए इस महीने की 19 तारीख को चुनाव आयोजित किए जाएंगे. चुनाव आयोग ने यह जानकारी दी है. 19 जून को राज्यसभा चुनाव होंगे. कोरोना संक्रमण के चलते चुनाव स्थगित हुए थे. 7 राज्यों की 18 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने हैं. प्रदेश की 3 सीटों पर चुनाव होने हैं.19 जून को राज्यसभा चुनाव होंगे, सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे. वहीं 19 जून को शाम 5 बजे बाद मतों की गणना होगी. कोरोना संक्रमण के चलते चुनाव स्थगित करने का फैसला लिया था. 

19 जून को इन सीटों पर होगा मतदान:
राज्यसभा की जिन 18 सीटों के लिए 19 जून को मतदान होगा. उनमें आंध्र की 4 सीट, गुजरात की 4 सीट, झारखंड की 2 सीट, मध्य प्रदेश की 3 सीट, मणिपुर की 1 सीट, मेघालय की 1 सीट और राजस्थान की 3 सीट शामिल हैं.

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राजस्थान में तीन सीटों पर होंगे चुनाव:
राजस्थान में तीन सीटों पर राज्यसभा चुनाव होंगे. चार उम्मीदवार मैदान में है, दो कांग्रेस और दो भाजपा के उम्मीदवार है. कांग्रेस के प्रत्याशी केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी है. जबकि भाजपा से राजेन्द्र गहलोत और ओंकार सिंह लखावत उम्मीदवार है. संख्या बल में कांग्रेस को बढ़त हासिल है. एक-एक सीट पर दोनों दलों की जीत तय है. तीसरी सीट के लिए चुनावी जंग होगी.

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जयपुर: राजस्थान के डिप्टी CM सचिन पायलट ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखा है. पायलट ने केन्द्र से मांग रखी है कि राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है और मौसम विभाग ने भी 27 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. इस भीषण गर्मी में मनरेगा श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये उनके निर्धारित कार्य समय एवं टास्क में कमी की जाये जिससे श्रमिक लगभग सुबह 11 बजे तक कार्य पूर्ण कर घर लौट सके.

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भीषण गर्मी को देखते हुए कार्यस्थल पर मिले आवश्यक सुविधाएं: 
पायलट ने कहा कि मनरेगा के तहत निर्धारित कार्य समय से पूर्व यदि कोई श्रमिक या श्रमिक समूह निर्धारित टास्क पूर्ण कर लेता है तो वह कार्य की माप मस्टरोल में अंकित करवाकर कार्यस्थल छोड सकता है. पायलट ने किसी भी श्रमिक को टास्क पूर्ण करने के बाद अनावश्यक रूप से कार्यस्थल पर नहीं रोकने के निर्देश दिए. साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए मनरेगा कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, छाया, मेडिकल किट, ओ.आर.एस. घोल, बच्चों के लिए पालने आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये है.

श्रमिकों के लिए मनरेगा योजना वरदान साबित:
उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि देश के अन्य राज्यों से रोजगार के अभाव में प्रदेश में लौटे श्रमिकों तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार से वंचित श्रमिकों के लिए मनरेगा योजना वरदान साबित हो रही हैं. उन्होंने बताया कि 30 मई को वर्ष 2019-20 में प्रदेश में जहां 33.02 लाख श्रमिक नियोजित थे वहीं इस वर्ष 42.80 लाख श्रमिक नियोजित हुए हैं. इस प्रकार मनरेगा योजना के तहत इस वर्ष लगभग दस लाख अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है. विभिन्न राज्यों से लौटे 1.77 लाख प्रवासी श्रमिकों के जॉब कार्ड भी जारी किये जा चुके हैं.

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नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला साल आज पूरा हो गया है. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम चिट्ठी लिखर पिछले 1 साल की सरकार की उपलब्धियों का रोडमैप बताया है.

