गृह मंत्री अमित शाह बोले, जम्मू कश्मीर में किसी को शांति और विकास को अवरुद्ध नहीं करने दिया जाएगा

गृह मंत्री अमित शाह बोले, जम्मू कश्मीर में किसी को शांति और विकास को अवरुद्ध नहीं करने दिया जाएगा

गृह मंत्री अमित शाह बोले, जम्मू कश्मीर में किसी को शांति और विकास को अवरुद्ध नहीं करने दिया जाएगा

जम्मू: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि सरकार का उद्देश्य जम्मू कश्मीर से आतंकवाद का सफाया करने और नागरिकों की हत्याओं पर रोक लगाने का है. उन्होंने कहा कि किसी को इस केंद्रशासित प्रदेश में शांति और विकास को बाधित नहीं करने दिया जाएगा, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में स्थान रखता है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में 12,000 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है और सरकार का उद्देश्य 2022 के अंत तक कुल 51,000 करोड़ रुपये का निवेश लाने का है, जिससे स्थानीय युवकों को पांच लाख नौकरियां मिलेंगी.

शाह जम्मू कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. पांच अगस्त, 2019 को राज्य का विशेष दर्जा समाप्त करने तथा उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के केंद्र के फैसले के बाद यह उनका यहां का पहला दौरा है. जम्मू के भगवती नगर में जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) का नाम लिये बगैर कहा कि पिछले सात दशक में जम्मू कश्मीर का विकास नहीं कर पाने के लिए तीन परिवार जनता के प्रति जवाबदेह हैं. रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. लोगों की तालियों और नारों के बीच गृह मंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर में विकास का नया चरण शुरू हो गया है, लेकिन नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों की ओर से अड़चन पैदा करने की कोशिश की जा रही हैं. मैं यहां आपको यह विश्वास दिलाने आया हूं कि कोई अड़चन पैदा नहीं कर पाएगा और शांति तथा विकास को अवरुद्ध नहीं कर सकेगा.

2004 से 2014 के बीच कुल 2,081 आम नागरिक मारे गये हैं
कश्मीर में इस महीने आतंकवादियों द्वारा 11 आम नागरिकों की हत्या की घटनाओं की ओर इशारा करते हुए शाह ने कहा कि कुछ लोग केंद्रशासित प्रदेश में सुरक्षा हालात को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं लेकिन मैं उन्हें तथ्यों और आंकड़ों के साथ जवाब देना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कुल 2,081 आम नागरिक मारे गये और सालाना औसत मृत्यु का आंकड़ा 239 था. 2014 से इस साल सितंबर तक दुर्भाग्य से 239 आम नागरिकों की जान चली गयी यानी प्रति वर्ष 30 लोगों की मृत्यु हुई. आंकड़े कम हुए हैं लेकिन हम संतुष्ट नहीं हैं. शाह ने कहा कि हम ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं कि एक भी व्यक्ति की जान नहीं जाए और आतंकवाद का सफाया हो जाए. उन्होंने कहा कि विकास का नया चरण शुरू हुआ है, जिसे कोई नहीं रोक सकता. शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर प्रधानमंत्री के दिल में बसता है और उनकी सरकार में कोई अन्याय, भेदभाव या तुष्टीकरण नहीं होगा.

कश्मीर तथा जम्मू दोनों का साथ में विकास होगा
शाह ने कहा कि जम्मू के लोगों को दरकिनार करने का समय समाप्त हो गया है और अब कश्मीर तथा जम्मू दोनों का साथ में विकास होगा. उन्होंने कहा कि जम्मू ने कई साल तक भेदभाव का दंश झेला है. अब किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और कश्मीर तथा जम्मू दोनों का साथ में विकास होगा और विकसित जम्मू कश्मीर भारत को मजबूत करेगा. शाह ने केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद से उठाये गये अनेक कदम गिनाते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में पांच लाख रोजगार का सृजन किया गया, वहीं 25,000 लोगों को पिछले दो साल में सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से नौकरियां दी गयी हैं. तीन परिवारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे पूछ रहे हैं कि सरकार जम्मू कश्मीर को क्या देगी. उन्होंने कहा कि हमने जम्मू कश्मीर को क्या दिया है, उसकी लंबी सूची है और लोग भलीभांति जानते हैं, लेकिन राज्य की जनता उनसे जवाब मांग रही है कि सात दशक तक पूर्ववर्ती राज्य पर शासन के बावजूद उन्होंने जम्मू कश्मीर को क्या दिया है. क्या आपने अपने परिवार के सदस्यों के अलावा किसी के बारे में सोचा है. उन्होंने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के कुछ ही समय बाद उन्होंने 55,000 करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दिया, जिसमें से 33,000 करोड़ पहले ही अनेक विकास परियोजनाओं पर खर्च किये जा चुके हैं. शाह ने कहा कि आज मैंने 15,000 करोड़ रुपये की अनेक परियोजनाओं की आधारशिला रखी है. इन तीन परिवारों ने मिलकर अपने पूरे शासनकाल में मिलकर भी इतना विकास नहीं किया है. सोर्स- भाषा
 

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