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कोरोना पर जीत के लिए देश के दृढ़ संकल्प को भी सलाम किया: 
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा कि देशवासियों की आशाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति करते हुए हम तेज गति से आगे बढ़ ही रहे थे, कि कोरोना वैश्विक महामारी ने भारत को भी घेर लिया. कई लोगों ने आशंका जताई थी कि जब कोरोना भारत पर हमला करेगा, तो भारत पूरी दुनिया के लिए संकट बन जाएगा. पीएम ने अपनी चिट्ठी में कोरोना पर जीत के लिए देश के दृढ़ संकल्प को भी सलाम किया. 

उन्होंने लिखा कि यदि सामान्य स्थिति होती तो मुझे आपके बीच आकर आपके दर्शन का सौभाग्य मिलता, लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से जो परिस्थितियां बनी हैं उन परिस्थितियों में, मैं इस पत्र के द्वारा आपका आशीर्वाद लेने आया हूं.

बड़े शहरों को छोड़ कर जा रहे मजदूरों का मर्म भी दिखा:
मोदी के खत में बड़े शहरों को छोड़ कर जा रहे मजदूरों का मर्म भी दिखा. उन्होंने कहा कि ''निश्चित तौर पर, इतने बड़े संकट में कोई ये दावा नहीं कर सकता कि किसी को कोई तकलीफ और असुविधा न हुई हो. हमारे श्रमिक साथी, प्रवासी मजदूर भाई-बहन, छोटे-छोटे उद्योगों में काम करने वाले कारीगर, पटरी पर सामान बेचने वाले, रेहड़ी-ठेला लगाने वाले, हमारे दुकानदार भाई-बहन, लघु उद्यमी, ऐसे साथियों ने असीमित कष्ट सहा है. इनकी परेशानियां दूर करने के लिए सभी मिलकर प्रयास कर रहे हैं.

2014 की उपलब्धियों का जिक्र:
पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि हमने गरीबों के बैंक खाते खोलकर, उन्हें मुफ्त गैस कनेक्शन देकर, मुफ्त बिजली कनेक्शन देकर, शौचालय बनवाकर और घर बनवाकर गरीब की गरीमा भी बढ़ाई. इससे आगे उन्होंने लिखा कि उस कार्यकाल में जहां सर्जिकल स्ट्राइक हुई, एयर स्ट्राइक हुई. वहीं हमने वन रैंक वन पेंशन, वन नेशन वन टैक्स- जीएसटी, किसानों की MSP की बरसों पुरानी मांगों को भी पूरा करने का काम किया. पहला कार्यकाल अनेकों आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहा.

एक साल में लिए गए फैसले इन्हीं बड़े सपनों की उड़ान: 
पीएम ने कहा कि इस एक साल में लिए गए फैसले इन्हीं बड़े सपनों की उड़ान है. उन्होंने आगे लिखा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' इस मंत्र को लेकर आज देश सामाजिक हो या आर्थिक, वैश्विक हो या आंतरिक, हर दिशा में आगे बढ़ रहा है.

बीते एक वर्ष में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ज्यादा चर्चा में रहे: 
प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ज्यादा चर्चा में रहे और इस वजह से इन उपलब्धियों का स्मृति में रहना भी बहुत स्वाभाविक है. राष्ट्रीय एकता-अखंडता के लिए आर्टिकल 370 की बात हो, सदियों पुराने संघर्ष के सुखद परिणाम-राम मंदिर निर्माण की बात हो, आधुनिक समाज व्यवस्था में रुकावट बना ट्रिपल तलाक हो, या फिर भारत की करुणा का प्रतीक नागरिकता संशोधन कानून हो, ये सारी उपलब्धियां आप सभी को स्मरण हैं. 

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किसान सम्मान निधि के दायरे में हर किसानः
गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं का जिक्र करते हुए मोदी ने लिखा कि अब पीएम किसान सम्मान निधि के दायरे में हर किसान आ चुका है. पिछले एक साल में एस योजना के तहत 9.50 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 72 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा कराई गई है.

भाजपा के पूर्व मंत्री भंवर लाल शर्मा का निधन, राजनीतिक हलकों में छाई शोक की लहर

जयपुर: दिग्गज भाजपा नेता भंवर लाल शर्मा का शुक्रवार को निधन हो गया. भंवर लाल शर्मा BJP के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री रहे चुके थे. भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर ने भंवर लाल शर्मा के निधन पर गहरी संवेदना जताई. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी भंवर लाल शर्मा के निधन पर गहरी संवेदना जताते हुए शोक व्यक्त किया.

पार्थिव देह को किया नमन:
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सतीश पूनिया ने भंवरलाल शर्मा के निवास पर पहुंचकर पार्थिव देह को नमन किया. पूनिया ने कहा कि भंवरलाल शर्मा पार्टी के वरिष्ठ नेता व सबके मार्गदर्शक रहे है. उनका निधन हम सबके लिए और मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बड़ी क्षति है. शर्मा प्रदेश के आमजन के साथ हमेशा खड़े रहते थे. शर्मा की कमी हमेशा खलेगी. प्रदेश के विकास और पार्टी की मजबूती में भंवर लाल शर्मा का बड़ा योगदान है.उन्होंने विधायक और मंत्री रहते हुए कभी सरकारी बंगला और सरकारी गाड़ी का उपयोग नहीं किया.

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ओमप्रकाश माथुर ने जताया शोक:
भंवरलाल शर्मा के निधन पर भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर ने शोक जताते हुए कहा कि आत्मा को भीतर तक पीड़ा देने वाला समाचार जयपुर से प्राप्त हुआ. महामारी का ऐसा संकट की उनके अंतिम दर्शन भी ना कर पा रहा हूं. जनसंघ से जनता पार्टी फिर भाजपा पार्षद से 6 बार विधायक रहे चुके है. भंवर लाल शर्मा ने भैरों सिंह जी की हर सरकार में अहम भूमिका निभाई है. कई बार प्रदेश अध्यक्ष अनगिनत भूमिकाओं में उन्हें देखा और उनसे सिखा भी है. उनकी जीवटता , साहस, कार्यकर्ताओं से और आम जनता से उनका आज तक सतत सम्पर्क था. उनके व्यक्तित्व के बारे में हर शब्द छोटा है. मुझे उनका आशीष राजनीति में रहते और अब गांव में जीवन व्यतीत करते समय भी हमेशा प्राप्त हुआ. मेरे लिये व्यक्तिगत क्षति, एक युग का अंत एक पीढ़ी का अवसान. प्रभु अपने श्रीचरणों उन्हें स्थान दे , परिवार को सम्बल प्रदान करें.

राजनीतिक हलकों में छाई शोक की लहर:
भाजपा के पूर्व मंत्री भंवर लाल शर्मा के निधन की खबर से राजनीतिक हलकों में शोक की लहर छा गई. मुख्य सचेतक डॉ.महेश जोशी ने दुख जताया है. कहा-उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें. परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहने की क्षमता प्रदान करें.

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छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी का निधन, 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन हो गया. अजीत जोगी लंबे समय से अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने 74 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. अजीत जोगी को दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वे 20 दिन से रायपुर के अस्पताल में भर्ती थे. 

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बेटे अमित जोगी ने ट्वीट कर दी जानकारी:
उनके निधन की जानकारी उनके बेटे अमित जोगी ने ट्वीट कर दी.उन्होंने लिखा कि 20 वर्षीय युवा छत्तीसगढ़ राज्य के सिर से आज उसके पिता का साया उठ गया. केवल मैंने ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ ने नेता नहीं,अपना पिता खोया है. अजीत जोगी ढाई करोड़ लोगों के अपने परिवार को छोड़कर, ईश्वर के पास चले गए. गांव-गरीब का सहारा, छत्तीसगढ़ का दुलारा,हमसे बहुत दूर चला गया.

तीन दिन का राजकीय शोक:
अजीत जोगी के निधन पर छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. कोई भी शासकीय समारोह आयोजित नहीं होंगे. स्व. अजीत जोगी का राजकीय सम्मान के साथ 30 मई को गौरेला में अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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जयपुर: मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करने पर पीसीसी प्रवक्ता डॉ प्रदीप चतुर्वेदी को फोन पर धमकी मिली है. धमकी देने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चतुर्वेदी ने मानसरोवर के शिप्रा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. हालांकि धमकी देने वाले का खुलासा अभी नहीं हो पाया है. इस बारे में चतुर्वेदी ने टॉप लीडरशीप को लिखा है.

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लिखने पर अप्रत्याशित परिणाम भोगने के लिए तैयार रहने को भी कहा: 
चतुर्वेदी ने कहा कि एक अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर मेरे लेखों के बारे में अप्रसन्नता जाहिर की और मुझसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध लिखने का कारण पूछा. मैंने अपनी विचारधारा के बारे में उसे अवगत कराया. उस अनजान व्यक्ति ने मुझे धमकी देते हुए कहा कि मैं भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी के विरुद्ध कुछ ना लिखूं. लिखने पर अप्रत्याशित परिणाम भोगने के लिए तैयार रहने को भी कहा. इसके बाद मुझे अपशब्द बोले जिसकी रिकार्डिंग पुलिस को दे दी है. 

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देश में आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक रूप से बैंड बज रहीं- सीएम गहलोत

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉक डाउन लागू करने में केंद्र सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने लोगों से ताली, थाली व बैंड बजवा लिए और लोगों ने उनकी बात भी मानी, लेकिन हकीकत यह है कि देश में आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक रूप से बैंड बज रही है. देश को अब इसका बहुत दुख है. 

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अब देश में लापरवाही का माहौल: 
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आह्वान पर आयोजित हुए स्पीक अप इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए गहलोत ने सोनिया गांधी को तो धन्यवाद दिया, लेकिन पीएम मोदी व केंद्र सरकार पर जमकर हमले बोले. गहलोत ने कहा कि केंद्र जिस तरह राज्यों को एडवायजरी भेज रहा है, वैसे ही एडवायजरी मजदूरों के मामले में भेजनी चाहिये थी कि मजदूरों को उनके घर भिजवाने की व्यवस्था करें, कोई भी मजदूर सड़क पर नहीं दिखना चाहिए. गहलोत ने दावा किया कि ऐसा अगर होता तो 3 दिन में देश से मजदूरों वाला संकट खत्म हो जाता. कोई भी मजदूर सड़क पर पैदल नहीं चलता, लेकिन अब देश में लापरवाही का माहौल है. 

कार्यक्रम ने लाखों मजदूरों व गरीबों की आवाज बुलंद की: 
गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी के आह्वान पर हुए स्पीक अप कार्यक्रम ने लाखों मजदूरों व गरीबों की आवाज बुलंद की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान सड़कों पर हृदय विदारक दृश्य देखने को मिले. लॉक डाउन के कारण लोगों की तकलीफ शब्दों में बयान नहीं हो सकती, लेकिन केन्द्र सरकार संवेदनशील नजर नहीं आ रही. सड़क पर प्रसव हो रहे हैं, मजदूर मर रहे हैं. मुम्बई से चली ट्रेन पटना की बजाय ओडिशा पहुंच जाती है. 

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CM गहलोत ने कहा कि 90 फीसदी पैकेज तो लोन के रूप में:
केंद्र के 20 लाख करोड़ के पैकेज पर निशाना साधते हुए CM गहलोत ने कहा कि 90 फीसदी पैकेज तो लोन के रूप में है. इससे देश को कोई फायदा नहीं होने वाला. जब तक गरीब की जेब मे सीधा पैसा नहीं जाएगा, तब तक इकोनॉमी पटरी पर नहीं आ सकती, लेकिन दुर्भाग्य से इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा. दुकानें खुल रही है, लेकिन ग्राहक नहीं आ रहे. गहलोत ने मांग की है कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए नकदी का पैकेज घोषित कर राज्यों के लिए भी तुरन्त पैकेज दे. गरीब की जेब मे 10 हजार रुपये नकद देने चाहिए. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार को कई सलाह दे रही है, लेकिन केंद्र व भाजपा नेता सिर्फ आलोचना कर रहे हैं.  

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